{"_id":"66aeb8d0f9975ab28a0fbbe9","slug":"operating-staff-not-found-even-after-two-years-bahadurgarh-news-c-195-1-nnl1001-112486-2024-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: दो साल बाद भी नहीं मिला ऑपरेटिंग स्टाफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: दो साल बाद भी नहीं मिला ऑपरेटिंग स्टाफ
Sun, 04 Aug 2024 04:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 04 Aug 2024 04:40 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। दो साल पहले कोरोना कॉल में सरकारी अस्पतालों को उपलब्ध कराए गए वेंटिलेटर को चलाने के लिए आज भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति एनएचएम के तहत की जानी है, लेकिन कई बार भर्ती निकालने के बाद भी कोई ज्वाइन करने को तैयार नहीं है। ऑपरेटिंग स्टाफ की कमी के कारण झज्जर के सरकारी अस्पताल में तो वेंटिलेटर को कमरे में बंद करके रखा हुआ है जबकि बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में आईसीयू में इन वेंटिलेटरों को लगाया गया है।
फिलहाल सरकारी अस्पताल में पहले से कार्यरत एमबीबीएस डॉक्टरों व स्टाफ नर्स को ही इनको चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है। गंभीर मरीज आने की स्थिति में मेडिकल ऑफिसर या स्टॉफ नर्स ही इनका संचालन करते हैं अन्यथा मरीज को पीजीआईएमएस रोहतक रेफर कर दिया जाता है। पूरे जिले की बात करें तो कुल 27 वेंटिलेटर है। इसमें 18 बहादुरगढ़ सरकारी अस्पताल और 9 झज्जर के सरकारी अस्पताल में है। इनमें से झज्जर के सरकारी अस्पताल के वेंटीलेटर को इंस्टाल कर कमरे में ही बंद किया हुआ है। उनका संचालन आज तक नहीं हुआ। केवल मॉक डि्रल के दिन ही उनका प्रयोग किया जाता है।
अधिकारियों का कहना-नहीं आ रहे विशेषज्ञ चिकित्सक
अधिकारियों की माने तो वेंटीलेटर चलाने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए कई बार एनएचएम के तहत भर्ती निकाली जा चुकी है, लेकिन कोई आने को तैयार नहीं है। अब दोबारा से भर्ती निकाली गई है। हर वीरवार को भर्ती के लिए आवेदन लेकर साथ ही साक्षात्कार भी करवाया जाता है, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आ रहा।
विज्ञापन
वर्जन
वेंटीलेटरों के संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की जानी है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल किसी ने ज्वाइन नहीं किया है।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर
विज्ञापन
फिलहाल सरकारी अस्पताल में पहले से कार्यरत एमबीबीएस डॉक्टरों व स्टाफ नर्स को ही इनको चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है। गंभीर मरीज आने की स्थिति में मेडिकल ऑफिसर या स्टॉफ नर्स ही इनका संचालन करते हैं अन्यथा मरीज को पीजीआईएमएस रोहतक रेफर कर दिया जाता है। पूरे जिले की बात करें तो कुल 27 वेंटिलेटर है। इसमें 18 बहादुरगढ़ सरकारी अस्पताल और 9 झज्जर के सरकारी अस्पताल में है। इनमें से झज्जर के सरकारी अस्पताल के वेंटीलेटर को इंस्टाल कर कमरे में ही बंद किया हुआ है। उनका संचालन आज तक नहीं हुआ। केवल मॉक डि्रल के दिन ही उनका प्रयोग किया जाता है।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना-नहीं आ रहे विशेषज्ञ चिकित्सक
अधिकारियों की माने तो वेंटीलेटर चलाने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए कई बार एनएचएम के तहत भर्ती निकाली जा चुकी है, लेकिन कोई आने को तैयार नहीं है। अब दोबारा से भर्ती निकाली गई है। हर वीरवार को भर्ती के लिए आवेदन लेकर साथ ही साक्षात्कार भी करवाया जाता है, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आ रहा।
विज्ञापन
वर्जन
वेंटीलेटरों के संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती की जानी है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल किसी ने ज्वाइन नहीं किया है।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर