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एकड़ का मुआवजा दे सरकार
Updated Sat, 18 Nov 2017 11:22 PM IST
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किसानों ने कहा, 88 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अधिक मुआवजे की मांग को लेकर अनूपगढ़ गांव में चार गांवों के किसानों का धरना जारी रहा। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि उनको प्रति एकड़ 88 लाख रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। जब तक सरकार ऐसा नहीं करती, वे बाईपास का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे।
भारतीय किसान संघ के नेताओं ने कहा कि सरकार अनूपगढ़, बिशनपुरा, बिरौली, असरफगढ़ के किसानों की जमीन कोड़ियों के भाव लूट रही है। हैबतपुर गांव में प्रति एकड़ 88 लाख रुपये के हिसाब से मुआवजा किसानों को दिया है। ऐसे में इन गांवों के किसानों को भी इसी कीमत से मुआवजा दिया जाए। इसको लेकर किसानों का 40 दिन से धरना जारी है। भारतीय किसान संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी रणदीप आर्य ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण आज हरियाणा का किसान बर्बादी के कगार पर है। उन्होंने कहा कि चारों गांव के किसान पिछले 40 दिन से धरने पर बैठे हैं परंतु सरकार या जिला प्रशासन ने अभी तक किसानों की सुध नहीं है। इस पर रविवार को सोनीपत में होने वाली किसान संघ की बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अधिक मुआवजे की मांग को लेकर अनूपगढ़ गांव में चार गांवों के किसानों का धरना जारी रहा। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि उनको प्रति एकड़ 88 लाख रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। जब तक सरकार ऐसा नहीं करती, वे बाईपास का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे।
भारतीय किसान संघ के नेताओं ने कहा कि सरकार अनूपगढ़, बिशनपुरा, बिरौली, असरफगढ़ के किसानों की जमीन कोड़ियों के भाव लूट रही है। हैबतपुर गांव में प्रति एकड़ 88 लाख रुपये के हिसाब से मुआवजा किसानों को दिया है। ऐसे में इन गांवों के किसानों को भी इसी कीमत से मुआवजा दिया जाए। इसको लेकर किसानों का 40 दिन से धरना जारी है। भारतीय किसान संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी रणदीप आर्य ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण आज हरियाणा का किसान बर्बादी के कगार पर है। उन्होंने कहा कि चारों गांव के किसान पिछले 40 दिन से धरने पर बैठे हैं परंतु सरकार या जिला प्रशासन ने अभी तक किसानों की सुध नहीं है। इस पर रविवार को सोनीपत में होने वाली किसान संघ की बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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