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17 दिसंबर तक परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए नगर परिषद ने मैदान में उतारीं दस टीमें
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परिवार पहचान पत्र को लेकर कर्मचारियों की ड्यूटी निधारित करते कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान।
- फोटो : Jind
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परिवार पहचान पत्र का काम 17 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। इसके लिए जींद शहर में परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए नगर परिषद ने खास योजना तैयार की है। इसके तहत कार्यालय के स्टाफ को भी मैदान में उतारा गया है। इस काम के लिए 20 लोगों को तैनात किया गया है, जो दस टीम बनाकर घर-घर जाएंगे और लोगों का परिवार पहचान पत्र बनाने और अपडेट करने का काम करेंगे। इसके लिए कार्यालय में तैनात टैक्स क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर माली तक को फील्ड में उतारा गया है। इसके लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान ने कार्यालय में बैठक कर कर्मचारियों को दिश-निर्देश दिए। इसका असर अगले कुछ दिन तक कार्यालय में काम करवाने के लिए आने वाले लोगों पर पड़ेगा।
गौरतलब है कि जींद शहर में करीब 40 हजार परिवारों के पहचान पत्र बनाए जाने हैं। इनमें से अभी 20 हजार परिवारों के नहीं बने हैं। जिन लोगों के परिवार पहचान पत्रों में त्रुटियां हैं उन्हें भी अपडेट किया जाएगा। हालांकि लोग खुद भी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपना परिवार पहचान पत्र बनवा सकते हैं।
लोग तीन दस्तावेज रखें साथ
अब यह अभियान शुरू हो चुका है। ऐसे में कभी भी नगर परिषद की टीम आपके घर दस्तक दे सकती है। इस दौरान परिवार पहचान पत्र के लिए परिवार के सभी लोगों का आधार कार्ड साथ रखना जरूरी है। इसके अलावा वोटर कार्ड व हर व्यक्ति के बैंक खाते का नंबर भी कर्मचारियों को देना होगा। यदि सदस्य नाबालिग है और उसका वोटर कार्ड या बैंक खाता नहीं हैं तो इसकी जानकारी कर्मचारी को दी जा सकती है। हर सदस्य का मोबाइल फोन नंबर भी दर्ज होगा। परिवार पहचान पत्र के फार्म के कुल 11 कॉलम भरे जाएंगे।
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वार्ड एक और दो में चलाया अभियान
परिवार पहचान पत्र आने वाले समय में बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज बनने जा रहा है। इसके नहीं होने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली सेवाओं और लाभों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में हर व्यक्ति को चाहिए वह नगर परिषद की टीम का सहयोग करे। वहीं लोग खुद भी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर परिवार पहचान पत्र बनवाएं। इससे यह काम जल्द पूरा होगा। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर कोई पैसा नहीं देना है। यदि कोई सीएससी संचालक पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत करें। साथ ही अगले कुछ दिन तक नगर परिषद कार्यालय में काम करवाने के लिए नहीं आएं। बहुत जरूरी काम से ही लोग आएं। अधिकतर कर्मचारियों की ड्यूटी फील्ड में लगाई गई है।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
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गौरतलब है कि जींद शहर में करीब 40 हजार परिवारों के पहचान पत्र बनाए जाने हैं। इनमें से अभी 20 हजार परिवारों के नहीं बने हैं। जिन लोगों के परिवार पहचान पत्रों में त्रुटियां हैं उन्हें भी अपडेट किया जाएगा। हालांकि लोग खुद भी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपना परिवार पहचान पत्र बनवा सकते हैं।
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लोग तीन दस्तावेज रखें साथ
अब यह अभियान शुरू हो चुका है। ऐसे में कभी भी नगर परिषद की टीम आपके घर दस्तक दे सकती है। इस दौरान परिवार पहचान पत्र के लिए परिवार के सभी लोगों का आधार कार्ड साथ रखना जरूरी है। इसके अलावा वोटर कार्ड व हर व्यक्ति के बैंक खाते का नंबर भी कर्मचारियों को देना होगा। यदि सदस्य नाबालिग है और उसका वोटर कार्ड या बैंक खाता नहीं हैं तो इसकी जानकारी कर्मचारी को दी जा सकती है। हर सदस्य का मोबाइल फोन नंबर भी दर्ज होगा। परिवार पहचान पत्र के फार्म के कुल 11 कॉलम भरे जाएंगे।
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परिवार पहचान पत्र आने वाले समय में बहुत महत्वपूर्ण दस्तावेज बनने जा रहा है। इसके नहीं होने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली सेवाओं और लाभों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में हर व्यक्ति को चाहिए वह नगर परिषद की टीम का सहयोग करे। वहीं लोग खुद भी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर परिवार पहचान पत्र बनवाएं। इससे यह काम जल्द पूरा होगा। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर कोई पैसा नहीं देना है। यदि कोई सीएससी संचालक पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत करें। साथ ही अगले कुछ दिन तक नगर परिषद कार्यालय में काम करवाने के लिए नहीं आएं। बहुत जरूरी काम से ही लोग आएं। अधिकतर कर्मचारियों की ड्यूटी फील्ड में लगाई गई है।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।