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Jhajjar-Bahadurgarh News: सेक्टर-9 में ट्यूबवेल से सीधा आ रहा घरों में पानी, टीडीएस 750 पार
Fri, 15 Sep 2023 01:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 15 Sep 2023 01:42 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। शहर के सेक्टर 9 में पेयजल को लेकर सेक्टरवासियों को जूझना पड़ रहा है। क्योंकि ट्यूबवेल का सीधा पानी सेक्टरवासियों को पीने के लिए सप्लाई किया जा रहा है। सेक्टर 9 के लोगों ने बताया कि कई बार विभाग के एसडीओ व एक्सईएन को पेयजल व अन्य कई समस्याओं के बारे में अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेयजल का टीडीएस 750 से भी ज्यादा है, जोकि पीने लायक नहीं है। सप्लाई के पानी से चाय व दूध भी फट जाते हैं। उन्होंने बताया कि सभी सेक्टरवासी सुविधाओं के लिए टैक्स दे रहे हैं और उनको असुविधाओं को सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि शहरी एवं प्राधिकरण विकास विभाग शहर सेक्टरवासियों के पेयजल पर ध्यान नहीं दे रहा, जिसके चलते उन्हें कई वर्षों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि सेक्टर में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। इसके चलते कोई भी सेक्टर में जमीन नहीं ले रहा।
सेक्टरवासियों ने बताया कि शहर में सेक्टर में लोगों ने अपनी सुख-सुविधा के लिए जमीन ली जाती है। सेक्टर 9 के लोगों ने बताया कि सांपला रोड से सीधा पेयजल कनेक्शन सेक्टर में दिया जा रहा है। इसके चलते उन्हें पेट की बीमारी व अन्य जलजनित बीमारियां होने की आशंका बनी हुई है। क्योंकि पानी का टीडीएस लगभग 750 के पार है। सेक्टरवासियों से पैसे तो आरओ के पानी का लेते हैं, लेकिन उन्हें सीधा ट्यूबवेल का पानी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पानी से चाय व दूध भी फट जाता है।
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रातभर हुड़दंगबाजी और उत्पात मचाते हैं बाहरी युवा
सेक्टर 9 के लोगों ने बताया की शाम होते ही सेक्टर के खाली पड़े प्लाॅट में बाहरी हस्तक्षेप बढ़ जाता है। शहरी व अन्य क्षेत्रों से गाड़ियां आकर रुकती हैं और काफी युवा भी बाइक लेकर आते हैं और यहां रातभर हुड़दंगबाजी व उत्पात मचाते हैं। यदि कोई कुछ इन युवाओं को टोकता है तो मारपीट की नौबत आ जाती है। सेक्टरवासियों ने मांग की है कि पुलिस की गश्त रात के समय सेक्टर में बढ़ाई जाए। वहीं उन्होंने विभाग से भी मांग की है कि सेक्टर के लिए में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं। क्योंकि शहर से ज्यादा कटा होने के कारण सेक्टर में वारदात होने की आशंका हो जाती है।
सीवरेज व्यवस्था बदहाल
सेक्टर 9 में काफी समय से सीवर बंद हैं, शहरी एवं प्राधिकरण विकास विभाग की ओर से कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए। महज खानापूर्ति ही की जा रही है। हालांकि विभाग के और से कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है, लेकिन कर्मचारी महज खानापूर्ति करने का काम करते रहते हैं।
सेक्टर 9 निवासी सोमबीर जाखड़ ने बताया कि सेक्टर के ड्रॉ 2011 में निकले थे और 2017 में सेक्टर में मकान बनाने का काम लोगों की ओर से कर दिया गया था और फिलहाल 45 मकान नक्शे में विभाग की गाइडलाइन के अनुसार बना दिए गए हैं, लेकिन सुविधाएं न होने के कारण अन्य और लोग मकान नहीं बना रहे। लोगों का कहना है कि इस सेक्टर में रहने से अच्छा है कि वह गांव में ही रहे।
यह बोले सेक्टरवासी
सेक्टर में सुविधा के लिए आए थे, लेकिन कोई भी सुविधा सेक्टर 9 के लोगों को नहीं मिल रही है। पेयजल की समस्या को लेकर परेशानी हो रही है। एसडीओ व एक्सईन से दो बार मिल चुके हैं, लेकिन समाधान नही हो पाया है। पानी का निकास नहीं है। पुलिस गश्त की मांग करे चुके हैं।
- सोमबीर जाखड़।
तीन साल से रह रहा हूं। सेक्टर 9 में पानी, सीवर पूरी तरह से ठप है और रात के समय बाहरी हस्तक्षेप युवा करते हैं। उन्हें कुछ कहा जाता है तो वह लड़ाई पर उतारू हो जाते हैं। झाडि़या व गड्ढे, सीवर लाइन, बेसहारा पशु परेशानी बने हुए हैं।
- सुखबीर सिंह दलाल।
सेक्टर 9 की सुरक्षा के लिए पुलिस को गश्त लगानी चाहिए, ताकि असामाजिक तत्व सेक्टर में परेशानी का सबब न बन सके। वहीं विभाग को शहर सेक्टर के लोगों के लिए पेयजल व सीवरेज व्यवस्था के साथ अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना चाहिए।
- दिनेश कुमार।
सेक्टर की हालत दयनीय बनी हुई है। जगह-जगह झाड़ियां उगी हुई हैं। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी सेक्टर की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नहीं पहुंच रहा है।
- सतीश कुमार।
वर्जन
सेक्टर 9 में पब्लिक हेल्थ विभाग के साथ कागजी कार्रवाई की जा रही है। एक सप्ताह में पेयजल की समस्या दुरुस्त करवा दी है। सीवर लाइन बिछवाने का काम शुरू करवा दिया गया है। सेक्टरवासियों की समस्या का समाधान जरूर किया जाएगा।
- यशवंत सिंह, एसडीओ, शहरी एवं विकास प्राधिकरण, झज्जर।
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झज्जर। शहर के सेक्टर 9 में पेयजल को लेकर सेक्टरवासियों को जूझना पड़ रहा है। क्योंकि ट्यूबवेल का सीधा पानी सेक्टरवासियों को पीने के लिए सप्लाई किया जा रहा है। सेक्टर 9 के लोगों ने बताया कि कई बार विभाग के एसडीओ व एक्सईएन को पेयजल व अन्य कई समस्याओं के बारे में अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेयजल का टीडीएस 750 से भी ज्यादा है, जोकि पीने लायक नहीं है। सप्लाई के पानी से चाय व दूध भी फट जाते हैं। उन्होंने बताया कि सभी सेक्टरवासी सुविधाओं के लिए टैक्स दे रहे हैं और उनको असुविधाओं को सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि शहरी एवं प्राधिकरण विकास विभाग शहर सेक्टरवासियों के पेयजल पर ध्यान नहीं दे रहा, जिसके चलते उन्हें कई वर्षों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि सेक्टर में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। इसके चलते कोई भी सेक्टर में जमीन नहीं ले रहा।
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सेक्टरवासियों ने बताया कि शहर में सेक्टर में लोगों ने अपनी सुख-सुविधा के लिए जमीन ली जाती है। सेक्टर 9 के लोगों ने बताया कि सांपला रोड से सीधा पेयजल कनेक्शन सेक्टर में दिया जा रहा है। इसके चलते उन्हें पेट की बीमारी व अन्य जलजनित बीमारियां होने की आशंका बनी हुई है। क्योंकि पानी का टीडीएस लगभग 750 के पार है। सेक्टरवासियों से पैसे तो आरओ के पानी का लेते हैं, लेकिन उन्हें सीधा ट्यूबवेल का पानी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस पानी से चाय व दूध भी फट जाता है।
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रातभर हुड़दंगबाजी और उत्पात मचाते हैं बाहरी युवा
सेक्टर 9 के लोगों ने बताया की शाम होते ही सेक्टर के खाली पड़े प्लाॅट में बाहरी हस्तक्षेप बढ़ जाता है। शहरी व अन्य क्षेत्रों से गाड़ियां आकर रुकती हैं और काफी युवा भी बाइक लेकर आते हैं और यहां रातभर हुड़दंगबाजी व उत्पात मचाते हैं। यदि कोई कुछ इन युवाओं को टोकता है तो मारपीट की नौबत आ जाती है। सेक्टरवासियों ने मांग की है कि पुलिस की गश्त रात के समय सेक्टर में बढ़ाई जाए। वहीं उन्होंने विभाग से भी मांग की है कि सेक्टर के लिए में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं। क्योंकि शहर से ज्यादा कटा होने के कारण सेक्टर में वारदात होने की आशंका हो जाती है।
सीवरेज व्यवस्था बदहाल
सेक्टर 9 में काफी समय से सीवर बंद हैं, शहरी एवं प्राधिकरण विकास विभाग की ओर से कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए। महज खानापूर्ति ही की जा रही है। हालांकि विभाग के और से कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है, लेकिन कर्मचारी महज खानापूर्ति करने का काम करते रहते हैं।
सेक्टर 9 निवासी सोमबीर जाखड़ ने बताया कि सेक्टर के ड्रॉ 2011 में निकले थे और 2017 में सेक्टर में मकान बनाने का काम लोगों की ओर से कर दिया गया था और फिलहाल 45 मकान नक्शे में विभाग की गाइडलाइन के अनुसार बना दिए गए हैं, लेकिन सुविधाएं न होने के कारण अन्य और लोग मकान नहीं बना रहे। लोगों का कहना है कि इस सेक्टर में रहने से अच्छा है कि वह गांव में ही रहे।
यह बोले सेक्टरवासी
सेक्टर में सुविधा के लिए आए थे, लेकिन कोई भी सुविधा सेक्टर 9 के लोगों को नहीं मिल रही है। पेयजल की समस्या को लेकर परेशानी हो रही है। एसडीओ व एक्सईन से दो बार मिल चुके हैं, लेकिन समाधान नही हो पाया है। पानी का निकास नहीं है। पुलिस गश्त की मांग करे चुके हैं।
- सोमबीर जाखड़।
तीन साल से रह रहा हूं। सेक्टर 9 में पानी, सीवर पूरी तरह से ठप है और रात के समय बाहरी हस्तक्षेप युवा करते हैं। उन्हें कुछ कहा जाता है तो वह लड़ाई पर उतारू हो जाते हैं। झाडि़या व गड्ढे, सीवर लाइन, बेसहारा पशु परेशानी बने हुए हैं।
- सुखबीर सिंह दलाल।
सेक्टर 9 की सुरक्षा के लिए पुलिस को गश्त लगानी चाहिए, ताकि असामाजिक तत्व सेक्टर में परेशानी का सबब न बन सके। वहीं विभाग को शहर सेक्टर के लोगों के लिए पेयजल व सीवरेज व्यवस्था के साथ अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना चाहिए।
- दिनेश कुमार।
सेक्टर की हालत दयनीय बनी हुई है। जगह-जगह झाड़ियां उगी हुई हैं। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी सेक्टर की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नहीं पहुंच रहा है।
- सतीश कुमार।
वर्जन
सेक्टर 9 में पब्लिक हेल्थ विभाग के साथ कागजी कार्रवाई की जा रही है। एक सप्ताह में पेयजल की समस्या दुरुस्त करवा दी है। सीवर लाइन बिछवाने का काम शुरू करवा दिया गया है। सेक्टरवासियों की समस्या का समाधान जरूर किया जाएगा।
- यशवंत सिंह, एसडीओ, शहरी एवं विकास प्राधिकरण, झज्जर।