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झमाझम बरसे बादल, मौसम हुआ सुहाना, गर्मी से मिली राहत
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rain
- फोटो : Jhjhar
क्षेत्र में वीरवार की शाम आसमान में छाए बादल जमकर बरसे। बारिश होने से तापमान भी औंधे मुंह गिरा और मौसम पूरी तरह से सुुहाना हो गया। शाम करीब 6 बजे से साढ़े सात बजे तक रूक-रूक कर बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं के कारण मौसम पूरी तरह से सुहाना हो गया है। लोगों को कुछ हद तक गर्मी से राहत मिल गई है। रात के समय भी बारिश होने की संभावना है। क्षेत्र में 40 एमएम बारिश हो चुकी है। बारिश के बाद शहर की सड़कों पर नहर की तरह पानी बह रहा था। शहर एक बार तो पूरी तरह जलमग्न दिखाई दिया। पुराने बस में तो पानी नदी की तरह तेजी से घुस हा था। लेकिन धीरे-धीरे जलभराव कम होने लगा था। वहीं तापमान में भी दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में गिरावट आकर 34 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था।
- निचले इलाकों में भरा पानी
शहर में सड़कों व गलियों में पानी भर गया था। पानी की वजह से दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी के अंदर से निकलते समय सड़कों पर भरे पानी के बीच बाइक व दुपहिया वाहन बंद होने की वजह से लोगों को धक्के मार कर वाहनों को बाहर निकालना पड़ा। वहीं महिलाओं को भी पानी के बीच से गुजरते हुए देखा गया। शहर के पुराने बस स्टैंड, माता गेट, आंबेडकर चौक, बिकानेर चौक, सदर पुलिस थाने के सामने से गुजरने वाले रोड सहित विभिन्न स्थानों पर पानी भरने से परेशानी बढ़ गई थी। जबकि रेलवे लाइन के नीचे बनाए गए अंडर पासों में भी पानी भर गया था।
- 35 हजार हेक्टेयर भूमि में बोया बाजरा, फसलों को होगा फायदा
जिले में करीब 35 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल बोई जा चुकी है। जबकि करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई का कार्य भी जा चुकी है। जिला में बारिश न होने के कारण अब बाजरा की फसल में पानी की कमी साफ दिखाई दे रही थी। लेकिन क्षेत्र में वीरवार की शाम से हुई बारिश के बाद फसलें एकबार फिर से लहला उठी हैं।
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मानसून की बारिश से ही किसानों की फसलों को फायदा होगा। बाजरे की बिजाई व धान की रोपाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
- डॉ. इंद्र सिंह, डीडीए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।
नालों की सफाई का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। सभी नालों का जुड़ाव सीवर से किया जा चुका है। रात के समय बारिश नहीं हुई तो बारिश के पानी की जल्द ही निकासी हो जाएगी। अच्छी बारिश होगी तो एक बार पानी भरता ही है।
- अरूण कुमार नांदल, सचिव, नगर पालिका, झज्जर।
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- निचले इलाकों में भरा पानी
शहर में सड़कों व गलियों में पानी भर गया था। पानी की वजह से दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी के अंदर से निकलते समय सड़कों पर भरे पानी के बीच बाइक व दुपहिया वाहन बंद होने की वजह से लोगों को धक्के मार कर वाहनों को बाहर निकालना पड़ा। वहीं महिलाओं को भी पानी के बीच से गुजरते हुए देखा गया। शहर के पुराने बस स्टैंड, माता गेट, आंबेडकर चौक, बिकानेर चौक, सदर पुलिस थाने के सामने से गुजरने वाले रोड सहित विभिन्न स्थानों पर पानी भरने से परेशानी बढ़ गई थी। जबकि रेलवे लाइन के नीचे बनाए गए अंडर पासों में भी पानी भर गया था।
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- 35 हजार हेक्टेयर भूमि में बोया बाजरा, फसलों को होगा फायदा
जिले में करीब 35 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल बोई जा चुकी है। जबकि करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई का कार्य भी जा चुकी है। जिला में बारिश न होने के कारण अब बाजरा की फसल में पानी की कमी साफ दिखाई दे रही थी। लेकिन क्षेत्र में वीरवार की शाम से हुई बारिश के बाद फसलें एकबार फिर से लहला उठी हैं।
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मानसून की बारिश से ही किसानों की फसलों को फायदा होगा। बाजरे की बिजाई व धान की रोपाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
- डॉ. इंद्र सिंह, डीडीए, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, झज्जर।
नालों की सफाई का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। सभी नालों का जुड़ाव सीवर से किया जा चुका है। रात के समय बारिश नहीं हुई तो बारिश के पानी की जल्द ही निकासी हो जाएगी। अच्छी बारिश होगी तो एक बार पानी भरता ही है।
- अरूण कुमार नांदल, सचिव, नगर पालिका, झज्जर।

यह कोई नदी या नाला नहीं है। यह नजारा झज्जर के पुराने बस स्टेंड का है। जहां पर बारिश के दौरान तेजी स?- फोटो : Jhjhar