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स्वस्थ बीज टिकाऊ खेती का आधार : धनखड़
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:24 AM IST
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खेती
- फोटो : bureau
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हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के नेतृत्व में अमेरिका गए प्रतिनिधि मंडल ने आइवा में खेती के लिए बीज तैयार करने की तकनीक की जानकारी ली तथा उस पर गहरा अध्ययन किया। अध्ययन के बाद धनखड़ ने कहा कि स्वस्थ बीज टिकाऊ खेती का आधार है और यह बात हमारे किसानों को पूरी तरह से गांठ बांधनी होगी।
धनखड़ ने कहा कि किसानों को सरकारी दुकानों या मान्यता प्राप्त स्थान से ही बीज खरीदने चाहिए। इससे किसानों को फायदा बढ़ेगा। आइवा स्टेट यूनिवर्सिटी के स्वस्थ बीजों की प्रयोगशाला का दौरा करते हुए तथा कार्यरत बीज वैज्ञानिकों से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा अच्छी खेती के लिए स्वस्थ बीज का होना बहुत जरूरी है। उल्लेखनीय है कि विश्व की सबसे आधुनिकतम बीज लैब जहां विश्व की बड़ी बीज कंपनियां अपने बीजों की टेस्टिंग कराती है यहां पहुंच कर प्रतिनिधि मंडल ने जानकारी ली तथा गहनता से अध्ययन किया।
धनखड़ ने प्रयोगशाला के निरीक्षण के बाद कहा कि इस आधुनिकतम प्रयोगशाला में डीएनए, जर्मीनेशन, गुणवत्ता, बीमारी रोधक क्षमता, हर प्रकार के टेस्ट किये जाते है। विश्वविद्यालय की डीन वैंडी विंटरस्टीन ने समस्त प्रयोगों की जानकारी भी दल को दी। इस अवसर पर प्रोमैक्स रोथैसचिंल्ड ने पशुओं मे केवल बछड़ी पैदा होने की तकनीक जानकारी दी जिस टैक्नोलॉजी की हमे पर्याप्त जरूरत है। इस दौरे में प्रतिनिधि मंडल को यह भी अध्ययन करने को मिला कि जार्ज वाशिंगटन कारवर प्रसिद्ध मूंगफली के कृषि वैज्ञानिक व महात्मा गांधी जी का दुनिया से भुखमरी मिटाने के लिए पत्राचार हुआ।
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प्रतिनिधिमंडल ने कृषि के लिये स्वस्थ जल व होर्टीकल्चर के विषयों पर विस्तार से चर्चा की। भारतीय मूल के वैज्ञानिक मंजीत मिश्रा, दलीप, राजीव अरोड़ा ने भी चर्चा में भाग लिया। प्रतिनिंधि मंडल ने 'वर्ल्ड फूड प्राइज’ भी देखा जो नारमन बारलोग की स्मृति में बने स्मारक में बना जो प्रति वर्ष खाद्य पदार्थों के उत्पादन में बेहतरीन काम करने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित करता है। भारत के सात वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार मिल चुका है। एम एस स्वामीनाथन, वर्गीज कुरियन के नाम शामिल है।
नारमन बारलोग को, संसार मे खाद्यन्नों के उत्पादन मे उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने के कारण, संसार के सर्वाधिक लोगों के जान बचाने वाला माना जाता है। धनखड़ ने कहा कि भारत जैसे देश में इस क्षेत्र में अभी बहुत काम होना है और वर्तमान केंद्र व हरियाणा की सरकार किसानों के लिए बहुत काम कर रही है।
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धनखड़ ने कहा कि किसानों को सरकारी दुकानों या मान्यता प्राप्त स्थान से ही बीज खरीदने चाहिए। इससे किसानों को फायदा बढ़ेगा। आइवा स्टेट यूनिवर्सिटी के स्वस्थ बीजों की प्रयोगशाला का दौरा करते हुए तथा कार्यरत बीज वैज्ञानिकों से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा अच्छी खेती के लिए स्वस्थ बीज का होना बहुत जरूरी है। उल्लेखनीय है कि विश्व की सबसे आधुनिकतम बीज लैब जहां विश्व की बड़ी बीज कंपनियां अपने बीजों की टेस्टिंग कराती है यहां पहुंच कर प्रतिनिधि मंडल ने जानकारी ली तथा गहनता से अध्ययन किया।
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धनखड़ ने प्रयोगशाला के निरीक्षण के बाद कहा कि इस आधुनिकतम प्रयोगशाला में डीएनए, जर्मीनेशन, गुणवत्ता, बीमारी रोधक क्षमता, हर प्रकार के टेस्ट किये जाते है। विश्वविद्यालय की डीन वैंडी विंटरस्टीन ने समस्त प्रयोगों की जानकारी भी दल को दी। इस अवसर पर प्रोमैक्स रोथैसचिंल्ड ने पशुओं मे केवल बछड़ी पैदा होने की तकनीक जानकारी दी जिस टैक्नोलॉजी की हमे पर्याप्त जरूरत है। इस दौरे में प्रतिनिधि मंडल को यह भी अध्ययन करने को मिला कि जार्ज वाशिंगटन कारवर प्रसिद्ध मूंगफली के कृषि वैज्ञानिक व महात्मा गांधी जी का दुनिया से भुखमरी मिटाने के लिए पत्राचार हुआ।
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प्रतिनिधिमंडल ने कृषि के लिये स्वस्थ जल व होर्टीकल्चर के विषयों पर विस्तार से चर्चा की। भारतीय मूल के वैज्ञानिक मंजीत मिश्रा, दलीप, राजीव अरोड़ा ने भी चर्चा में भाग लिया। प्रतिनिंधि मंडल ने 'वर्ल्ड फूड प्राइज’ भी देखा जो नारमन बारलोग की स्मृति में बने स्मारक में बना जो प्रति वर्ष खाद्य पदार्थों के उत्पादन में बेहतरीन काम करने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित करता है। भारत के सात वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार मिल चुका है। एम एस स्वामीनाथन, वर्गीज कुरियन के नाम शामिल है।
नारमन बारलोग को, संसार मे खाद्यन्नों के उत्पादन मे उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने के कारण, संसार के सर्वाधिक लोगों के जान बचाने वाला माना जाता है। धनखड़ ने कहा कि भारत जैसे देश में इस क्षेत्र में अभी बहुत काम होना है और वर्तमान केंद्र व हरियाणा की सरकार किसानों के लिए बहुत काम कर रही है।