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नहीं मानी हार, 10वीं बार में पाई सफलता

Thu, 06 Jan 2022 09:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 09:57 PM IST
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Did not give up, got success in 10th time
बहादुरगढ़। गांव खरहर के किसान परिवार के बेटे परीक्षित राठी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की परीक्षा उत्तीर्ण की है। परीक्षित अब असिस्टेंट कमांडेंट बन गया है। इस ग्रामीण युवक ने यह कामयाबी कई तरह की कठिनाईयों को पार करके हासिल की है। इससे पहले परीक्षित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा व सीडीएस में चार-चार बार और एक बार एनडीए की परीक्षा में असफल हो चुका है।
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लगातार नौ बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल रहने पर भी परीक्षित ने हार नहीं मानी। वह परेशान जरूर हुआ। कामयाबी नहीं मिलने से उसका मन दुखी होता, पर नए संकल्प के साथ वह परीक्षा की तैयारी में फिर से जुट जाता। चारों तरफ से असफलता मिलने पर उसने 2020 में दिल्ली पुलिस में सिपाही की नौकरी के लिए भी परीक्षा दी। लिखित परीक्षा में सफल तो हुआ मगर उसका मन सिपाही के लिए नहीं माना। वह पुलिस फोर्सेज में अधिकारी बनना चाहता था। इसलिए उसने सिपाही बनने के लिए शारीरिक परीक्षा नहीं दी। फिर परिवार व दोस्तों के सहयोग से पूरी ताकत व मेहनत के साथ वर्ष 2020 में ही यूपीएससी की सीएपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद के लिए परीक्षा दी और सफलता हासिल की। परीक्षित का इस परीक्षा में 78वां रैंक आया है।
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परीक्षित ने बताया कि अब वह काफी खुश है। वह शुरू से ही पुलिस फोर्स में जाना चाहता था। इसलिए उसने एनसीसी की परीक्षा भी पास की थी। दिल्ली के हंसराज कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स से बीएससी आनर्स करने के बाद उसने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं देना शुरू किया था। इसके लिए उसने कोचिंग के बजाय स्वाध्याय पर ज्यादा फोकस किया। इसमें उसकी मदद बड़ी बहन शैली राठी व दोस्तों ने की। परीक्षित की मां सुंदरी देवी गृहिणी हैं और पिता सतीश राठी खेती बाड़ी करते हैं। सबसे बड़ी बहन यूके यूनिवर्सिटी में रिसर्च प्रोफेसर हैं। मंझली बहन शैली राठी ने इसी साल यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 308वां रैंक हासिल किया है। पहले पूरा परिवार गांव में रहता था। बड़ी बहन भी पढ़ाई कर रही थी। मगर गांव में अच्छा स्कूल न होने की वजह से उनके पिता ने दोनों बेटियों व उसको पढ़ाने के लिए गांव छोड़ दिया और बहादुरगढ़ आकर रहने लगे। यहां सेक्टर-2 में रहते हैं।
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