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किसानों ने की लैंड सीलिंग एक्ट लागू करने की मांग
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भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के नेताओं ने 1972 में सरकार द्वारा बनाए गए लैंड सीलिंग एक्ट को जन हितैषी बताते हुए लागू करने की मांग की है। किसान नेता तरलोक सिंह ने कहा कि अभी तक सरकारों ने इस एक्ट पर ध्यान नहीं दिया जो किसानों के लिए दुर्भाग्य की बात है।
गदरी बीबी गुलाब कौर नगर के मंच से तरलोक सिंह ने कहा कि शासक वर्ग के हमेशा कृषि विरोधी कानून बनाते हैं। कभी कृषि हितैषी कानून बना भी दें तो उसको लागू नहीं करते। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों से किसानों की रीढ़ टूट जाएगी। इसलिए किसान संगठन इन कानूनों को निरस्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
किसान नेता बसंत सिंह कोठागुरु पिछले 73 वर्षों से शासन करने वाले सभी सियासी दलों ने पूंजीपतियों और सामंतों का पक्ष लिया है और अपनी आय को और बढ़ाने के लिए मेहनतकश लोगों को लूटा है। अपराधी कानून बना रहे हैं। लोग चाहे किसी भी वर्ग के हों। लेकिन एक ये नहीं चलेगा। आंदोलन शुरू होने से एक साल के भीतर ही पूंजीपतियों और राजनीतिक नेताओं को अतीत याद आ गया है इसलिए किसान संघर्ष को आज बेजोड़ समर्थन मिल रहा है।
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यूनियन के पटियाला जिलाध्यक्ष जसविंदर बरस, दलवारा सिंह तरनतारन, देसा सिंह घडिय़ाला, अमनदीप कौर, हरदीप कौर संगरूर, मेजर सिंह अकलिया, जगराज सिंह धधाहुर, मास्टर नछत्तर सिंह बठिंडा, जनरल बद्र जिला बरनाला ने भी मंच से किसानों को संबोधित किया।
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गदरी बीबी गुलाब कौर नगर के मंच से तरलोक सिंह ने कहा कि शासक वर्ग के हमेशा कृषि विरोधी कानून बनाते हैं। कभी कृषि हितैषी कानून बना भी दें तो उसको लागू नहीं करते। तीन केंद्रीय कृषि कानूनों से किसानों की रीढ़ टूट जाएगी। इसलिए किसान संगठन इन कानूनों को निरस्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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किसान नेता बसंत सिंह कोठागुरु पिछले 73 वर्षों से शासन करने वाले सभी सियासी दलों ने पूंजीपतियों और सामंतों का पक्ष लिया है और अपनी आय को और बढ़ाने के लिए मेहनतकश लोगों को लूटा है। अपराधी कानून बना रहे हैं। लोग चाहे किसी भी वर्ग के हों। लेकिन एक ये नहीं चलेगा। आंदोलन शुरू होने से एक साल के भीतर ही पूंजीपतियों और राजनीतिक नेताओं को अतीत याद आ गया है इसलिए किसान संघर्ष को आज बेजोड़ समर्थन मिल रहा है।
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यूनियन के पटियाला जिलाध्यक्ष जसविंदर बरस, दलवारा सिंह तरनतारन, देसा सिंह घडिय़ाला, अमनदीप कौर, हरदीप कौर संगरूर, मेजर सिंह अकलिया, जगराज सिंह धधाहुर, मास्टर नछत्तर सिंह बठिंडा, जनरल बद्र जिला बरनाला ने भी मंच से किसानों को संबोधित किया।