{"_id":"62bcb862e22a01202c179c1e","slug":"state-information-commission-imposed-fine-on-four-tehsildars-working-in-bahadurgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहादुरगढ़: राज्य सूचना आयोग ने चार तहसीलदारों पर लगाया जुर्माना, RTI के तहत जानकारी नहीं देने पर की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहादुरगढ़: राज्य सूचना आयोग ने चार तहसीलदारों पर लगाया जुर्माना, RTI के तहत जानकारी नहीं देने पर की कार्रवाई
Thu, 30 Jun 2022 02:08 AM IST
भूपेंद्र सिंह
शील भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
शील भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 30 Jun 2022 02:08 AM IST
सार
तहसीलदार नरेंद्र दलाल पर 10 हजार, तीन पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। चारों अधिकारियों को पांच हजार रुपये आवेदक को भी देने होंगे।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सूचना अधिकार के तहत आवेदक को सूचना उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयोग ने बहादुरगढ़ में तहसीलदार एवं अपने कार्यालय के जन सूचना अधिकारी (एसपीआईओ) रहे चार अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया है। एएसपीआईओ एवं तहसीलदार नरेंद्र दलाल पर 10 हजार रुपये और कनब लाकड़ा, बंसीलाल व श्रीनिवास पर पांच-पांच हजार रुपये की पेनाल्टी लगाई है।
विज्ञापन
सभी को पांच-पांच हजार रुपये मुआवजे के तौर पर आवेदक को देने के आदेश दिए गए हैं। दरअसल, गांल सोलधा निवासी मंजीत सिंह काजला ने 6 अगस्त 2018 को तत्कालीन एएसपीआईओ एवं तहसीलदार से सूचना का अधिकार के तहत जमीन संबंधी कुछ जानकारी देने के लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन
निर्धारित अवधि 45 दिन में जानकारी नहीं मिली तो 29 अप्रैल 2019 को आवेदक ने दूसरी अपील कर दी। इस पर भी संबंधित एएसपीआईओ ने कान नहीं धरे तो 9 मई 2019 को जिला सूचना अधिकारी ने और 24 फरवरी 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। कारण बताओ नोटिस का भी जवाब नहीं दिया तो 27 अप्रैल को सूचना आयुक्त चंद्रप्रकाश ने मामले में फिर सुनवाई की।
विज्ञापन
इस सुनवाई पर आवेदक मंजीत तो उपस्थित रहे, लेकिन सूचना न देने के लिए जिम्मेदार रहे अधिकारियों में से कोई भी पेश नहीं हुआ। इसके बाद 29 अप्रैल 2022 को आयोग ने एएसपीआईओ को 30 दिन के भीतर आवेदक को मांगी गई जानकारी से संबंधित तमाम दस्तावेजों की फोटो प्रतियां भी उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इसके बावजूद आवेदक को जानकारी नहीं दी गई तो सूचना आयुक्त चंद्रप्रकाश ने पत्र संख्या 9010 के जरिए जिम्मेदार अधिकारियों पर दंड लगा दिया।
अधिकारियों को जुर्माने की यह राशि सरकारी खजाने में सूचना आयुक्त के मद में जमा करानी होगी। 12 जुलाई 2022 तक जमा नहीं कराई तो 17 जुलाई 2022 तक प्रथम अपीलीय अधिकारी यह कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।
इस अवधि में तैनात रहे अधिकारी
- नरेंद्र दलाल 12.06.2018 से 25.02.2019
- बंसीलाल 26.02.2019 से 05.02.2020
- कनब लाकड़ा 06.02.2020 से 04.10.2021
- श्रीनिवास 18.10.2021 से वर्तमान तक