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सरकारी और पंचायत की संपत्ति को दें पहचान पत्र : डीसी
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झज्जर। जिले के सभी गांवों में प्रत्येक सरकारी और पंचायत की संपत्ति को संपत्ति पहचान पत्र दिया जाए। इस कार्य में किसी भी तरह से ढिलाई नहीं होनी चाहिए। पटवारी और ग्राम सचिव एक साथ मिलकर संपत्ति के नक्शे के आधार पर इस कार्य को समय से पूरा करें। ये निर्देश स्वामित्व योजना को लेकर शनिवार को अधिकारियोें के साथ हुई बैठक में उपायुक्त शक्ति सिंह ने दिए।
डीसी ने कहा कि 24 अप्रैल तक स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति पहचान पत्र वितरित किये जाने हैं। इसको लेकर सरकार पूरी तरह से गंभीर है। उच्च स्तर पर लगातार कार्य की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। ऐसे में सभी गांवों में सरकारी व पंचायत की प्रत्येक संपत्ति का पहचान पत्र जरूर दें। पटवारी और ग्राम सचिव एक साथ मिलकर काम करें। संपत्ति के नक्शे को ही आधार मानकर यह कार्य किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि गांव की गलियोें को को भी प्रापर्टी आईडी दें ताकि जमीन का कोई भी हिस्सा अछूता ना रहे। ग्राम सभा के दौरान संपत्ति पहचान पत्र की सूची पढ़ कर सुनाई जाए ताकि सभी लोगों को इसकी जानकारी हो सके और वे उस पर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकें। संपत्ति पहचान पत्र को लेकर ग्राम सचिव भी आपत्ति दें कि किस जमीन को पहचान पत्र नहीं दिया गया है। नक्शा एक के साथ ही दावा और आपत्ति आमंत्रित किया जाए। चेताया कि संबंधित कर्मचारी पूरी सावधानी के साथ इस कार्य को संपादित करें और उसी के अनुसार पंचायत एवं सरकारी संपत्ति को पहचानपत्र दें। अगर कोई सरकारी जमीन निजी व्यक्ति के नाम मिली तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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डीसी ने कहा कि 24 अप्रैल तक स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति पहचान पत्र वितरित किये जाने हैं। इसको लेकर सरकार पूरी तरह से गंभीर है। उच्च स्तर पर लगातार कार्य की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। ऐसे में सभी गांवों में सरकारी व पंचायत की प्रत्येक संपत्ति का पहचान पत्र जरूर दें। पटवारी और ग्राम सचिव एक साथ मिलकर काम करें। संपत्ति के नक्शे को ही आधार मानकर यह कार्य किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि गांव की गलियोें को को भी प्रापर्टी आईडी दें ताकि जमीन का कोई भी हिस्सा अछूता ना रहे। ग्राम सभा के दौरान संपत्ति पहचान पत्र की सूची पढ़ कर सुनाई जाए ताकि सभी लोगों को इसकी जानकारी हो सके और वे उस पर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकें। संपत्ति पहचान पत्र को लेकर ग्राम सचिव भी आपत्ति दें कि किस जमीन को पहचान पत्र नहीं दिया गया है। नक्शा एक के साथ ही दावा और आपत्ति आमंत्रित किया जाए। चेताया कि संबंधित कर्मचारी पूरी सावधानी के साथ इस कार्य को संपादित करें और उसी के अनुसार पंचायत एवं सरकारी संपत्ति को पहचानपत्र दें। अगर कोई सरकारी जमीन निजी व्यक्ति के नाम मिली तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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