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Jind News: सेवा ज्योति कार्यक्रम के लिए 75 रोडवेज बसें लगाईं, लोकल रूट के यात्रियों को हुई परेशानी
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फोटो 07जेएनडी16-बस अड्डे पर रोडवेज बस नहीं होने से लगा निजी बसों का जमावड़ा। संवाद
- फोटो : Archive
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जींद। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को अर्जुन स्टेडियम में आयोजित जिलास्तरीय सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम में लोगों को लाने के लिए रोडवेज डिपो की 75 बसें लगाई गईं। बसों का असर शहर के लोकल रूट पर दिखाई दिया।
हांसी, बरवाला, असंध और उचाना रूट पर चलने वाली बसों को शहर के अंदर से निकालने के बजाय हाईवे और फ्लाईओवर के रास्ते निर्धारित रूट पर भेजा गया। इससे शहर के अंदर से बस पकड़ने वाले यात्रियों को परेशानी हुई।
रोडवेज की बसें आमतौर पर हांसी, हिसार, बरवाला, असंध, करनाल, कैथल लोकल और नरवाना रूट पर बस स्टैंड से निकलकर गोहाना रोड, लघु सचिवालय, नागरिक अस्पताल, पुराना बस स्टैंड, रानी तालाब, एसडी स्कूल, सफीदों गेट, रुपया चौक और सब्जी मंडी मोड़ होते हुए पटियाला चौक तक जाती हैं।
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इन स्थानों से बड़ी संख्या में यात्री बस पकड़ते हैं। शहर के अंदर से बस मिलने के कारण उन्हें बस स्टैंड तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती और ऑटो का किराया भी बचता है।
बुधवार को इन रूटों की बसों को शहर के अंदर से नहीं भेजे जाने के कारण यात्रियों को बस पकड़ने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा से बस स्टैंड या दूसरे निर्धारित स्थानों तक जाना पड़ा। इससे यात्रियों का अतिरिक्त समय और किराया खर्च हुआ। दूसरी ओर जुलाना, रोहतक, कैथल और भिवानी जैसे रूट पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसों के फेरे बढ़ाए गए।
वर्जन
जिला स्तरीय कार्यक्रम के लिए कुछ बसें लगाई गई थीं। यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए जिन रूटों पर अधिक यात्री थे, वहां बसों के फेरे बढ़ाए गए। वीरवार से सभी बसें अपने निर्धारित रूट से होकर चलेंगी। -सुनील पूनिया, डीआई, रोडवेज डिपो जींद
हांसी, बरवाला, असंध और उचाना रूट पर चलने वाली बसों को शहर के अंदर से निकालने के बजाय हाईवे और फ्लाईओवर के रास्ते निर्धारित रूट पर भेजा गया। इससे शहर के अंदर से बस पकड़ने वाले यात्रियों को परेशानी हुई।
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रोडवेज की बसें आमतौर पर हांसी, हिसार, बरवाला, असंध, करनाल, कैथल लोकल और नरवाना रूट पर बस स्टैंड से निकलकर गोहाना रोड, लघु सचिवालय, नागरिक अस्पताल, पुराना बस स्टैंड, रानी तालाब, एसडी स्कूल, सफीदों गेट, रुपया चौक और सब्जी मंडी मोड़ होते हुए पटियाला चौक तक जाती हैं।
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इन स्थानों से बड़ी संख्या में यात्री बस पकड़ते हैं। शहर के अंदर से बस मिलने के कारण उन्हें बस स्टैंड तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती और ऑटो का किराया भी बचता है।
बुधवार को इन रूटों की बसों को शहर के अंदर से नहीं भेजे जाने के कारण यात्रियों को बस पकड़ने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा से बस स्टैंड या दूसरे निर्धारित स्थानों तक जाना पड़ा। इससे यात्रियों का अतिरिक्त समय और किराया खर्च हुआ। दूसरी ओर जुलाना, रोहतक, कैथल और भिवानी जैसे रूट पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसों के फेरे बढ़ाए गए।
वर्जन
जिला स्तरीय कार्यक्रम के लिए कुछ बसें लगाई गई थीं। यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए जिन रूटों पर अधिक यात्री थे, वहां बसों के फेरे बढ़ाए गए। वीरवार से सभी बसें अपने निर्धारित रूट से होकर चलेंगी। -सुनील पूनिया, डीआई, रोडवेज डिपो जींद