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Jhajjar-Bahadurgarh News: तीन साल से फाइलों में घूम रहा अस्पताल का विस्तारीकरण
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झज्जर। जिला मुख्यालय पर स्थित सरकारी अस्पताल इस समय 100 बेड का है। तीन साल पहले सरकार ने बजट में इसका विस्तारीकरण की घोषणा की थी और इसे 200 बेड करने का फैसला किया था। स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी फाइल शुरू की और इसका प्रस्ताव तैयार करके मुख्यालय को भेजा लेकिन आज तक यह सिर्फ कागजों में ही दौड़ रहा है।
100 से 200 बेड का अस्पताल के लिए अब तक न तो जमीन फाइनल हुई है और न ही किसी प्रकार का कोई मसौदा तैयार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कई बार प्रस्ताव को लेकर उच्चाधिकारियों से चर्चा कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यहां बता दे कि 2021 में जिला मुख्यालय पर सामान्य अस्पताल विस्तारीकरण की घोषणा की थी। यहां पर कांग्रेस सरकार के दौरान 100 बेड के अस्पताल भवन का निर्माण किया गया था। उसके बाद 2021 में इसका विस्तारीकरण करने पर सरकार को 100 बेड का नया भवन बनाने की घोषणा हुई। उम्मीद थी कि इसका काम जल्द सिरे चढ़ जाएगा, लेकिन तीन साल बाद भी कुछ नहीं हो सका। सरकार की योजना के अनुसार झज्जर जिला मुख्यालय पर 100 बेड का नया भवन बनाया जाता है तो जिला में 200 बेड के दो अस्पताल हो जाएंगे। झज्जर जिले में चार सामान्य अस्पताल हैं। इनमें बेरी में 50 बेड, मातनहेल में 50 बेड, झज्जर में 100 बेड व बहादुरगढ़ में 200 बेड के सामान्य अस्पताल हैं।
बहादुरगढ़ में भी लंबा खींच रहा अस्पताल का काम
बहादुरगढ़ में भी 200 बेड के लिए विस्तार किया जा रहा है। इसका लंबे समय से काम चल रहा है, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हो सका है। इस पर भी लगभग 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च होनी है।
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दवा व चिकित्सकों का अभाव
सरकारी अस्पताल झज्जर में दवाओं का हमेशा अभाव रहता है। चिकित्सक जो दवा मरीज को लिखकर देता है, उसमें से केवल एक या दो दवा ही मिल पाती है और बाकी बाहर से खरीदनी पड़ती है। इसके अलावा चिकित्सकों का भी अभाव है।
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100 से 200 बेड का अस्पताल के लिए अब तक न तो जमीन फाइनल हुई है और न ही किसी प्रकार का कोई मसौदा तैयार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कई बार प्रस्ताव को लेकर उच्चाधिकारियों से चर्चा कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यहां बता दे कि 2021 में जिला मुख्यालय पर सामान्य अस्पताल विस्तारीकरण की घोषणा की थी। यहां पर कांग्रेस सरकार के दौरान 100 बेड के अस्पताल भवन का निर्माण किया गया था। उसके बाद 2021 में इसका विस्तारीकरण करने पर सरकार को 100 बेड का नया भवन बनाने की घोषणा हुई। उम्मीद थी कि इसका काम जल्द सिरे चढ़ जाएगा, लेकिन तीन साल बाद भी कुछ नहीं हो सका। सरकार की योजना के अनुसार झज्जर जिला मुख्यालय पर 100 बेड का नया भवन बनाया जाता है तो जिला में 200 बेड के दो अस्पताल हो जाएंगे। झज्जर जिले में चार सामान्य अस्पताल हैं। इनमें बेरी में 50 बेड, मातनहेल में 50 बेड, झज्जर में 100 बेड व बहादुरगढ़ में 200 बेड के सामान्य अस्पताल हैं।
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बहादुरगढ़ में भी लंबा खींच रहा अस्पताल का काम
बहादुरगढ़ में भी 200 बेड के लिए विस्तार किया जा रहा है। इसका लंबे समय से काम चल रहा है, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हो सका है। इस पर भी लगभग 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च होनी है।
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दवा व चिकित्सकों का अभाव
सरकारी अस्पताल झज्जर में दवाओं का हमेशा अभाव रहता है। चिकित्सक जो दवा मरीज को लिखकर देता है, उसमें से केवल एक या दो दवा ही मिल पाती है और बाकी बाहर से खरीदनी पड़ती है। इसके अलावा चिकित्सकों का भी अभाव है।