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Jind News: पीएनबी के स्वरोजगार मेले में लिया ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण
Mon, 23 Jun 2025 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 23 Jun 2025 12:15 AM IST
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22जेएनडी31: सरिता। स्वय
जींद। शहर में चल रहे ब्यूटी पार्लर महिलाओं के लिए बेहतर रोजगार का साधन बने हैं। इसके लिए पीएनबी के स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र को भी श्रेय मिल रहा है। शहर के सफीदों रोड पर चल रहा हर्षिता मेकओवर ब्यूटी पार्लर की संचालक सरिता बेहतर आमदनी प्राप्त करके परिवार का पालन पोषण खुद कर रही है।
सरिता ने बताया कि उनको बचपन से ही कुछ बेहतर करने का शोक था, लेकिन शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियों ने उनको रोके रखा। इसके कुछ समय बाद उसने अपनी इच्छा को पति के सामने जाहिर किया तो उन्होंने इसके लिए मंजूरी दी।
इसके बाद उन्होंने एक महीना पीएनबी के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण शिविर में ब्यूटी पार्लर का काम सीखा। इसके बाद शहर में ब्यूटी पार्लर चला रही मनीषा से उनकी जान पहचान हुई और उन्होंने उसको अपने पार्लर में बेहतर काम की जानकारी दी। जहां पर उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय तक काम किया। इसके बाद घर पर पार्लर चलाया। जहां उनको आमदनी अच्छी लगी तो उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए सफीदों रोड पर पार्लर शुरू किया।
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अब वह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहीं। इस तरह से उन्होंने निशुल्क काम सीखकर अपने सपने पूरे किया उसी तर्ज पर वह भी जरूरतमंद महिलाओं को यह काम सीखा रही है, ताकि प्रत्येक महिला किसी पर निर्भर न रहकर अपना खुद का बेहतर काम कर सके।
उन्होंने बताया कि किसी के दरवाजे पर जाकर कम रुपयों में नौकरी करने से कई गुना बेहतर काम पार्लर का है। महिलाओं को खुद के काम में रूचि दिखानी चाहिए। जो जरूरतमंद महिला काम सीखना चाहती है। वह उनके पास आकर अपने सपने को पूरा कर सकती हैं।
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सरिता ने बताया कि उनको बचपन से ही कुछ बेहतर करने का शोक था, लेकिन शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियों ने उनको रोके रखा। इसके कुछ समय बाद उसने अपनी इच्छा को पति के सामने जाहिर किया तो उन्होंने इसके लिए मंजूरी दी।
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इसके बाद उन्होंने एक महीना पीएनबी के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण शिविर में ब्यूटी पार्लर का काम सीखा। इसके बाद शहर में ब्यूटी पार्लर चला रही मनीषा से उनकी जान पहचान हुई और उन्होंने उसको अपने पार्लर में बेहतर काम की जानकारी दी। जहां पर उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय तक काम किया। इसके बाद घर पर पार्लर चलाया। जहां उनको आमदनी अच्छी लगी तो उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए सफीदों रोड पर पार्लर शुरू किया।
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अब वह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहीं। इस तरह से उन्होंने निशुल्क काम सीखकर अपने सपने पूरे किया उसी तर्ज पर वह भी जरूरतमंद महिलाओं को यह काम सीखा रही है, ताकि प्रत्येक महिला किसी पर निर्भर न रहकर अपना खुद का बेहतर काम कर सके।
उन्होंने बताया कि किसी के दरवाजे पर जाकर कम रुपयों में नौकरी करने से कई गुना बेहतर काम पार्लर का है। महिलाओं को खुद के काम में रूचि दिखानी चाहिए। जो जरूरतमंद महिला काम सीखना चाहती है। वह उनके पास आकर अपने सपने को पूरा कर सकती हैं।