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Jhajjar-Bahadurgarh News: रचनाओं पर कवियों ने बटोरी वाहवाही, अंगवस्त्र भेंटकर किया सम्मानित
Mon, 08 Sep 2025 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 08 Sep 2025 02:27 AM IST
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-फोटो 58 : काव्योत्सव में पहुंचे कवि। विज्ञप्ति
बहादुरगढ़। क्षेत्र की नई साहित्यिक संस्था निराला काव्य मंच की ओर से बैंक कॉलोनी स्थित काव्य सदन में भव्य काव्योत्सव का आयोजन किया गया। कलमवीर विचार मंच के स्थापना दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय रचनाकारों के अलावा झज्जर, दादरी, जींद, रोहतक और दिल्ली से पधारे कवियों-कलाकारों ने भी भाग लिया। लोक कवि जगबीर कौशिक के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रोहतक से पधारे साहित्यकार कृष्ण लाल गिरधर ने की। सुवन सूर्योदय की संस्थापिका अर्चना झा की सरस्वती वंदना से शुरू हुए इस कार्यक्रम का संचालन कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने किया।
देर शाम तक चले इस काव्योत्सव में प्रकृति भक्त फाउंडेशन और कलम की ताकत जैसी संस्थाओं से जुड़े महानुभाव भी उपस्थित रहे। प्रतिभागी कवियों ने देश के वर्तमान परिदृश्य व विभिन्न सामाजिक पहलुओं पर आधारित हिंदी व हरियाणवी में लिखी अपनी कविताएं सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी।
जहां डॉ. दलवंती सहरावत, डॉ. मनजीत भारतीय, अर्चना झा, सोनिका सवेरा आदि ने हिंदी में काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वहीं देसी काव्य मंच के संस्थापक संदीप शर्मा बावरा, लोक कवि जगबीर कौशिक व अध्यक्षता कर रहे कृष्ण लाल गिरधर ने हिंदी के अलावा हरियाणवी में भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
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यहां गिरधर ने अंग्रेजी में लिखी अपनी पुस्तक मी एंड माई अनसैड फीलिंग के हवाले से भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में उपस्थित दो विद्यार्थियों हिमांशी और रुद्र कौशिक ने भी अपने संक्षिप्त काव्य पाठ से सबका ध्यान आकर्षित किया। आयोजकों ने मंचासीन अध्यक्ष सहित सभी कवियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की सूचना पाकर दिल्ली से पधारे कलमकार मुकेश भोगल व प्रकृति भक्त फाऊंडेशन के पदाधिकारियों राजेश शर्मा, वंदना सहरावत, अश्विनी पाराशर व पूजा वशिष्ट के अलावा कलम की ताकत से जुड़े हरिप्रसाद शर्मा, रजनीश कौशिक, रामनिवास शर्मा, राजबीर, राजबाला, नित्यानंद झा, सतीश शर्मा, पूजा व प्रिंस भारद्वाज भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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देर शाम तक चले इस काव्योत्सव में प्रकृति भक्त फाउंडेशन और कलम की ताकत जैसी संस्थाओं से जुड़े महानुभाव भी उपस्थित रहे। प्रतिभागी कवियों ने देश के वर्तमान परिदृश्य व विभिन्न सामाजिक पहलुओं पर आधारित हिंदी व हरियाणवी में लिखी अपनी कविताएं सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी।
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जहां डॉ. दलवंती सहरावत, डॉ. मनजीत भारतीय, अर्चना झा, सोनिका सवेरा आदि ने हिंदी में काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वहीं देसी काव्य मंच के संस्थापक संदीप शर्मा बावरा, लोक कवि जगबीर कौशिक व अध्यक्षता कर रहे कृष्ण लाल गिरधर ने हिंदी के अलावा हरियाणवी में भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
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यहां गिरधर ने अंग्रेजी में लिखी अपनी पुस्तक मी एंड माई अनसैड फीलिंग के हवाले से भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में उपस्थित दो विद्यार्थियों हिमांशी और रुद्र कौशिक ने भी अपने संक्षिप्त काव्य पाठ से सबका ध्यान आकर्षित किया। आयोजकों ने मंचासीन अध्यक्ष सहित सभी कवियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की सूचना पाकर दिल्ली से पधारे कलमकार मुकेश भोगल व प्रकृति भक्त फाऊंडेशन के पदाधिकारियों राजेश शर्मा, वंदना सहरावत, अश्विनी पाराशर व पूजा वशिष्ट के अलावा कलम की ताकत से जुड़े हरिप्रसाद शर्मा, रजनीश कौशिक, रामनिवास शर्मा, राजबीर, राजबाला, नित्यानंद झा, सतीश शर्मा, पूजा व प्रिंस भारद्वाज भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।