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Jhajjar-Bahadurgarh News: आजादी के मतवालों ने टाउन हाल से उतार फेंका था अंग्रेजी हुकूमत का झंडा
Wed, 09 Aug 2023 01:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 09 Aug 2023 01:08 AM IST
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झज्जर। आजादी की लड़ाई में झज्जर के सेनानियों ने भी दुश्मनों से लोहा लिया। आजादी के मतवालों ने झज्जर के टाउन हाल से अंग्रेजी हुकूमत का झंडा देश आजाद होने से करीब 25 साल पहले ही उखाड़ फेंका था। भारत माता के जयकारे लगाते हुए उन्होंने टाउन हाल पर तिरंगा फहरा दिया था। 15 जनवरी, 1922 को टाउन हाल पर स्वतंत्रता सेनानी पं. श्रीराम शर्मा अपने सेनानियों के साथ लोकमान्य तिलक व महात्मा गांधी के चित्र के साथ तिरंगा झंडा लेकर टाउन हाल पर चढे़ और उन्होंने तिरंगा फहराया था।
जिस समय स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत का झंडा उतारा उस समय अंग्रेज उपायुक्त इसे बर्दाश्त नहीं कर पाए। स्वतंत्रता सेनानियों पर अंग्रेजों ने लाठी चार्ज कर झंडे को उतरवा दिया। पं. श्रीराम शर्मा को जीप के पीछे बांध कर घसीटा गया। उसके बाद स्वतंत्रता सेनानियों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया और उन्हें जेल में यातनाएं दी गई। स्वतंत्रता संग्राम में पं. श्रीराम शर्मा ने देश की देश की आजादी के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अपनी लेखनी का भी प्रयोग किया। पं. श्रीराम शर्मा ने आजादी के बाद हरियाणा का इतिहास व हरियाणा के नवरत्न आदि कई पुस्तकें भी लिखी।
महात्मा गांधी से प्रभावित होकर आंदोलन में कूदे पं. श्रीराम शर्मा
एक अक्तूबर, 1899 में झज्जर में जन्मे पं. श्रीराम शर्मा ने 1919 में अपनी शिक्षा के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रभावित होकर काॅलेज छोड़कर उनके साथ आंदोलनों में भाग लिया। उन्होंने आजादी के लिए चलाए गए चारों आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उसमें उन्हें सात वर्ष की कड़ी कारावास तक की सजा भी भोगनी पड़ी।आजादी से पूर्व देश का संविधान निमार्ण कमेटी के देश भर से 11 सदस्य मनोनीत किए गए थे। उनमें पं. श्री राम शर्मा भी एक सदस्य थे। उन्होंने बताया कि 7 अक्तूबर 1989 को पं. श्रीराम शर्मा का निधन हो गया था।
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- वर्जन
टाउन हाल पर फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज फट गया था। इस वजह से उसे उतारा गया है। अब नया राष्ट्रीय ध्वज लगाया जाएगा।
- मनदीप कुमार, एमई, नगर परिषद, झज्जर।
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जिस समय स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत का झंडा उतारा उस समय अंग्रेज उपायुक्त इसे बर्दाश्त नहीं कर पाए। स्वतंत्रता सेनानियों पर अंग्रेजों ने लाठी चार्ज कर झंडे को उतरवा दिया। पं. श्रीराम शर्मा को जीप के पीछे बांध कर घसीटा गया। उसके बाद स्वतंत्रता सेनानियों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया और उन्हें जेल में यातनाएं दी गई। स्वतंत्रता संग्राम में पं. श्रीराम शर्मा ने देश की देश की आजादी के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अपनी लेखनी का भी प्रयोग किया। पं. श्रीराम शर्मा ने आजादी के बाद हरियाणा का इतिहास व हरियाणा के नवरत्न आदि कई पुस्तकें भी लिखी।
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महात्मा गांधी से प्रभावित होकर आंदोलन में कूदे पं. श्रीराम शर्मा
एक अक्तूबर, 1899 में झज्जर में जन्मे पं. श्रीराम शर्मा ने 1919 में अपनी शिक्षा के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रभावित होकर काॅलेज छोड़कर उनके साथ आंदोलनों में भाग लिया। उन्होंने आजादी के लिए चलाए गए चारों आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उसमें उन्हें सात वर्ष की कड़ी कारावास तक की सजा भी भोगनी पड़ी।आजादी से पूर्व देश का संविधान निमार्ण कमेटी के देश भर से 11 सदस्य मनोनीत किए गए थे। उनमें पं. श्री राम शर्मा भी एक सदस्य थे। उन्होंने बताया कि 7 अक्तूबर 1989 को पं. श्रीराम शर्मा का निधन हो गया था।
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टाउन हाल पर फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज फट गया था। इस वजह से उसे उतारा गया है। अब नया राष्ट्रीय ध्वज लगाया जाएगा।
- मनदीप कुमार, एमई, नगर परिषद, झज्जर।