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अंगुली से उखड़ रही है सड़क, सीवर मेल होल भी टूटे
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
Updated Sun, 23 Nov 2014 12:31 AM IST
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निर्माणाधीन सेक्टर 9 में चार दिन पहले बनाई गई तारकोल की सड़क को अंगुली से कुरेदने पर ही रोड़ियां उखड़ रही हैं।
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इतना ही नहीं सड़क निर्माण में इतनी घटिया निर्माण सामग्री प्रयोग की गई है कि आसानी से उसकी परत के नीचे हाथ चला जाता है।
जी हां, भले ही आपको विश्वास नहीं हो रहा हो, मगर यह सच है। सड़क में दरार आ गई हैं तथा रोड़ियां उखड़ चुकी हैं।
हालांकि सड़क निर्माण का काम पूरा होने से पहले ही इसे रोक दिया गया है, मगर अभी तक इसकी सैंपलिंग नहीं हो पाई है।
पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी भी इस मामले में ढुल मुल रवैया अपनाए हुए हैं। अभी तक ना ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है तथा न ही सड़क को रिजेक्ट किया गया है।
शहर के विकास के लिए बनाए जा रहे सेक्टरों में लोगों ने इस लिए प्लाट खरीदे थे ताकि वहां पर लोगों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। सड़क, पानी व सीवर की स्थिति बाकी शहर से बेहतर होगी।
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मगर लोगों की इस सोच पर विभाग के अधिकारी व ठेकेदार मिलकर पलीता लगा रहे हैं। 19 नवंबर को गुड़गांव रोड स्थित निर्माणाधीन सेक्टर 9 में सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था।
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ठेकेदार ने सड़क निर्माण के दौरान बालूरेत बिछाकर उस पर तारकोल डाल दिया। सूचना मिलने पर अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंची तथा इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इस पर विभाग के अधिकारियों ने काम को रुकवा दिया था। बहादुरगढ़ से आई विभाग की टीम ने भी मौके की जांच की।
पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि सड़क की सैंपलिंग की जाएगी, मगर आज तक न तो कोई सैंपलिंग हुई है तथा न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जांच के लिए गया है।
मेनहॉल भी टूटे
निर्माणाधीन सेक्टर-9 में लगभग 10 महीने पहले बनाए गए सीवर के मेनहोल भी जर्जर हो चुके हैं। सभी मेनहोल में दरार आई हुई हैं तथा उन्हें छिपाने के लिए उनपर लिपाई की गई है।
ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सेक्टर विकसित होने के बाद यहां रहने वाले लोगों को किस स्तर की सुविधाएं मिलेंगी।
ठेकेदार ने कहा यूपी में हूं
सड़क का निर्माण करा रहे यूपी निवासी ठेकेदार आशीष का कहना है कि वो सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के समय वहां मौजूद नहीं था। वह यूपी में था।
यह संभव नहीं है कि ठेकेदार का कोई भी काम शुरू हो और वह मौके पर मौजूद ही ना हो। वहीं विभाग के अधिकारी भी मामले की जानकारी होने से मना कर रहे थे।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व ठेकेदार की मौजूदगी के बिना किस तरह सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ यह बात समझ से परे है।
जांच में हो सकता है बड़ा घोटाला
अगर इस मामले की ईमानदारी व गहराई से जांच की जाए तो इसमें बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से सड़क का निर्माण किया जाना है तथा करोड़ों रुपये सीवर के मेनहोल पर खर्च किए गए हैं।
सीवर के मेनहोल में प्रयोग की गई निर्माण सामग्री की भी जांच की जाए तो हो सकता है कि वहां भी घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया हो।
अगर ऐसा पाया जाता है तो निश्चित रूप से विभाग के अधिकारी यहां काम करने वाले ठेकेदारों से मिले हुए हैं
फिलहाल सड़क का निर्माण कार्य रुका हुआ है। जांच के बाद ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। डीसी ने सड़क के सैंपल लेने के आदेश दिए हुए हैं। ये सैंपल एसडीएम को लेने हैं। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई का पता चल पाएगा।
करण सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी