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जाट आरक्षण : हाईवे पर नहीं ले जा सकेंगे ट्रैक्टर, धारा 144 लागू
अमर उाला ब्यूरो/झज्जर
Updated Sun, 19 Mar 2017 12:47 AM IST
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आंदोलन को लेकर फोर्स के जवान अलर्ट
- फोटो : amarujala
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वार्ता फेल होने के बाद जाटों के तेवर अब तीखे नजर आने लगे हैं। सरकार के साथ हुई वार्ता का ब्यौरा देने के लिए शनिवार को राशलवाला चौक पर समिति के प्रदेश महासचिव अशोक बल्हारा पहुंचे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सरकार षड्यंत्र रचकर आंदोलन को तोड़ना चाहती थी लेकिन वे समय रहते समझ गए। उन्होंने कहा कि वे अब किसी बहकावे में आने वाले नहीं हैं और सरकार के साथ अब कोई वार्ता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जाटों ने रोड टैक्स दिया है और उनके ट्रैक्टरों को दिल्ली जाने से कोई नहीं रोक सकता। अगर कहीं भी उन्हें रोका गया तो वे पैदल ही दिल्ली की तरफ चल देंगे। अगर फिर भी उन्हें रोका गया तो वहीं पर बैठ जाएंगे। वहीं उन्होंने कहा कि अगर सरकार के इशारे पर प्रशासन ने उनके साथ छेड़खानी की तो धरनों को चला रही महिलाएं टैंट को सड़क पर गाड़ देंगी।
दोपहर बाद से मिली महिलाओं को कमान
धरनों का संचालन करने के लिए शनिवार दोपहर बाद ही महिलाओं को कमान सौंप दी गई। 11 महिलाओं की कमेटी बनाकर उनके साथ 20 मार्च को 5 बुजुर्ग रहेंगे ताकि धरने भी चलते रहें। रविवार को भी धरने पर केवल महिलाएं ही पहुंचेंगी और जाट समुदाय के लोग गांव स्तर पर अपनी रणनीति बनाएंगें। वहीं महिलाओं को संबोधित करते हुए सुमन कबलाना ने कहा कि अगर कोई नौबत आई तो वे भी पीछे नहीं हटेंगी।
दादरी और लोहारू के जाट आज पहुंचेंगे
दादरी व लोहारू के जाटों के ट्रैक्टर-ट्रॉली रविवार की शाम को ही राशवाला चौक पर पहुंचने शुरू हो जाएंगें। जिनका रात्रि ठहराव राशलवाला चौक पर ही रहेगा। वहीं इस दौरान उनके खाने की व्यवस्था को संभालने के लिए 50 हलवाइयों की टीम जुटी रहेगी। सोमवार की सुबह ये लोग भी झज्जर के काफिले में शामिल हो जाएंगे और दिल्ली को रवाना होंगे।
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हथियार लेकर चलने पर पाबंदी
डीसी रमेश चंद्र बिढ़ाण ने जिले में धारा 144 लगने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधीश की ओर से जारी आदेशों में कहा कि गया है कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 20 मार्च को संसद घेराव की बात प्रशासन के संज्ञान में आई है। इस दौरान जिले में सरकारी व गैर-सरकारी संपत्ति की सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, जान-माल की हानि रोकने व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 21 मार्च तक यह आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशों के मुताबिक रेलवे ट्रैक व स्टेशन, राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्गों तथा संपर्क सड़कों के 500 मीटर के क्षेत्र में पांच अथवा पांच से अधिक लोगों के जमा होने तथा अग्नि शस्त्र, लाठी, बरछी, जेली एवं गंडासे सरीखे नुकीले हथियारों लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंद रहेगा।
शराब ठेके और इंटरनेट सेवाएं रहेंगी बंद
जिलाधीश ने सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों को रोकने के लिए जिले की सीमाओं में मोबाइल फोन पर उपलब्ध होने वाली इंटरनेट सेवाएं व जीपीआरएस और बल्क एसएमएस सेवाओं पर भी पाबंदी लगा दी है। यह सेवाएं फिलहाल 21 मार्च सुबह नौ बजे तक बंद करने का फैसला जनहित में लिया गया है। जिले में सभी शराब की दुकानों को तुरंत प्रभाव से 21 मार्च सुबह 9 बजे तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। उप कराधान एवं आयुक्त झज्जर को आदेशों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर रखा जाएगा सुचारू यातायात
राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर यातायात को सुचारू व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत प्रभाव से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में पांच या पांच से अधिक सवार होने पर पाबंदी लगा दी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में खाद्य प्रदार्थ, खाना पकाने वाला सामान या किसी भी प्रकार का हथियार जैसे लाठी, डंडे, तलवार, भरे हो उनको राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधीश ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी कि हैं कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में 10 लीटर से ज्यादा तेल न डाले तथा उस ट्रैक्टर चालक का नाम, वाहन का पंजीकरण नंबर व वाहन में सवार व्यक्तियों की संख्या आदि का पूरा विवरण रजिस्टर में इंद्राज करें। खुले में जैसे ड्रम, कैन, जरिकन व बोतल या अन्य बर्तन में पेट्रोल व डीजल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण और पुलिस अधीक्षक बी सतीश बालन ने शनिवार को जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। बैठक में कुलवीर सिंह आईपीएस, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. नरहरि बांगड़, एसडीएम बेरी संजय राय, एसडीएम झज्जर प्रदीप कौशिक, एसडीएम बहादुरगढ़ जगनिवास सीटीएम विजय सिंह, डीएसपी राजीव, हंसराज, भगतराम, पेरामिलिट्री फोर्स के अधिकारियों सहित ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि जिले में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। 20 मार्च को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के दिल्ली जाकर संसद घेराव को ध्यान में रखते हुए सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में आपसी तालमेल और धैर्य के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें।
एसपी बी सतीश बालन ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गो पर अनाधिकृत वाहनों को चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने पुख्ता प्रबंध किए हैं। एसपी ने कहा कि अफवाहों फैलाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है। सोशल मीडिया या अन्य तरीकों से अफवाह फैलाने वालों पर कानूनन कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। पुलिस पीआरओ चमन के अनुसार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस की मदद के लिए लगभग 13 कंपनियां पैरामिलिट्री और 12 कंपनी आर्मी की तैनात की जा रही हैं।
डीसी ने की एसोसिएशनों व गण्यमान्य लोगों के साथ बैठक
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने शनिवार को लघु सचिवालय में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में गैर कानूनी कार्यों और हिंसा का कोई स्थान नहीं होता। सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान केवल बातचीत से ही निकलता है।
उपायुक्त ने पंच-सरपंचों ,शांति समिति के सदस्यों, पेट्रोल पंप संचालक एशोसिएशन, खाप प्रतिनिधियों सहित विभिन संगठनों के लोगों के साथ बैठक करते हुए कहा कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 20 मार्च को दिल्ली जाकर संसद घेराव की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने,रखने और प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। इसके लिए एक प्रक्रिया है और वह प्रक्रिया है कि बिना कानून हाथ में लिए शांति पूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि आप समाज के प्रबुद्धजन हैं, इसलिए आप स ाी का भी दायित्व बनता है कि सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपना योगदान दें। युवाओं का सही मार्गदर्शन करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक बी सतीश बालन और कर्मवीर सिंह आईपीएस ने भी सामाजिक संगठनों से सहयोग का आह्वान किया।
बैठक में पूर्व विधान सभा स्पीकर मनफूल सिंह, पूर्व विधायक हरिराम वाल्मिकि, पूर्व विधायक उदय सिंह दलाल, उमेश नंदवानी, मनीष बसंल सहित जिलेभर से पंच-सरपंच, पार्षदों ने भाग लिया और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त डॉ नरहरि बांगड़, एसडीएम बेरी संजय राय, एसडीएम झज्जर प्रदीप कौशिक, एसडीएम बहादुरगढ़ जगनिवास सीटीएम विजय सिंह अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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दोपहर बाद से मिली महिलाओं को कमान
धरनों का संचालन करने के लिए शनिवार दोपहर बाद ही महिलाओं को कमान सौंप दी गई। 11 महिलाओं की कमेटी बनाकर उनके साथ 20 मार्च को 5 बुजुर्ग रहेंगे ताकि धरने भी चलते रहें। रविवार को भी धरने पर केवल महिलाएं ही पहुंचेंगी और जाट समुदाय के लोग गांव स्तर पर अपनी रणनीति बनाएंगें। वहीं महिलाओं को संबोधित करते हुए सुमन कबलाना ने कहा कि अगर कोई नौबत आई तो वे भी पीछे नहीं हटेंगी।
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दादरी व लोहारू के जाटों के ट्रैक्टर-ट्रॉली रविवार की शाम को ही राशवाला चौक पर पहुंचने शुरू हो जाएंगें। जिनका रात्रि ठहराव राशलवाला चौक पर ही रहेगा। वहीं इस दौरान उनके खाने की व्यवस्था को संभालने के लिए 50 हलवाइयों की टीम जुटी रहेगी। सोमवार की सुबह ये लोग भी झज्जर के काफिले में शामिल हो जाएंगे और दिल्ली को रवाना होंगे।
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हथियार लेकर चलने पर पाबंदी
डीसी रमेश चंद्र बिढ़ाण ने जिले में धारा 144 लगने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधीश की ओर से जारी आदेशों में कहा कि गया है कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 20 मार्च को संसद घेराव की बात प्रशासन के संज्ञान में आई है। इस दौरान जिले में सरकारी व गैर-सरकारी संपत्ति की सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, जान-माल की हानि रोकने व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 21 मार्च तक यह आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशों के मुताबिक रेलवे ट्रैक व स्टेशन, राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्गों तथा संपर्क सड़कों के 500 मीटर के क्षेत्र में पांच अथवा पांच से अधिक लोगों के जमा होने तथा अग्नि शस्त्र, लाठी, बरछी, जेली एवं गंडासे सरीखे नुकीले हथियारों लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंद रहेगा।
शराब ठेके और इंटरनेट सेवाएं रहेंगी बंद
जिलाधीश ने सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहों को रोकने के लिए जिले की सीमाओं में मोबाइल फोन पर उपलब्ध होने वाली इंटरनेट सेवाएं व जीपीआरएस और बल्क एसएमएस सेवाओं पर भी पाबंदी लगा दी है। यह सेवाएं फिलहाल 21 मार्च सुबह नौ बजे तक बंद करने का फैसला जनहित में लिया गया है। जिले में सभी शराब की दुकानों को तुरंत प्रभाव से 21 मार्च सुबह 9 बजे तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। उप कराधान एवं आयुक्त झज्जर को आदेशों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर रखा जाएगा सुचारू यातायात
राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर यातायात को सुचारू व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत प्रभाव से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में पांच या पांच से अधिक सवार होने पर पाबंदी लगा दी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में खाद्य प्रदार्थ, खाना पकाने वाला सामान या किसी भी प्रकार का हथियार जैसे लाठी, डंडे, तलवार, भरे हो उनको राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधीश ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी कि हैं कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में 10 लीटर से ज्यादा तेल न डाले तथा उस ट्रैक्टर चालक का नाम, वाहन का पंजीकरण नंबर व वाहन में सवार व्यक्तियों की संख्या आदि का पूरा विवरण रजिस्टर में इंद्राज करें। खुले में जैसे ड्रम, कैन, जरिकन व बोतल या अन्य बर्तन में पेट्रोल व डीजल पर प्रतिबंध लगा दिया है।
उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण और पुलिस अधीक्षक बी सतीश बालन ने शनिवार को जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। बैठक में कुलवीर सिंह आईपीएस, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. नरहरि बांगड़, एसडीएम बेरी संजय राय, एसडीएम झज्जर प्रदीप कौशिक, एसडीएम बहादुरगढ़ जगनिवास सीटीएम विजय सिंह, डीएसपी राजीव, हंसराज, भगतराम, पेरामिलिट्री फोर्स के अधिकारियों सहित ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि जिले में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। 20 मार्च को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के दिल्ली जाकर संसद घेराव को ध्यान में रखते हुए सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में आपसी तालमेल और धैर्य के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें।
एसपी बी सतीश बालन ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गो पर अनाधिकृत वाहनों को चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने पुख्ता प्रबंध किए हैं। एसपी ने कहा कि अफवाहों फैलाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है। सोशल मीडिया या अन्य तरीकों से अफवाह फैलाने वालों पर कानूनन कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। पुलिस पीआरओ चमन के अनुसार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पुलिस की मदद के लिए लगभग 13 कंपनियां पैरामिलिट्री और 12 कंपनी आर्मी की तैनात की जा रही हैं।
डीसी ने की एसोसिएशनों व गण्यमान्य लोगों के साथ बैठक
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण ने शनिवार को लघु सचिवालय में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में गैर कानूनी कार्यों और हिंसा का कोई स्थान नहीं होता। सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान केवल बातचीत से ही निकलता है।
उपायुक्त ने पंच-सरपंचों ,शांति समिति के सदस्यों, पेट्रोल पंप संचालक एशोसिएशन, खाप प्रतिनिधियों सहित विभिन संगठनों के लोगों के साथ बैठक करते हुए कहा कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 20 मार्च को दिल्ली जाकर संसद घेराव की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने,रखने और प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। इसके लिए एक प्रक्रिया है और वह प्रक्रिया है कि बिना कानून हाथ में लिए शांति पूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि आप समाज के प्रबुद्धजन हैं, इसलिए आप स ाी का भी दायित्व बनता है कि सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपना योगदान दें। युवाओं का सही मार्गदर्शन करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक बी सतीश बालन और कर्मवीर सिंह आईपीएस ने भी सामाजिक संगठनों से सहयोग का आह्वान किया।
बैठक में पूर्व विधान सभा स्पीकर मनफूल सिंह, पूर्व विधायक हरिराम वाल्मिकि, पूर्व विधायक उदय सिंह दलाल, उमेश नंदवानी, मनीष बसंल सहित जिलेभर से पंच-सरपंच, पार्षदों ने भाग लिया और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त डॉ नरहरि बांगड़, एसडीएम बेरी संजय राय, एसडीएम झज्जर प्रदीप कौशिक, एसडीएम बहादुरगढ़ जगनिवास सीटीएम विजय सिंह अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।