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Jhajjar-Bahadurgarh News: हिमालय की दुर्गम चोटियों पर 55 से अधिक आयु में महेश चंद ने रचा इतिहास

Thu, 23 Apr 2026 03:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 23 Apr 2026 03:36 AM IST
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Mahesh Chand made history on the inaccessible peaks of the Himalayas at the age of over 55.
-फोटो 88 : प्रतियोगिता में भाग लेने वाले धावक। स्रोत ग्रुप
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ रनर्स ग्रुप के धावकों ने एक बार फिर साहस, अनुशासन और जज्बे का परिचय देते हुए हिमालय की कठिन वादियों में नया इतिहास रच दिया। भारतीय सेना की ओर से आयोजित सूर्य देव भूमि चैलेंज 2.0 में बीआरजी के धावक महेश चंद ने 55 से अधिक आयु वर्ग में 113 किलोमीटर की कठिन ट्रेल रन पूरी कर सभी को प्रेरित किया।
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प्रतियोगिता का शुभारंभ 16 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम में सेना प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने किया। यह ट्रेल रन केवल एक दौड़ नहीं बल्कि हिमालय के दुर्गम, बर्फीले और ऐतिहासिक मार्गों पर साहस, सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता की कड़ी परीक्षा थी।
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तीन चरणों में आयोजित इस प्रतियोगिता में पहले दिन 17 अप्रैल को मंडल से कालगोट (36 किमी), दूसरे दिन 18 अप्रैल को कालगोट से मंडल (39 किमी) और तीसरे दिन 19 अप्रैल को मंडल से ऊखीमठ (38 किमी) तक दौड़ आयोजित की गई।्र
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बीआरजी के संस्थापक दीपक छिल्लर ने धावकों का उत्साहवर्धन किया। इवेंट का समापन 20 अप्रैल को श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में हुआ जहां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्यातिथि विजेताओं को सम्मानित किया।



प्राचीन रास्तों से गुजरी 113 किलोमीटर की यात्रा
यात्रा 113 किलोमीटर के उन प्राचीन रास्तों से गुजरी जिन पर कभी संत-महात्मा बद्रीनाथ से केदारनाथ तक पदयात्रा किया करते थे। कठिन चढ़ाई, बर्फ से ढके रास्ते, संकरे ट्रेल और लगातार बदलते मौसम के बीच महेश चंद ने अपनी पहली ही ट्रेल रन को 32 घंटे 38 मिनट 10 सेकेंड में निर्धारित समय से पहले पूरा कर यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है।वहीं भारतीय सेना की ओर से कठिन परिस्थितियों में पानी, सुरक्षा और रेस्क्यू की बेहतरीन व्यवस्था की गई।
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