{"_id":"672cf63b1bbdfd8a7c03458a","slug":"farmers-received-300-bags-of-dap-in-packs-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1003-110921-2024-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: पैक्स में किसानों को मिली 300 बैग डीएपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: पैक्स में किसानों को मिली 300 बैग डीएपी
Thu, 07 Nov 2024 10:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 07 Nov 2024 10:47 PM IST
विज्ञापन
पैक्स के बाहर टोकन लेकर डीएपी लेने का इंतजार करते किसान।
बादली। पैक्स के अधीन आने वाले गांवों के किसानों को 300 बैग डीएपी वितरित की गई। अभी तक किसानों को कुल 3500 बैग वितरित किए जा चुके हैं। वीरवार को टोकन के आधार पर किसानों को डीएपी दी गई।
अक्तूबर माह में अधिकतर किसानों ने बिना डीएपी के ही सरसों की बिजाई कर दी। अब डीएपी मिलने के बाद किसानों ने बिजाई कार्य में तेजी कर दी है। पैक्स के अधीन 24 गांवों में वर्ष 2021 के अक्तूबर-नवंबर माह में 3 हजार बैग डीएपी पहुंची थी। 2022 में यह मात्रा घटकर 880 बैग हो गई। 2023 में यह आंकड़ा 1200 बैग तक पहुंचा, जो पर्याप्त नहीं रहा। 2022 और 2023 की तुलना में 2024 वर्ष में सरसों की बिजाई कम है और गेहूं की अगेती फसल के प्रति किसान आकर्षित हैं। ऐसे में समय पर डीएपी नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़़ा, लेकिन अब किसानों ने डीएपी मिलने पर राहत महसूस की है। नवंबर माह के पहले पखवाड़े तक किसानों को डीएपी के 3500 बैग वितरित किए गए हैं। पैक्स प्रबंधक वजीर का कहना है कि किसानों की जरूरत के अनुसार डीएपी मंगवाया जा रहा है। किसानों को भी स्टॉक करने की बजाए जरूरत के अनुसार ही डीएपी लेना चाहिए।
विज्ञापन
अक्तूबर माह में अधिकतर किसानों ने बिना डीएपी के ही सरसों की बिजाई कर दी। अब डीएपी मिलने के बाद किसानों ने बिजाई कार्य में तेजी कर दी है। पैक्स के अधीन 24 गांवों में वर्ष 2021 के अक्तूबर-नवंबर माह में 3 हजार बैग डीएपी पहुंची थी। 2022 में यह मात्रा घटकर 880 बैग हो गई। 2023 में यह आंकड़ा 1200 बैग तक पहुंचा, जो पर्याप्त नहीं रहा। 2022 और 2023 की तुलना में 2024 वर्ष में सरसों की बिजाई कम है और गेहूं की अगेती फसल के प्रति किसान आकर्षित हैं। ऐसे में समय पर डीएपी नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़़ा, लेकिन अब किसानों ने डीएपी मिलने पर राहत महसूस की है। नवंबर माह के पहले पखवाड़े तक किसानों को डीएपी के 3500 बैग वितरित किए गए हैं। पैक्स प्रबंधक वजीर का कहना है कि किसानों की जरूरत के अनुसार डीएपी मंगवाया जा रहा है। किसानों को भी स्टॉक करने की बजाए जरूरत के अनुसार ही डीएपी लेना चाहिए।
विज्ञापन