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जींद व करनाल सबसे प्रदूषित: हवा की गति धीमी पड़ने व तापमान गिरने से बढ़ सकता है एक्यूआई, हरियाणा सरकार की अपील
Sun, 03 Nov 2024 08:44 AM IST
नवीन दलाल
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: नवीन दलाल
Updated Sun, 03 Nov 2024 08:44 AM IST
सार
देश में 70 शहरों का एक्यूआई 200 से 300 से बीच हैं। इसमें भी हरियाणा के 11 शहर शामिल हैं। हरियाणा में 31 अक्तूबर से दो नवंबर के बीच पराली जलाने के कुल 96 मामले आए हैं। एक नवंबर को अंबाला देश में सबसे प्रदूषित शहर रहा था।
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प्रदूषण का खतरा (AI)
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
दिवाली बीतने के बाद भी हरियाणा को प्रदूषण से कोई राहत नहीं मिल पाई है। देश के 8 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के दो शहर जींद व करनाल शामिल हैं। शनिवार को जींद में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 337 व करनाल में 303 रिकॉर्ड किया गया। इनके अलावा सोनीपत का एक्यूआई भी बेहद खराब श्रेणी स्तर (298) तक पहुंच गया] जबकि देश में सबसे प्रदूषित शहर पंजाब का अमृतसर है। वहां का एक्यूआई 368 दर्ज किया गया।
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इससे पहले, एक नवंबर को अंबाला देश में सबसे प्रदूषित शहर रहा था। अंबाला का एक्यूआई 367 पहुंच गया था, जबकि गुरुग्राम का 309 और कुरुक्षेत्र का 306 रहा था। हालांकि, 24 घंटे बाद इन तीनों ही शहरों में हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार आया है। अंबाला का एक्यूआई गिरकर 168 रह गया। गुरुग्राम में भी 209 और कुरुक्षेत्र में 252 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदूषण का स्तर अभी और बढ़ सकता है।
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पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. रविंद्र खैवाल का कहना है कि हरियाणा में प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजह दिवाली पर खूब पटाखा जलना, ट्रैफिक और पराली जलना हैं। दिवाली के दूसरे दिन पटाखा जलाने में कमी आने के कारण कई जगह एक्यूआई स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी एक्यूआई लेवल बढ़ना अनुमानित है, जो बहती हवा के गति पर निर्भर करेगी। अभी मध्यम गति से हवा का बहने के कारण धूल के कण उड़ रहे है। हवा की गति धीमी होने व तापमान गिरने पर प्रदूषण बढ़ेगा। सोमवार को दिवाली का वीकेंड खत्म होने के बाद ट्रैफिक बढ़ने पर भी हवा में प्रदूषण के कणों में बढ़ोतरी होगी।
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तीन दिन में पराली जलने के 96 मामले, हरियाणा सरकार ने फिर की अपील
हरियाणा में 31 अक्तूबर से दो नवंबर के बीच पराली जलाने के कुल 96 मामले आए हैं। 31 अक्तूबर को 42, एक नवंबर को 35 और दो नवंबर को 19 मामले आए। जबकि पंजाब में इन तीन दिन में 1450 मामले आ चुके हैं। पंजाब में पराली जलाने के 31 अक्तूबर को 484, एक नवंबर को 587 और दो नवंबर को 379 मामले आए हैं। पड़ोसी राज्य में पराली जलाने के मामलों में आई तेजी भी हरियाणा में प्रदूषण बढ़ने का कारण माना जा रहा है।
दूसरी ओर, हरियाणा सरकार ने किसानों ने पराली नहीं जलाने की एक बार फिर अपील की है। कहा है कि पराली नहीं जलाने वाले को एक हजार रुपये प्रति एकड़ का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके लिए किसान 30 नवंबर तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
देश के 70 शहरों में हवा खराब
देश में 70 शहरों का एक्यूआई 200 से 300 से बीच हैं। इसमें भी हरियाणा के 11 शहर शामिल हैं। यमुनानगर में 221, सोनीपत 298, सिरसा 278, कुरुक्षेत्र 252, कैथल 215, हिसार 222, गुरुग्राम 209, फतेहाबाद 250, चरखी-दादरी 255, भिवानी 254 और बहादुरगढ़ में 232 हैं।