फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Arbitrariness...how can the patients go, e-rickshaw drivers keep blocking the way to the hospital

Jind News: मनमानी...कैसे जाएं मरीज, ई-रिक्शा चालक अस्पताल का घेरे रहते रास्ता

Sun, 22 Jun 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 22 Jun 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
Arbitrariness...how can the patients go, e-rickshaw drivers keep blocking the way to the hospital
22जेएनडी07: नागरिक अस्पताल के बाहर से शव गृह की तरफ जाने वाले मुख्य गेट के निकट खड़े ऑटो चालक।
जींद। थ्रीव्हीलर चालकों, ई-रिक्शा चालकों की जरा सी लापरवाही कभी भी किसी गंभीर मरीज की जान ले सकती है। इसका कारण है कि थ्रीव्हीलर चालक, ई-रिक्शा चालक पूरा दिन नागरिक अस्पताल के गेट पर सवारी बैठाने के चक्कर में जमावड़ा लगाए रहते हैं। ऐसे में गोहाना रोड तो बाधित होता ही है साथ ही अगर एंबुलेंस को गेट से ले जाना चाहे तो जल्द नहीं ले जाया सकता है।
विज्ञापन

गंभीर मरीज के लिए एक-एक पल कीमती होता है और इन रिक्शा चालकों को हटने में ही 5 से 10 मिनट का समय लग जाता है। नागरिक अस्पताल के गेट पर ऑटो चालकों का पूरी तरह से कब्जा हो गया है। यहां पर मरीजों के आने के लिए भी जगह नहीं बचती है। इसके अलावा अस्पताल के अंदर भी अब ऑटो स्टैंड बना लिया है।
विज्ञापन

ऑटो चालकों की मनमानी को रोकने वाला कोई नहीं है। नागरिक अस्पताल में एंट्री को लेकर दो गेट हैं। एक राजकीय महाविद्यालय के सामने हैं और दूसरा कुछ दूरी पर उससे आगे है। जो गेट महाविद्यालय के सामने है वहां से भी एंबुलेंस ले जाई जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि नागरिक अस्पताल में पुरानी बिल्डिंग में जाने के लिए गोहाना रोड पर एक ही मुख्य गेट था। इसके बाद नई बिल्डिंग बनी तो दूसरा गेट बनाया गया। पहले वाले गेट से नई बिल्डिंग का रास्ता काफी लंबा पड़ता था। इस रास्ते को छोटा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गोहाना रोड पर ही शवगृह के पास दूसरा गेट बना दिया, ताकि मरीजों को परेशानी नहीं हो। गंभीर मरीजों को भी एंबुलेंस के माध्यम से यहीं से ले जा जा सके। परंतु अब इस गेट पर थ्रीव्हीलर चालकों का कब्जा हो गया है। सवारी उठाने के चक्कर में ऑटो चालक इस गेट पर पूरा दिन खड़े रहते हैं। इससे मरीजों को निकलने में ही काफी परेशानी होती है। इनके अलावा राजकीय कॉलेज व डीआरएडीए के सामने भी यही हाल रहता है। यहां से निकलने वाले वाहन चालक सुरक्षित नहीं हैं।

किसी की मौत हो तो रास्ता पूरी तरह ब्लॉक
किसी की मौत होती है या किसी के शव को पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम रूम में लाया जाता है तो ई बिल्डिंग में जाने का यह रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है। इस रास्ते पर शवगृह है। इसलिए पोस्टमार्टम करवाने वाले लोग भी यहीं खड़े होते हैं। ऑटो चालकों की मनमानी के कारण पोस्टमार्टम करवाने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कर्मियों की लगाई डयूटी, पुलिस व होमगार्ड भी खड़े हुए, पर नहीं माने ऑटो चालक
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑटो चालकों को गेट के आगे खड़ा होने से रोकने के लिए कई बार अपने सिक्योरिटी गार्डों को यहां खड़ा किया गया, लेकिन ऑटो चालक उनकी बात नहीं मानते। इसके बाद पुलिस व होमगार्ड जवानों की डयूूटी लगाई गई, लेकिन फिर भी बात नहीं बनी। ऐसे में अब नई बिल्डिंग की तरफ जाने वाले रास्ते पर लगे दोनों गेट बंद हैं और एक छोटा सा रास्ता आने-जाने के लिए ही छोड़ा गया है। वहीं सड़क क्रॉस करके सामने ही राजकीय महाविद्यालय है। यहां पर एक पीसीआर खड़ी रहती है, लेकिन पीसीआर कर्मचारी केवल कॉलेज तक ही सीमित रहते हैं।



----------------ऑटो चालकों को कई बार रास्ते के आगे ऑटो न खड़ा करने के लिए कहा गया है। ऑटो चालक अपनी मनमानी करते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर कई बार गेट पर सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी लगाई है लेकिन ऑटो चालक लड़ाई-झगड़े पर उतर आते हैं। उनको कई बार चिकित्सकों की टीम ने समझा भी है लेकिन वह नहीं मान रहे हैं। ऑटो चालकों की मनमानी रोकने के लिए पुलिस से अनुरोध किया गया है।
--डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएमस नागरिक अस्पताल जींद।

22जेएनडी07:  नागरिक अस्पताल के बाहर से शव गृह की तरफ जाने वाले मुख्य गेट के निकट खड़े ऑटो चालक।

22जेएनडी07: नागरिक अस्पताल के बाहर से शव गृह की तरफ जाने वाले मुख्य गेट के निकट खड़े ऑटो चालक।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed