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मोस्ट वांटेड बदमाश अनिल उर्फ गंजा को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस
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हरियाणा और दिल्ली में लगभग एक दशक से खौफ का पर्याय बना बदमाश अनिल गंजा उर्फ लीला पहलवान पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पैरोल पर जेल से बाहर आकर यह बदमाश देहरादून में पहचान छिपाकर रह रहा था। बहादुरगढ़ में इस पर हत्या एवं लूटपाट के कई केस दर्ज हैं। अब शीघ्र ही बहादुरगढ़ पुलिस इसे प्रोडक्शन वारंट पर लाकर विभिन्न मामलों में पूछताछ करेगी।
वेट लिफ्टिंग में रहा स्टेट चैंपियन
बदमाश अनिल उर्फ गंजा बहादुरगढ़ के गांव नूना माजरा का रहने वाला है। दिल्ली के मोतीलाल नेहरू कॉलेज से ग्रेजुएशन की। इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। पढ़ाई छोड़ने के बाद अपने परिचित बबलू के साथ नागल में जिम खोल ली। अनिल वेटलिफ्टिंग में स्टेट चैंपियन रहा और नेशनल तक खेला। इसके रिश्ते के भाई बबलू ने अपनी पत्नी के ब्वॉयफ्रैंड को का मर्डर किया। उसी वारदात से प्रेरित होकर अनिल ने अपराध की दुनिया में कदम रखा और सबसे पहले 2010 में गुरुग्राम में कार लूट की वारदात को अंजाम दिया।
अपराध की दुनिया में 2011 में उठा अनिल का नाम
वर्ष 2011 में अनिल ने एक के बाद एक कई वारदात की। रामलाल आनंद कॉलेज से एक छात्र को अगवा कर एक करोड़ की फिरौती वसूल की। उसी साल बहादुरगढ़ में पीडीएम यूनिवर्सिटी के लेक्चरर को अगवा कर 20 लाख की फिरौती मांगी। इसके बाद प्रशांत विहार दिल्ली में कपड़ा व्यापारी के पुत्र को अगवा कर एक करोड़ की फिरौती ली। 2011 में अनिल के साथी मनोज मोरखेड़ी के मौसेरे भाई को इंस्पेक्टर रामकिशन ने एनकाउंटर में मार दिया था। उसका बदला लेने के लिए इन्होंने दो साल बाद 2013 में रोहतक शहर में इंस्पेक्टर रामकिशन दहिया को मार दिया। अपने गांव के सरपंच देवेंद्र को पुरानी रंजिश के चलते मौत के घाट उतार दिया। 2012 में गांव के निवासी सतीश काणा की हत्या की। 2013 में राम गैस एजेंसी के मालिक से फिरौती वसूली।
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2011 से ले रहा प्रोटेक्शन मनी
अनिल उर्फ गंजा ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वर्ष 2011 में बुकियों से प्रोटेक्शन मनी लेनी शुरू की थी। तब से लेकर अब तक यानी 9 साल से बुकियों से लगातार प्रोटेक्शन मनी लेता रहा।
2016 में लगा मकोका, 2018 से चल रहा था बाहर
वर्ष 2014 में अनिल बदमाश दिल्ली क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा। तीन साल तक जेल के भीतर रहने के बाद वह 2017 में पैरोल पर बाहर आ गया। जेल से बाहर आते ही उसने बहादुरगढ़ में एक डिस्को वाले से 50 लाख की फिरौती मांगी। उक्त मामले में गिरफ्तार होने के बाद 2018 में पुन: पैरोल पर बाहर आया और तब से बाहर चल रहा था। वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस की ओर से अनिल पर मकोका लगा दिया गया।
युवा कांग्रेसी नेता की हत्या में भी नाम आया सामने
गांव नूना माजरा के निवासी युवा कांग्रेसी नेता मोनू ज्ून की हत्या में भी अनिल उर्फ गंजा का नाम सामने आया था। दरअसल, अनिल ने जेल से मोनू और उसके भाई से 36 लाख की रंगदारी मांगी थी। रुपये न देने पर अनिल के कहने उसके छोटे भाई सुनील उर्फ लाला ने अपने साथियों संग मिलकर मोनू को 15 से अधिक गोलियां मारकर मौत के घाट उतारा। अनिल गंजा का छोटा भाई सुनील उर्फ लाला भी कुख्यात बदमाश है। फिलहाल वह जेल में बंद है।
पत्नी, बच्ची के साथ देहरादून में रह रहा था अनिल
पिछले करीब एक साल से अधिक समय से अनिल देहरादून के दून विहार क्षेत्र में किराये पर पत्नी एवं बच्ची के साथ पहचान बदल कर रह रहा था। हरियाणा व दिल्ली पुलिस की टीमें इसकी तलाश कर रही थी लेकिन देहरादून पुलिस ने आरोपी को वीरवार की देर शाम घर के बाहर से पकड़ लिया।
कई गैंग से रहे हैं ताल्लुक
अनिल उर्फ गंजा ने खुद का गैंग बनाया हुआ था। इसके अलावा मनोज मोरखेड़ी, क्रांति गैंग, ज्योति बाबा नजफगढ़ गैंग, लगरपुरिया गैंग और राजस्थान के नामी बदमाश रहे आनंदपाल गैंग से अनिल के ताल्लुकात रहे हैं।
बहादुरगढ़ लाएगी पुलिस
अनिल पर हत्या, रंगदारी और फिरौती के दस से अधिक केस दर्ज हैं। अधिकांश केस बहादुरगढ़ में दर्ज हैं। उक्त मामलों में पूछताछ के लिए बहादुरगढ़ पुलिस आरोपी को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। सीआईए-2 के प्रभारी सत्यवान सिंह ने बताया कि प्रोडक्शन वारंट जारी करा दिए गए हैं। जल्द ही बदमाश को बहादुरगढ़ लाकर पूछताछ की जाएगी।
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वेट लिफ्टिंग में रहा स्टेट चैंपियन
बदमाश अनिल उर्फ गंजा बहादुरगढ़ के गांव नूना माजरा का रहने वाला है। दिल्ली के मोतीलाल नेहरू कॉलेज से ग्रेजुएशन की। इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। पढ़ाई छोड़ने के बाद अपने परिचित बबलू के साथ नागल में जिम खोल ली। अनिल वेटलिफ्टिंग में स्टेट चैंपियन रहा और नेशनल तक खेला। इसके रिश्ते के भाई बबलू ने अपनी पत्नी के ब्वॉयफ्रैंड को का मर्डर किया। उसी वारदात से प्रेरित होकर अनिल ने अपराध की दुनिया में कदम रखा और सबसे पहले 2010 में गुरुग्राम में कार लूट की वारदात को अंजाम दिया।
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अपराध की दुनिया में 2011 में उठा अनिल का नाम
वर्ष 2011 में अनिल ने एक के बाद एक कई वारदात की। रामलाल आनंद कॉलेज से एक छात्र को अगवा कर एक करोड़ की फिरौती वसूल की। उसी साल बहादुरगढ़ में पीडीएम यूनिवर्सिटी के लेक्चरर को अगवा कर 20 लाख की फिरौती मांगी। इसके बाद प्रशांत विहार दिल्ली में कपड़ा व्यापारी के पुत्र को अगवा कर एक करोड़ की फिरौती ली। 2011 में अनिल के साथी मनोज मोरखेड़ी के मौसेरे भाई को इंस्पेक्टर रामकिशन ने एनकाउंटर में मार दिया था। उसका बदला लेने के लिए इन्होंने दो साल बाद 2013 में रोहतक शहर में इंस्पेक्टर रामकिशन दहिया को मार दिया। अपने गांव के सरपंच देवेंद्र को पुरानी रंजिश के चलते मौत के घाट उतार दिया। 2012 में गांव के निवासी सतीश काणा की हत्या की। 2013 में राम गैस एजेंसी के मालिक से फिरौती वसूली।
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2011 से ले रहा प्रोटेक्शन मनी
अनिल उर्फ गंजा ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में वर्ष 2011 में बुकियों से प्रोटेक्शन मनी लेनी शुरू की थी। तब से लेकर अब तक यानी 9 साल से बुकियों से लगातार प्रोटेक्शन मनी लेता रहा।
2016 में लगा मकोका, 2018 से चल रहा था बाहर
वर्ष 2014 में अनिल बदमाश दिल्ली क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा। तीन साल तक जेल के भीतर रहने के बाद वह 2017 में पैरोल पर बाहर आ गया। जेल से बाहर आते ही उसने बहादुरगढ़ में एक डिस्को वाले से 50 लाख की फिरौती मांगी। उक्त मामले में गिरफ्तार होने के बाद 2018 में पुन: पैरोल पर बाहर आया और तब से बाहर चल रहा था। वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस की ओर से अनिल पर मकोका लगा दिया गया।
युवा कांग्रेसी नेता की हत्या में भी नाम आया सामने
गांव नूना माजरा के निवासी युवा कांग्रेसी नेता मोनू ज्ून की हत्या में भी अनिल उर्फ गंजा का नाम सामने आया था। दरअसल, अनिल ने जेल से मोनू और उसके भाई से 36 लाख की रंगदारी मांगी थी। रुपये न देने पर अनिल के कहने उसके छोटे भाई सुनील उर्फ लाला ने अपने साथियों संग मिलकर मोनू को 15 से अधिक गोलियां मारकर मौत के घाट उतारा। अनिल गंजा का छोटा भाई सुनील उर्फ लाला भी कुख्यात बदमाश है। फिलहाल वह जेल में बंद है।
पत्नी, बच्ची के साथ देहरादून में रह रहा था अनिल
पिछले करीब एक साल से अधिक समय से अनिल देहरादून के दून विहार क्षेत्र में किराये पर पत्नी एवं बच्ची के साथ पहचान बदल कर रह रहा था। हरियाणा व दिल्ली पुलिस की टीमें इसकी तलाश कर रही थी लेकिन देहरादून पुलिस ने आरोपी को वीरवार की देर शाम घर के बाहर से पकड़ लिया।
कई गैंग से रहे हैं ताल्लुक
अनिल उर्फ गंजा ने खुद का गैंग बनाया हुआ था। इसके अलावा मनोज मोरखेड़ी, क्रांति गैंग, ज्योति बाबा नजफगढ़ गैंग, लगरपुरिया गैंग और राजस्थान के नामी बदमाश रहे आनंदपाल गैंग से अनिल के ताल्लुकात रहे हैं।
बहादुरगढ़ लाएगी पुलिस
अनिल पर हत्या, रंगदारी और फिरौती के दस से अधिक केस दर्ज हैं। अधिकांश केस बहादुरगढ़ में दर्ज हैं। उक्त मामलों में पूछताछ के लिए बहादुरगढ़ पुलिस आरोपी को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। सीआईए-2 के प्रभारी सत्यवान सिंह ने बताया कि प्रोडक्शन वारंट जारी करा दिए गए हैं। जल्द ही बदमाश को बहादुरगढ़ लाकर पूछताछ की जाएगी।