फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Jhajjar, hindi news, amit deshwal, Jhajjar

मां से कहा था जल्द आऊंगा घर, तिरंगे में लिपटकर पहुंचा शव

Sat, 16 Apr 2016 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर Updated Sat, 16 Apr 2016 01:56 AM IST
विज्ञापन
Jhajjar, hindi news, amit deshwal, Jhajjar
अमित - फोटो : bureau
शहीद मेजर अमित देशवाल ने मुठभेड़ से तीन दिन पहले मां को फोन कर कहा था कि जल्द ही छुट्टी लेकर घर आऊंगा। मां बेटे के आने के इंतजार में पलक पांवड़े बिछाए बैठी थी, इसी बीच उसके शहीद होने की खबर मिली तो जैसे कलेजा निकल गया।
विज्ञापन

  शुक्रवार को तिरंगे में लिपटा बेटे का शव देखकर मां बेदवती बेहोश हो गई। घर में कोहराम मच गया था, माहौल ऐसा था कि सांत्वना देने आए लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्हें बहादुर बेटे की मौत का गम जरूर था लेकिन इस बात का गर्व भी था कि एक और रणबांकुरे ने देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए। शाम करीब चार बजे पैतृक गांव सुरेहती में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अमित के भाई अंकित ने चिता को मुखाग्नि दी। तीन वर्षीय बेटे अर्जुन ने पिता को सर झुकाकर अंतिम विदाई दी। शहीद के पार्थिव शरीर को दिल्ली से हैलिकॉप्टर के जरिए दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर झज्जर के सैक्टर 6 स्थित उनके निवास पर लाया गया।
विज्ञापन


यहां से करीब ढाई बजे सेना के जवान शहीद के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुरेहती के लिए लेकर रवाना हुए। शव के घर पहुंचने पर परिजनों के विलाप को देखकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया। मां बेदवती रोते-रोते बेहोश हो गई जबकि उनकी पत्नी नीता गुमसुम थी। अमित को अंतिम नमन करने को आने वाले यही कह रहे थे कि धन्य है वो मां जिसका लाल देश की रक्षा करते शहीद हो गया और धन्य है हमारे वीर सैनिक जो देश के दुश्मनों को मारने के लिए अपनी जान तक कुर्बान करने से पीछे नही हटते। शाम करीब 4 बजकर 35 मिनट पर पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। गौरतलब है कि बुधवार को मणिपुर के तामेंगलोंग में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में मेजर अमित कुमार शहीद हो गए थे। कुछ आतंकियों को ढेर करने के बाद दो गोलियों ने मेजर अमित के सीने को भी छलनी कर दिया था और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सेना से रिटायर्ड शहीद के पिता ऋषिराम ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, जिसने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed