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Jhajjar-Bahadurgarh News: राष्ट्र का प्रणाम स्वीकार करें गुरुवर भावुक पोस्ट शेयर कर मनु ने जताई संवेदना

Sat, 13 Jun 2026 02:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sat, 13 Jun 2026 02:40 AM IST
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"Please accept the nation's salutations, revered Guru": Manu expressed her condolences by sharing an emotional post.
12jjrp03- सोशल मीडिया पर अपने गुरु के प्रति शब्द लिखकर मनु भाकर ने दी अंतिम विदाई। स्रोत : सोशल
साल्हावास। राष्ट्र का प्रणाम स्वीकार करें गुरुवर पंक्तियां लिख ओलिंपियन मेडलिस्ट शूटर मनु भाकर ने अपने कोच जसपाल राणा को श्रद्धांजलि देते हुए संवेदना जताई है। उनके कोच का निधन उस समय हुआ जब मनु प्रतियोगिता में व्यस्त थी। कोच जसपाल राणा 49 साल के थे।
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मनु भाकर के परिजनों ने बताया कि मनु प्रतियोगिता में व्यस्त थी इसलिए कई घंटों तक उससे ये बात छिपानी पड़ी। मनु की मां डाॅ. सुमेधा भाकर ने मनु और उनके कोच जसपाल राणा की फोटोयुक्त एक पोस्ट शेयर की। इसमें मनु भाकर और जसपाल राणा दोनों पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने के बाद मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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गुरु जसपाल राणा के निधन की खबर सुन टूट गई मनु


शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे उन्हें कोच के निधन की बात बताई गई। इसके बाद मनु ने बीच में ही अपना मैच रोक दिया। कोच के निधन की खबर सुनते ही मनु भाकर के हाथ से पिस्टल छूट गई। कुछ पल तक मनु एक जगह ही खड़ी रहीं। इसके बाद भावुक होकर वहीं जमीन पर बैठ गईं। उन्होंने शूटिंग मुकाबला भी बीच में ही छोड़ दिया। मनु नेशनल ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने के लिए देहरादून (उत्तराखंड) में हैं। यहां 25 मीटर एयर पिस्टल में मैच खेल रही थीं। कोच जसपाल राणा की तबीयत खराब होने के बाद मनु लगातार उनके संपर्क में थी। वीरवार शाम को भी उन्होंने फोन पर जसपाल राणा से बातचीत की थी। बातचीत के दौरान कोच ने तबीयत में सुधार और जल्द ही ठीक होने की बात कही थी मगर अगले दिन ही उनका निधन हो गया।
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मेरे लिए वे हमेशा मेरे ही कोच रहेंगे : मनु भाकर

जसपाल राणा की कोचिंग और उनकी काबिलियत की तारीफ करते हुए मनु भाकर ने कहा था कि ईमानदारी से कहूं तो मुझे सिर्फ एक ही बात कहनी है कि वह ही मेरे कोच हैं मैं बस इतना ही जानती हूं। वह जो करते हैं उसमें वे बेहद माहिर हैं और असाधारण रूप से प्रतिभाशाली हैं। वह मेरे लिए एक बेहतरीन कोच रहे हैं। मैं बस इतना कह सकती हूं कि वह मेरे कोच हैं। बेशक वह किसी और के भी कोच हो सकते हैं लेकिन मेरे लिए वह हमेशा मेरे ही कोच रहेंगे।



मनु भाकर के शूटिंग करियर में कोच जसपाल राणा का रहा अहम योगदान

मनु भाकर के जीवन में उनके गुरु व कोच जसपाल राणा का अहम योगदान रहा है। उन्होंने मनु भाकर को व्यक्त प्रशिक्षण दिया है। वर्ष 2016 में जब मनु भाकर ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू की थी तभी से जसपाल सिंह राणा उनके मार्गदर्शक बने। जसपाल राणा पहले भारतीय टीम के कोच रहे बाद में मनु को व्यक्तिगत ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी थी। जसपाल राणा मनु भाकर के साथ लगभग एक दशक तक रहे हैं। ओलिंपिक से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक जाने के लिए जसपाल ने मनु को प्रशिक्षण दिया है। हाल ही में इटली में हुई मिनी वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी वह मनु के साथ मौजूद थे। मनु कई बार सार्वजनिक मंचों पर कह चुकी हैं कि उनके कॅरिअर को नई दिशा देने में कोच जसपाल सिंह राणा का सबसे बड़ा योगदान है। उनके बीच का यह करीबी रिश्ता खेल के मैदान पर एक कड़े अनुशासन और आपसी भरोसे की नींव पर टिका हुआ था।

12jjrp03- सोशल मीडिया पर अपने गुरु के प्रति शब्द लिखकर मनु भाकर ने दी अंतिम विदाई। स्रोत : सोशल

12jjrp03- सोशल मीडिया पर अपने गुरु के प्रति शब्द लिखकर मनु भाकर ने दी अंतिम विदाई। स्रोत : सोशल

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