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Jind News: सावधान... अभी से मिलने लगे लार्वा, डेंगू से बचने के लिए बरतें सावधानी
Sat, 04 May 2024 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 04 May 2024 01:02 AM IST
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03जेएनडी10 : जांच के लिए बुखार पीड़ित लोगों के रक्त के नमूने लेते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
जींद। डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें कापी समय से काम कर रही हैं। उनको अभी तक लार्वा नहीं मिला था। मगर शुक्रवार को कालवा गांव में स्वास्थ्य सुपरवाइजर बिजेंद्र बूरा के नेतृत्व में आठ टीमों ने 1350 घरों की जांच की तो तीन जगह पर लार्वा मिला। उनको मौके पर ही नष्ट क दिया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अगर अब भी चूक की तो वर्ष 2015 जैसा हाल होगा।
जिले में सबसे ज्यादा वर्ष 2015 में डेंगू के 668 मामले सामने आए थे। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया, जिससे साल दर साल डेंगू के मामले कम होते गए। स्वास्थ्य विभाग को वर्ष 2016 में 157, 2017 में 135, 2018 में 98, 2019 में 47, 2020 में 28, तथा 2021 में 622, वर्ष 2022 में 535 मामले मिले थे। वर्ष 2023 में डेंगू के 340 मामले मिले थे। वर्ष 2024 में अभी तक डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सितंबर और अक्टूबर को डेंगू के लिए पीक सीजन माना जाता है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। यह मौसम मच्छरों के पैदा होने के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। ऐसे में समय रहते ही स्वास्थ्यकर्मियों ने एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई हुई है। अब कालवा गांव में तीन जगह लार्वा मिलने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने एंटी लार्वा एक्टिविटी को और तेज कर दिया है। शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामराय के तहत गांव रामराय में स्वास्थ्य सुपरवाइजर जगदीश सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों ने फीवर मास सर्वे किया गया।
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शहर में चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छरजनित रोगों के अलावा दूषित पानी से होने वाली डायरिया, हैजा व पीलिया जैसी बीमारियों से निजात पाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा शहरभर में घर-घर जाकर लोगो को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छरजनित रोगों व दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी देने के अलावा निरोगी हरियाणा के तहत मधुमेह, उच्च रक्तचाप, खून की कमी की जांच करते हुए लोगों को समय पर इलाज लेने की सलाह दे रहे हैं।
डेंगू व मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग कर्मी लगातार फीवर मास सर्वे कर रहे हैं। लोगों को लगातार मौसमी बीमारियों को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जहां भी लार्वा मिला है, मौके पर ही नष्ट किया गया है। कालवा गांव में तीन जगह लार्वा मिला है, ऐसे में स्वास्थ्य कर्मचारियों को और अधिक गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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जिले में सबसे ज्यादा वर्ष 2015 में डेंगू के 668 मामले सामने आए थे। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया, जिससे साल दर साल डेंगू के मामले कम होते गए। स्वास्थ्य विभाग को वर्ष 2016 में 157, 2017 में 135, 2018 में 98, 2019 में 47, 2020 में 28, तथा 2021 में 622, वर्ष 2022 में 535 मामले मिले थे। वर्ष 2023 में डेंगू के 340 मामले मिले थे। वर्ष 2024 में अभी तक डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सितंबर और अक्टूबर को डेंगू के लिए पीक सीजन माना जाता है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। यह मौसम मच्छरों के पैदा होने के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। ऐसे में समय रहते ही स्वास्थ्यकर्मियों ने एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई हुई है। अब कालवा गांव में तीन जगह लार्वा मिलने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने एंटी लार्वा एक्टिविटी को और तेज कर दिया है। शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामराय के तहत गांव रामराय में स्वास्थ्य सुपरवाइजर जगदीश सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों ने फीवर मास सर्वे किया गया।
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शहर में चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छरजनित रोगों के अलावा दूषित पानी से होने वाली डायरिया, हैजा व पीलिया जैसी बीमारियों से निजात पाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा शहरभर में घर-घर जाकर लोगो को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छरजनित रोगों व दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी देने के अलावा निरोगी हरियाणा के तहत मधुमेह, उच्च रक्तचाप, खून की कमी की जांच करते हुए लोगों को समय पर इलाज लेने की सलाह दे रहे हैं।
डेंगू व मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग कर्मी लगातार फीवर मास सर्वे कर रहे हैं। लोगों को लगातार मौसमी बीमारियों को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जहां भी लार्वा मिला है, मौके पर ही नष्ट किया गया है। कालवा गांव में तीन जगह लार्वा मिला है, ऐसे में स्वास्थ्य कर्मचारियों को और अधिक गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

03जेएनडी10 : जांच के लिए बुखार पीड़ित लोगों के रक्त के नमूने लेते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद