फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   hindi story, Jaat Reservation, jhajjhar/bahadurgrah

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव कई परिवार हुए तबाह

Tue, 08 Mar 2016 12:18 AM IST
Jhajhar/Bahadurgrah
Jhajhar/Bahadurgrah Updated Tue, 08 Mar 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
hindi story, Jaat Reservation, jhajjhar/bahadurgrah
जाट आंदोलन - फोटो : Bureau

छावनी मोहल्ले में लोगों को अब दिलासा देने आ रहे नेता अखरने लगे हैं। असल में उनको अब सहानुभूति की नहीं बल्कि पुनर्वास के लिए धन की जरूरत है। छावनी के 23 व्यक्तियों ने सरकार से नुकसान का मुआवजा मांगा है। करीब 12 पीड़ितों को पहली किस्त मिल चुकी है, लेकिन आधे से ज्यादा पीड़ितों को अभी कुछ नहीं मिला है।

विज्ञापन


वे हर आने वाले के आगे अब मुआवजा न मिलने की फरियाद कर रहे हैं। हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कर्मबीर सैनी के आगे मामला उठा तो उन्होंने मुआवजा देने के लिए प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया, इसके बाद समर्थकों के साथ धरना देने की धमकी।

विज्ञापन

15 दिन से सिर्फ दिलासा, मदद नहीं
छावनी मोहल्ले में 21 फरवरी को हिंसा हुई थी। यहां असामाजिक तत्वों ने घरों दुकानों को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ व आगजनी की। आरोप लूटपाट के भी हैं। छावनी में दो व्यक्तियों की हत्या भी हुई। प्रदेश व केंद्र के कई मंत्री छावनी आ कर पीड़ितों का दुखदर्द बांट चुके हैं। आंसू पोंछने वालों में विपक्ष के प्रमुख नेता भी रहे। कइयों को जहां मोहल्ले वालों ने सिर आंखों पर बैठाया, तो कइयों को दुत्कारा भी। पिछले 15 दिन से यहां सहानुभूति जताने व मदद की दिलासा देने का दौर चल रहा है। पीड़ितों की मानें तो वे अब इससे अजीज आ चुके हैं। उनको अब दिलासा या सहानुभूति की जरूरत नहीं बल्कि आर्थिक मदद की जरूरत है, ताकि वे अपना असियाना या काम धंधा पुन: शुरू कर सकें। इस मामले में फिलहाल 11 व्यक्तियों को ही सरकार ने मुआवजे की पहली किस्त जारी की है। अन्य 22 पीड़ितों को तो अभी पहली किस्त भी नहीं मिली है। ये वे हैं, जिनके यहां नुकसान का आंकलन करोड़ों की राशि में किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हमारी कब सुनेंगे सरकार
छावनी निवासी उदयपाल रिटायर्ड पटवारी हैं। गत 21 फरवरी को छावनी में आए लोगों ने इनके घर, गाड़ियों, ट्रैक्टर आदि को जला दिया। उन्होंने नुकसान को लेकर हुए सर्वे में एक करोड़ का मुआवजा मांगा है। फाइल सरकार के पास है, लेकिन न तो मुआवजा मिला है, न ही ये बताया जा रहा है कि आखिर कब तक मिलेगा। पूरा परिवार परेशान है।

बिखरा पड़ा घर का सामान भी अभी समेटा नहीं जा सका है। इनके अलावा छावनी के 12 अन्य व्यक्ति भी कुछ इसी प्रकार की पीड़ा में हैं। वे कहते हैं कि दूसरों को तो कम से कम एक किस्त मिल चुकी है, लेकिन उनको तो फूटी कौड़ी नहीं दी गई। अब हम अपना दुखड़ा किसे सुनाएं। कालोनी के ही कंवर सिंह, चमनलाल, कृष्ण व चंदगी राम भी मदद न मिलने पर अब सरकार को कोस रहे हैं।

छावनी में हुई मारकाट से पहले अच्छा खास काम धंधा था। घर के आगे ही कंप्यूटर की दुकान चला रहा था। दुकान तो जलाई ही उपद्रवियों ने तो उनका घर भी फूंक दिया। अब न तो घर के रहे और न ही घट के। सरकार से 25 लाख के नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी कुछ नहीं मिला।
-चंद्रगी राम

छावनी में परचून की दुकान के सहारे परिवार को पाल रहे थे। यह व्यवसाय तो गया ही साथ ही परेशानी भी बढ़ गई है। उनकी दुकान व घर को जला दिया गया। अधिकारी आंसू पोंछने आए, लेकिन मदद नहीं मिली। उन्होंने सरकार से 70 लाख के नुकसान की भरपाई का आवेदन किया है। न जवाब आया है और न ही पैसे।
-कृष्ण कुमार

छावनी में उपद्रव के दौरान मेरी टीवी व एलईडी की दुकान जला दी गई। मेरे बेटे का क्लीनिक। क्लीनिक के नुकसान की एक किस्त के तौर पर एक लाख रुपये मिले हैं, लेकिन दुकान के नुकसान भी भरपाई के लिए प्रशासन का मुंह ताक रहे हैं। उन्होंने 15 लाख रुपये का नुकसान बताते हुए सहायता मांगी है। कब मिलेगी वे नहीं जानते।
- चमनलाल

हिंसा के दौरान मेरा घर, गाड़ियां आदि सब कुछ जला दिया गया। घर में कीमती सामन लूटा भी गया। वे प्रशासन को दावा कर चुके हैं कि एक करोड़ का नुकसान हुआ है। अभी उनको कुछ नहीं मिला है। ऐसे में कैसे अपना आशियाना दोबारा से खड़ा करें।
-उदयपाल

मैं किसान हूं, लेकिन हिंसा में अपना सब कुछ लुटा चुका हूं। घर को आग लगा दी गई। ट्र्रैक्टर व अन्य सामान भी जला दिया गया। उन्होंने प्रशासन से 45 लाख रुपये का मुआवजा मांगा है। अभी कुछ नहीं मिला है। इंतजार के सिवाय कुछ नहीं कर पा रहे।

-कंवर सिंह

15 दिन में दे, नहीं तो देंगे धरना
हरियाणा बचाओ संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कर्मबीर सैनी सोमवार को समर्थकों के साथ छावनी पहुंचे। नुकसान का मुआयना किया। लोगों से बातचीत कर जाना कि सरकार की मदद मिली है या नहीं। अधिकतर ने मदद व मुआवजा न मिलने की बात कही। इस पर सैनी ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि या तो 15 दिन में पीड़ितों को मुआवजा दे, अन्यथा वे अपने समर्थकों के साथ यहां धरने पर बैठ जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed