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ओडीएफ प्लान को बेरी में झटका, पानी की किल्लत ने किए खुले में शौच को मजबूर
अमर उजाला/ब्यूराो/बहादुरगढ़/झज्जजर
Updated Sat, 13 May 2017 12:53 AM IST
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जिला प्रशासन के आदेश पर बेरी में चलाए जा रहे खुले में शौच मुक्त अभियान को झटका लगा है। इस अभियान के सफल न होने का सबसे बड़ा कारण पिछले एक माह से बेरी मेें चरमराई पानी और बिजली की व्यवस्था है। इसके चलते इलाके की अधिकांश महिलाएं और पुरुष खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। गत एक माह से कस्बे में पानी सप्लाई को लेकर हा-हाकार मचा हुआ है। महिलाएं सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर चुकी हैं और स्थानीय विधायक और पूर्व विस अध्यक्ष डॉ. रघुबीर सिंह कादियान प्रशासन को बाकायदा इस मामले में ज्ञापन सौंपकर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे चुके हैं। लेकिन इन सबके बावजूद भी बेरी में पानी की सप्लाई के हालात खराब है।
खुले में शौच जाना बना मजबूरी
सरकार द्वारा लगभग आठ वर्ष पूर्व बेरी में करोड़ों रुपये की लागत से सीवरेज का निर्माण करवाया गया था। लिहाजा विभाग के दबाव के बावजूद कुछ लोगों ने सीवरेज के कनेक्शन अपने घरों में करवा लिए थे। लेकिन सीवरेज व्यवस्था सुचारु रूप से चले, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का होना बेहद जरूरी है। हिदायतों के अनुसार प्रति व्यक्ति 175 लिटर पानी की उपलब्धता होनी जरूरी है। लेेकिन बेरी मेें 175 लीटर पानी प्रति व्यक्ति तो बड़ी बात लोगों को पानी के दर्शन मुश्किल से हो पाते हैं। ऐसे में सीवरेज और लोगों के घरों में बने शौचालय ठप्प पड़े हैं। लोगों को मजबूरन पानी के अभाव में खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है।
10 मिनट आता है पानी
कस्बा वासियों का कहना है कि पानी की सप्लाई का रात में बैठकर इंतजार करना पड़ता है। कभी देर रात तो कभी तीन बजे सप्लाई दी जाती है। इस दौरान भी मात्र 10-20 मिनट पानी आता है। जिससे थोड़ा पानी ही नसीब होता है। दिन में ड्यूटी पर जाना पड़ता है। अगर सप्लाई का कोई समय निश्चित हो तो वे केवल उसी समय का इंतजार करें। लेकिन कोई शेड्यूल निर्धारित नहीं होने से उनकी रात की नींद और दिन का चैन गायब है। कहने को तो बेरी में दो जलघर हैं। लेकिन क्षेत्र के लोगों के सामने पिछले एक माह से पानी की विकट समस्या बनी हुई है।
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नहीं होगा ओडीएफ का सपना पूरा
प्रशासन और सरकार द्वारा चलाए जा रहे खुले में शौच मुक्त अभियान को पानी की समस्या के चलते क्षेत्र में पलीता लगता दिखाई दे रहा है। पानी की समस्या के चलते लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माध्यम से पानी की समस्या का समाधान करवाए। तब जाकर खुले में शौच मुक्त अभियान सफल हो पाएगा।
वर्जन
नहर में पानी न होने की वजह से पानी की सप्लाई सुचारु रूप से नहीं हो पा रही। पानी की सप्लाई को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। खेतों में किसानों द्वारा लगाए गए ट्यूबवेल से पानी लेकर सप्लाई को सुचारु रूप किया जाएगा।
संजय राय, एसडीएम, बेरी।
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खुले में शौच जाना बना मजबूरी
सरकार द्वारा लगभग आठ वर्ष पूर्व बेरी में करोड़ों रुपये की लागत से सीवरेज का निर्माण करवाया गया था। लिहाजा विभाग के दबाव के बावजूद कुछ लोगों ने सीवरेज के कनेक्शन अपने घरों में करवा लिए थे। लेकिन सीवरेज व्यवस्था सुचारु रूप से चले, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का होना बेहद जरूरी है। हिदायतों के अनुसार प्रति व्यक्ति 175 लिटर पानी की उपलब्धता होनी जरूरी है। लेेकिन बेरी मेें 175 लीटर पानी प्रति व्यक्ति तो बड़ी बात लोगों को पानी के दर्शन मुश्किल से हो पाते हैं। ऐसे में सीवरेज और लोगों के घरों में बने शौचालय ठप्प पड़े हैं। लोगों को मजबूरन पानी के अभाव में खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है।
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10 मिनट आता है पानी
कस्बा वासियों का कहना है कि पानी की सप्लाई का रात में बैठकर इंतजार करना पड़ता है। कभी देर रात तो कभी तीन बजे सप्लाई दी जाती है। इस दौरान भी मात्र 10-20 मिनट पानी आता है। जिससे थोड़ा पानी ही नसीब होता है। दिन में ड्यूटी पर जाना पड़ता है। अगर सप्लाई का कोई समय निश्चित हो तो वे केवल उसी समय का इंतजार करें। लेकिन कोई शेड्यूल निर्धारित नहीं होने से उनकी रात की नींद और दिन का चैन गायब है। कहने को तो बेरी में दो जलघर हैं। लेकिन क्षेत्र के लोगों के सामने पिछले एक माह से पानी की विकट समस्या बनी हुई है।
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नहीं होगा ओडीएफ का सपना पूरा
प्रशासन और सरकार द्वारा चलाए जा रहे खुले में शौच मुक्त अभियान को पानी की समस्या के चलते क्षेत्र में पलीता लगता दिखाई दे रहा है। पानी की समस्या के चलते लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माध्यम से पानी की समस्या का समाधान करवाए। तब जाकर खुले में शौच मुक्त अभियान सफल हो पाएगा।
वर्जन
नहर में पानी न होने की वजह से पानी की सप्लाई सुचारु रूप से नहीं हो पा रही। पानी की सप्लाई को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। खेतों में किसानों द्वारा लगाए गए ट्यूबवेल से पानी लेकर सप्लाई को सुचारु रूप किया जाएगा।
संजय राय, एसडीएम, बेरी।