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गांव कन्हवा का युवक जम्मू-कश्मीर से लौटा वापस
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
Updated Fri, 19 Sep 2014 12:23 AM IST
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जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ में फंसा कन्हवा का युवक वहां से सकुशल वापस लौट आया है। इससे उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहां सरस मेले में गए वेदपाल अपनी आपबीती सुनाते हुए कहते हैं कि उनका सारा सामान बाढ़ में ही बह गया था। जिसके चलते उन्हें बहुत परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि जिस होटल में वो ठहरे थे, उसमें पानी भर गया था, जिसके चलते उन्हें होटल की छत पर ठहरना पड़ा। पानी जैसे-तैसे कम हुआ तो श्रीनगर से उधमनगर तक पैदल वापिस आना पड़ा।
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इस दौरान खाने-पीने की बहुत दिक्कत हुई। उन्होंने बताया कि महंगाई बहुत अधिक हो गई थी और रुपये भी उसके पास ज्यादा नहीं थे। उन्हें दो दिन तक हैलीपेड पर रुकना पड़ा। जब कहीं जाकर उनकी बारी आई, फिर दो दिन तक ज्येष्ठा माता मंदिर में रुके। पता ही नहीं चल रहा था कि कहां जा रहे है।
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पहाड़ी क्षेत्रों में भी बहुत दूरी पैदल चलना पड़ा और खाना लाने के लिए भी कई-कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। युवक वेदपाल जम्मू-कश्मीर में 4 सितंबर से 14 सितंबर तक लगने वाले सरस मेले में भाग लेने के लिए जिला प्रशासन की ओर से भेजा गया था, लेकिन वह युवक अब बाढ़ की चपेट में आ गया था।
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आर्मी को बताया भगवान
वेदपाल कहते हैं कि अगर आर्मी नहीं होती तो इतने लोगों का बच पाना नामुमकिन था। आर्मी के जवान उनके लिए भगवान बनकर आए थे। हालांकि स्थानीय लोग भी बाढ़ में फंसे लोगों की मदद कर रहे थे, लेकिन आर्मी के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरे लोगों की जान बचाई। कई-कई फीट गहरे पानी में से भी आर्मी के जवानों ने महिलाओं और बच्चों को निकाला था।
वेदपाल की आने की बाट जोह रहे परिवार के लोगों का कहना है कि अब उनका दिल घर में लगा है। पहले तो बस वेदपाल के आने की ही चिंता सताती रहती थी। वेदपाल के पिता दुलीचंद और पत्नी रेणू ने कहा कि इतनी मुश्किल घड़ी में भगवान ने उनका साथ दिया और वेदपाल सकुशल अपने घर लौट आए।