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निजी मकान और गांव की चौपाल में चले रही विद्यार्थियों की परीक्षा

Thu, 07 Oct 2021 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 11:51 PM IST
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Examination of students running in private house and village chaupal
जमीन में घास पर बैठकर परीक्षा देते छात्र। - फोटो : Bahadurgarh
लुकसर और गंगड़वा गांव के सरकारी स्कूलों में जलभराव के चलते छात्रों सेे गांव की चौपाल और निजी मकान में कक्षाएं ली जा रही हैं। प्रशासन ने स्कूल में भरे पानी को निकालने का प्रबंध नहीं किया है। चौपाल और मकान में छात्रों के बैठने के लिए टांट पट्टी या बैंचों तक का प्रबंध नहीं है। छात्रों को मजबूरी वश घास में बैठकर कक्षाएं लेनी पड़ रही हैं।
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पहले कक्षाओं को गांव की चौपाल में लगाया गया। बच्चों की संख्या बढ़ने पर दसवीं और बारहवीं की कक्षाओं के लिए दिक्कत बन गई। ऐसे में गंगड़वा गांव में एक मकान मालिक ने अपना मकान दिया है। अब कक्षा दसवीं और बारहवीं को मकान के कमरों और प्रांगण में लगाया गया है। दोनों कक्षाएं बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित हैं और छात्रों की पढ़ाई बाधित होने से बचाने के लिए कक्षाएं लगाए जाना जरूरी है। वीरवार को छात्रों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर होना पड़ा। जमीन की घास भी छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ऐसे में छात्रों के लिए जहां ग्रामीणों ने गांव की चौपाल और निजी मकानों के दरवाजे खोल दिए हैं वहीं प्रशासन की ओर से टांट-पट्टी तक नहीं भिजवाए गए हैं। ऐसे में छात्रों की जहां प्रतिदिन स्कूल ड्रेस खराब हो रही है वहीं मच्छर मक्खियों से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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कक्षा 9वीं से 12वीं तक आफलाइन पेपर शुरू हुए हैं। पेपर के लिए चौपाल में पर्याप्त जगह नहीं होने के चलते छात्रों को निजी मकान में शिफ्ट किया गया। जहां प्रांगण में घास ही घास रही। जमीन पर कुछ बिछाने का प्रबंध नहीं था, इसलिए छात्रों को घास में बैठकर परीक्षा देनी पड़ी। हालांकि यह सब मजबूरी वश हो रहा है क्योंकि स्कूल प्रांगण बारिश से जलमग्न है। लेकिन प्रशासन की ओर से कुछ टांट पट्टी का प्रबंध कर समाधान निकाला जा सकता है। वहीं छठी से आठवीं के पेपर आनलाइन चल रहे हैं।
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लुकसर गांव के राजकीय वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय और गंगड़वा गांव के प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण जहां पूरी तरह से जलमग्न है वहीं लुकसर गांव के स्कूल के कमरों में भी चार फुट तक तक जलभराव है। ऐसे में दोनों स्कूलों के 303 छात्रों को पढ़ाने के लिए चौपाल और मकानों का सहारा लिया जा रहा है। दोनों स्कूल मातन छारा लिंक ड्रेन के दोनों ओर है जहां अभी पानी निकासी का प्रबंध नहीं किया जा सका है।

कक्षाओं को दो अलग अलग जगह लगाना मुश्किल साबित रहा है। कक्षाओं का समय कम निर्धारित किया गया है। अध्यापकों की कमी स्कूल में है। ऐसे में दो दो जगह कक्षाओं में जाने के लिए अध्यापकों को ज्यादा समय लग जाता है। हालातों से समझौता करते हुए कक्षाएं और परीक्षाएं चल रही है ताकि छात्रों की शिक्षा बाधित होने से बचाया जा सके। संबंधित अधिकारियों को भी समस्या से अवगत करवाया गया है। ग्रामीणों का सहयोग मिल रहा है। -संगीता वर्मा, प्राचार्य, राजकीय विद्यालय लुकसर

 चौपाल में छात्रों को पढ़ाते अध्यापक।

चौपाल में छात्रों को पढ़ाते अध्यापक।- फोटो : Bahadurgarh

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