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Jhajjar-Bahadurgarh News: जिंदगी देने आए वेंटिलेटर को खुद चाहिए ऑक्सीजन

Sat, 03 Aug 2024 05:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sat, 03 Aug 2024 05:53 AM IST
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The ventilator that came to give life itself needs oxygen
बहादुरगढ़ में ​स्थित सामान्य अस्पताल में लगा हुआ वेंटिलेटर।
झज्जर। कोरोना कॉल में ऑक्सीजन न मिलने की वजह से बहुत लोगों ने अपनी जान गवाई थी। इसके बाद पीएम केयर फंड से हर जिले में वेंटिलेयर, आक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन प्लांट उपलब्ध कराए गए थे। झज्जर व बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर हैं, इनको इंस्टाल भी किया गया है, लेकिन विशेषज्ञ न होने के कारण इनको नहीं चलाया जाता। यह केवल मॉक डि्रल के ही काम आ रहे हैं। जब मरीजों को इनकी जरूरत पड़ती है तो उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
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बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में 18 और झज्जर के सामान्य अस्पताल में 9 वेंटिलेटर है। बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में आईसीयू की भी सुविधा है, लेकिन झज्जर में आईसीयू नहीं है। बहादुरगढ़ आईसीयू में इनको इंस्टाल किया गया है, लेकिन इन आईसीयू को चलाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। केवल एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रशिक्षण देकर काम चलाया जा रहा है। यदि मरीज को ज्यादा समय रखने की जरूरत होती है तो उसे रेफर करना पड़ता है। झज्जर के सरकारी अस्पताल में तो यह सुविधा भी नहीं है। इनका प्रयोग केवल मॉक डि्रल के दौरान किया जाता है। मॉक डि्रल में सब कुछ दुरुस्त दिखाया जाता हैद्ध मरीज आने पर उसे रेफर कर दिया जाता है।
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जरूरत पड़ने पर कराते हैं सर्विस
वैसे तो सरकारी अस्पताल झज्जर में वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ती। फिर भी मॉक डि्रल के लिए जरूरत पड़ती है तो उससे पहले उसकी सर्विस करवा दी जाती है ताकि वह सही प्रकार से चल सके। अन्यथा यह किसी काम नहीं आते।
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गंभीर मरीजों को किया जाता है रेफर
सरकारी अस्पताल झज्जर में बेशक वेंटिलेटर, ऑक्सीजन की उपलब्धता हो, लेकिन इनका प्रयोग गंभीर आने पर भी नहीं किया जाता। यहां पर आईसीयू की सुविधा नहीं है। गंभीर मरीज आने पर उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है।


वर्जन
बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में आईसीयू है और वेंटिलेटर लगे हैं। इसके लिए एमबीबीएस डॉक्टर व स्टॉफ नर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। वेंटिलेटर को चलाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर व स्टॉफ नहीं है। उनकी भर्ती की जानी है।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर
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