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Jind News: स्कूल में आवश्यक संसाधन हैं या नहीं अब ब्लॉक स्तर के अधिकारी तय करेंगे

Wed, 15 Apr 2026 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Wed, 15 Apr 2026 11:59 PM IST
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Block level officials will now decide whether the school has the necessary resources or not.
15जेएनडी26: खेल गतिवि​धियों के माध्यम से ​शिक्षा ग्रहण करते विद्यार्थी। संवाद - फोटो : 1
जींद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग ने निपुण मिशन के अंतर्गत क्लासरूम रेडीनेस प्रोग्राम को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव, निदेशक मौलिक शिक्षा और एसपीडी समग्र शिक्षा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
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जिला समन्वयक एफएलएन, राजेश वशिष्ठ ने बताया कि अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर पर प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय कर दी गई है। अब ब्लॉक स्तर के अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि स्कूल में आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही वे कक्षा रेडीनेस स्किल पासबुक का मूल्यांकन करेंगे और रैंडम आधार पर विद्यार्थियों के सीखने के आंकड़ों की पुष्टि करेंगे। डायट प्राचार्य और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी साप्ताहिक वर्चुअल बैठकों के माध्यम से प्रगति की समीक्षा करेंगे और मेंटर रिपोर्ट के आधार पर ढिलाई बरतने वालों की जवाबदेही तय करेंगे। एबीआरसी और बीआरपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे निरंतर फील्ड में रहकर यह जांचें कि शिक्षक पासबुक को सही ढंग से भर रहे हैं। वे विद्यार्थियों का स्पॉट असेसमेंट भी करेंगे ताकि बच्चों की वास्तविक प्रगति का पता चल सके। इस कार्यक्रम की सफलता की पूरी कमान शिक्षकों के हाथों में है।
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विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे हिंदी, अंग्रेजी और गणित में बच्चों की बुनियादी क्षमताओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दें। कक्षा में पारंपरिक रटने वाली पद्धति के बजाय खेल-खेल में सीखना जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। शिक्षकों को प्रत्येक बच्चे की दैनिक प्रगति को स्किल पासबुक में दर्ज करना होगा और बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए भ्रमण करवाना होगा। साथ ही बच्चों के सुधार के लिए अभिभावकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना अनिवार्य किया गया है। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान में निपुण बनाना है।
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