{"_id":"653c16630c808579a1012681","slug":"pollution-level-increased-rapidly-after-dussehra-ban-on-manufacturing-and-storage-of-firecrackers-jhjhar-news-c-200-1-bgh1002-3271-2023-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: दशहरे के बाद तेजी से बढ़ा प्रदूषण का स्तर, पटाखों के निर्माण, भंडारण पर रोक लगाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: दशहरे के बाद तेजी से बढ़ा प्रदूषण का स्तर, पटाखों के निर्माण, भंडारण पर रोक लगाई
Sat, 28 Oct 2023 01:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 28 Oct 2023 01:28 AM IST
विज्ञापन
बहादुरगढ़/ झज्जर। दशहरे के बाद चार दिन से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। 24 अक्तूबर को ये 225 से बढ़कर 265 तक पहुंच गया। जिस रफ्तार से बढ़ रहा है उसे देखते हुए इसके जल्द ही 300 के पार करने की आशंका बनी है, यदि ऐसा हुआ तो फिर से ग्रेप-3 की कई बंदिशे लागू हो जाएंगी। बढ़ते एक्यूआई और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने जिले में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री व इस्तेमाल (ग्रीन पटाखों को छोड़कर) पर प्रशासन ने रोक लगाने के आदेश जारी किए है। ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली ई कॉर्स कंपनियों को भी इनकी डिलीवरी न करने के लिए कहा गया है।
बहादुरगढ़ में चार दिनों में यह 40 प्वाइंट बढ़कर 265 पर पहुंच गया है। दशहरा पर्व के दिन एक्यूआई 225 दर्ज किया गया था। सीएक्यूएम की ओर से 28 अक्तूबर को एक्यूआई का स्तर 300 पार करने की संभावना जताई गई है। यदि पूर्वानुमान के अनुसार ऐसा होता है तो ग्रेप-3 की पाबंदियां लग जाएंगी। हालांकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में अपने-अपने विभाग द्वारा टैंकरों के जरिये सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। ताकि धूल न उड़े और प्रदूषण का स्तर कम रहे। एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16 व 17 में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। नगर परिषद की ओर से डिवाइडर के साथ पड़ी मिट्टी की मिकैनिकल मशीनों से सफाई करा जा रही है तो पानी का छिड़काव भी दिन भर सड़कों पर हो रहा है। इसके अलावा नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि दीवाली से 15 दिन पहले प्रदूषण 300 एक्यूआई के पास पहुंच सकता है।
दहशरा के बाद यह रही एक्यूआई की स्थिति
24 अक्तूबर
: 225
25 अक्तूबर
: 235
26 अक्तूबर
: 252
27 अक्तूबर
: 265
बहादुरगढ़ क्षेत्र में दशहरे पर हुई आतिशबाजी के कारण प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को शहर में शाम के समय एक्यूआई 265 दर्ज किया गया। जो काफी खराब स्थिति में रहा। दिन भर हवा भी चली, लेकिन वह प्रदूषण को कम करने में बेअसर रही।
विज्ञापन
-अमित दहिया, सहायक पर्यावरण अभियंता, एचएसपीसीबी, बहादुरगढ़।
-फोटो 59 : एचएसआईआईडीसी मेें सड़कों पर किया जा रहा पानी का छिड़काव।
स्मॉग से दमा मरीजों को परेशानी, अफसरों को सौंपी जिम्मेदारी
झज्जर। झज्जर में शुक्रवार को एक्यूआई 163 रहा। प्रदूषण बढ़ने के चलते स्मॉग भी छा रहा है। इसके चलते दमा वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। लोक निर्माण विभाग ने भी सिविल अस्पताल में किए जा रहे सड़क निर्माण के काम को बंद कर दिया है। एक्यूआई सामान्य होने पर ही काम किया जाएगा। बढ़ते एक्यूआई और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए झज्जर जिला में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री व इस्तेमाल (ग्रीन पटाखों को छोड़कर) पर प्रशासन ने रोक लगाने के आदेश जारी किए है। जिलाधीश ने ये आदेश जारी किए हैं। नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने की जिम्मेदारी एसडीएम, थाना प्रभारी, नगर परिषद के अधिकारी, खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा तहसीलदार अपने-अपने कार्यक्षेत्र में एक-दूसरे से तालमेल करके इन आदेशों को सख्ती से लागू करवाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को भी हिदायत दी गई है कि वे नियमित रूप से वायु की गुणवत्ता पर निगरानी रखेंगे।
ग्रीन पटाखों का ही होगा प्रयोग
जिला झज्जर में कम प्रदूषण फैलाने वाले ग्रीन पटाखें ही लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के माध्यम से बेचे जा सकते हैं। पटाखों तथा लड़ियों के उत्पादन, बिक्री तथा प्रयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि इनसे बहुत ज्यादा वायु तथा ध्वनि प्रदूषण होता है और ठोस कचरा संबंधी समस्याएं भी होती हैं। ये पटाखें भी केवल दीपावली पर्व के दिन सांय 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक व क्रिसमस व नववर्ष के अवसर पर रात्रि 11 बजकर 55 मिनट से लेकर रात्रि 12 बजकर 30 मिनट तक चलाने की अनुमति होगी।
विज्ञापन
बहादुरगढ़ में चार दिनों में यह 40 प्वाइंट बढ़कर 265 पर पहुंच गया है। दशहरा पर्व के दिन एक्यूआई 225 दर्ज किया गया था। सीएक्यूएम की ओर से 28 अक्तूबर को एक्यूआई का स्तर 300 पार करने की संभावना जताई गई है। यदि पूर्वानुमान के अनुसार ऐसा होता है तो ग्रेप-3 की पाबंदियां लग जाएंगी। हालांकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में अपने-अपने विभाग द्वारा टैंकरों के जरिये सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। ताकि धूल न उड़े और प्रदूषण का स्तर कम रहे। एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16 व 17 में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। नगर परिषद की ओर से डिवाइडर के साथ पड़ी मिट्टी की मिकैनिकल मशीनों से सफाई करा जा रही है तो पानी का छिड़काव भी दिन भर सड़कों पर हो रहा है। इसके अलावा नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि दीवाली से 15 दिन पहले प्रदूषण 300 एक्यूआई के पास पहुंच सकता है।
विज्ञापन
दहशरा के बाद यह रही एक्यूआई की स्थिति
24 अक्तूबर
: 225
25 अक्तूबर
: 235
26 अक्तूबर
: 252
27 अक्तूबर
: 265
बहादुरगढ़ क्षेत्र में दशहरे पर हुई आतिशबाजी के कारण प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को शहर में शाम के समय एक्यूआई 265 दर्ज किया गया। जो काफी खराब स्थिति में रहा। दिन भर हवा भी चली, लेकिन वह प्रदूषण को कम करने में बेअसर रही।
विज्ञापन
-अमित दहिया, सहायक पर्यावरण अभियंता, एचएसपीसीबी, बहादुरगढ़।
-फोटो 59 : एचएसआईआईडीसी मेें सड़कों पर किया जा रहा पानी का छिड़काव।
स्मॉग से दमा मरीजों को परेशानी, अफसरों को सौंपी जिम्मेदारी
झज्जर। झज्जर में शुक्रवार को एक्यूआई 163 रहा। प्रदूषण बढ़ने के चलते स्मॉग भी छा रहा है। इसके चलते दमा वाले मरीजों को परेशानी हो रही है। लोक निर्माण विभाग ने भी सिविल अस्पताल में किए जा रहे सड़क निर्माण के काम को बंद कर दिया है। एक्यूआई सामान्य होने पर ही काम किया जाएगा। बढ़ते एक्यूआई और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए झज्जर जिला में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री व इस्तेमाल (ग्रीन पटाखों को छोड़कर) पर प्रशासन ने रोक लगाने के आदेश जारी किए है। जिलाधीश ने ये आदेश जारी किए हैं। नियमों की पालना सुनिश्चित करवाने की जिम्मेदारी एसडीएम, थाना प्रभारी, नगर परिषद के अधिकारी, खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा तहसीलदार अपने-अपने कार्यक्षेत्र में एक-दूसरे से तालमेल करके इन आदेशों को सख्ती से लागू करवाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को भी हिदायत दी गई है कि वे नियमित रूप से वायु की गुणवत्ता पर निगरानी रखेंगे।
ग्रीन पटाखों का ही होगा प्रयोग
जिला झज्जर में कम प्रदूषण फैलाने वाले ग्रीन पटाखें ही लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के माध्यम से बेचे जा सकते हैं। पटाखों तथा लड़ियों के उत्पादन, बिक्री तथा प्रयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि इनसे बहुत ज्यादा वायु तथा ध्वनि प्रदूषण होता है और ठोस कचरा संबंधी समस्याएं भी होती हैं। ये पटाखें भी केवल दीपावली पर्व के दिन सांय 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक व क्रिसमस व नववर्ष के अवसर पर रात्रि 11 बजकर 55 मिनट से लेकर रात्रि 12 बजकर 30 मिनट तक चलाने की अनुमति होगी।