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Jind News: निर्धारित होने के बाद भी पार्किंग में नहीं खड़े हो रहे ऑटो, लग रहा जाम
Sun, 28 Sep 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 28 Sep 2025 11:48 PM IST
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28जेएनडी11-बस स्टैंड के मुख्य गेट के बाहर खड़े ऑटो व ई रिक्शा चालक। संवाद
जींद। पार्किंग प्रवेश द्वार के पास जगह निर्धारित होने के बावजूद सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालक वहां खड़े नहीं होते। ज्यादातर ऑटो और ई-रिक्शा वाले अभी भी बस स्टैंड के गेट के बाहर ही खड़े रहते हैं। इस कारण गेट के पास अभी भी जाम की स्थिति बनी रहती है।
वहीं सितंबर की शुरुआत में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए पार्किंग जगह अलॉट हुई थी। पार्किंग गेट के प्रवेश द्वार के पास ऑटो स्टैंड के लिए जगह चुनी गई है जहां 25 से 30 ऑटो खड़े करने की जगह है। जिस ठेकेदार को जगह मिली है, उसे 40 हजार रुपये प्रति महीना व 18 प्रतिशत जीएसटी किराया देना है। यह ठेका मार्च 2028 तक रहेगा। उम्मीद तो यही जताई जा रही थी कि ऑटो पार्किंग के लिए जगह अलॉट होने के बाद गेट के बाहर जाम की स्थिति से मुक्ति मिलेगी।
साल 2013 में पिंडारा के पास नए बस अड्डे की घोषणा तत्कालीन कांग्रेस सरकार में हुई थी। 2015 में इस पर काम शुरू हुआ और 2020 में बनकर यह तैयार भी हो गया। मार्च 2022 में बस स्टैंड शुरू हुआ था। बस अड्डे के निर्माण पर 32 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
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इसके प्रथम तल पर महाप्रबंधक कार्यालय, चालक-परिचालकों के लिए डोर मैटरी जैसी सुविधाएं हैं तो भू-तल पर एक पुलिस पोस्ट, रेस्टोरेंट, एक क्लाॅक रूम, 15 दुकानें, महिला प्रतीक्षा कक्ष और एटीएम बूथ बनाए गए हैं।
बसों के 18 बूथ बनाए गए हैं। बसों को खड़ा करने के लिए सात एकड़ जमीन खाली छोड़ी गईं हैं और पांच एकड़ में वर्कशॉप बनी हुई है। हाईवे पर पुल से उतरते ही बस स्टैंड बना हुआ है।
सफीदों रोड और गोहाना रोड पर बसों और अन्य वाहनों के आने-जाने के लिए सर्विस रोड बना हुआ है। बस स्टैंड के मुख्य गेट के सामने ही ऑटो और ई-रिक्शा खड़ी रहती थी जिससे बस स्टैंड के गेट पर भीड़ लगी रहती है।
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बस स्टैंड के गेट के बाहर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को हटवाना प्रशासन का काम है। बस स्टैंड के गेट के बाहर जो बड़े-बड़े बैरिकेड रखे हैं उसे हटवाने के लिए भी लिख चुके हैं। ऑटो चालकों की पार्किंग प्रवेश द्वार के पास जगह निर्धारित कर रखी है।
-राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।
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वहीं सितंबर की शुरुआत में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए पार्किंग जगह अलॉट हुई थी। पार्किंग गेट के प्रवेश द्वार के पास ऑटो स्टैंड के लिए जगह चुनी गई है जहां 25 से 30 ऑटो खड़े करने की जगह है। जिस ठेकेदार को जगह मिली है, उसे 40 हजार रुपये प्रति महीना व 18 प्रतिशत जीएसटी किराया देना है। यह ठेका मार्च 2028 तक रहेगा। उम्मीद तो यही जताई जा रही थी कि ऑटो पार्किंग के लिए जगह अलॉट होने के बाद गेट के बाहर जाम की स्थिति से मुक्ति मिलेगी।
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साल 2013 में पिंडारा के पास नए बस अड्डे की घोषणा तत्कालीन कांग्रेस सरकार में हुई थी। 2015 में इस पर काम शुरू हुआ और 2020 में बनकर यह तैयार भी हो गया। मार्च 2022 में बस स्टैंड शुरू हुआ था। बस अड्डे के निर्माण पर 32 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
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इसके प्रथम तल पर महाप्रबंधक कार्यालय, चालक-परिचालकों के लिए डोर मैटरी जैसी सुविधाएं हैं तो भू-तल पर एक पुलिस पोस्ट, रेस्टोरेंट, एक क्लाॅक रूम, 15 दुकानें, महिला प्रतीक्षा कक्ष और एटीएम बूथ बनाए गए हैं।
बसों के 18 बूथ बनाए गए हैं। बसों को खड़ा करने के लिए सात एकड़ जमीन खाली छोड़ी गईं हैं और पांच एकड़ में वर्कशॉप बनी हुई है। हाईवे पर पुल से उतरते ही बस स्टैंड बना हुआ है।
सफीदों रोड और गोहाना रोड पर बसों और अन्य वाहनों के आने-जाने के लिए सर्विस रोड बना हुआ है। बस स्टैंड के मुख्य गेट के सामने ही ऑटो और ई-रिक्शा खड़ी रहती थी जिससे बस स्टैंड के गेट पर भीड़ लगी रहती है।
बस स्टैंड के गेट के बाहर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को हटवाना प्रशासन का काम है। बस स्टैंड के गेट के बाहर जो बड़े-बड़े बैरिकेड रखे हैं उसे हटवाने के लिए भी लिख चुके हैं। ऑटो चालकों की पार्किंग प्रवेश द्वार के पास जगह निर्धारित कर रखी है।
-राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो।