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कानोंदा में घटिया बीज के कारण खराब फसल का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
Updated Thu, 12 Oct 2017 01:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
कानोंदा में घटिया बीज के कारण खराब हुई किसान की धान की फसल का निरीक्षण करने कृषि अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल खेत में गया और नुकसान का जायजा लिया। यह प्रतिनिधिमंडल वीरवार को इसकी रिपोर्ट उपमंडल कृषि अधिकारी को सौंपेगा। जिसके बाद ही किसान राहत के लिए उपभोक्ता अदालत में कंपनी के विरुद्ध केस कर सकेगा। बुधवार को खंड कृषि अधिकारी प्रदीप राठी, एसएमएस महाबीर मलिक, अजीत सिंह रुहिल व कृषि विकास अधिकारी रोहित वत्स गांव कानोंदा में घटिया बीज के कारण खराब हुई फसल का निरीक्षण करने पहुंचे। एसडीओ सुनील कौशिक ने बताया कि निरीक्षण करने वाला प्रतिनिधिमंडल वीरवार को रिपोर्ट सौंपेगा। जिसके बाद पीड़ित किसान उपभोक्ता अदालत की शरण ले सकता है।
बता दें कि गांव कानोंदा के किसान भूप सिंह ने बताया कि उसने 10 जून को झज्जर रोड पर स्थित एक खाद बीज भंडार से 40 किलोग्राम पी-1121 प्रजाति धान का बीज 100 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीदा था। उसने बताया कि धान की इस प्रजाति के बीज की नर्सरी जून के दूसरे हफ्ते में की थी। धान की रोपाई जुलाई के पहले सप्ताह में की थी। कंपनी के अधिकारियों ने हमें एक हेक्टेयर में लगभग 100 क्विंटल पैदावार होने की बात कही थी। साथ ही साथ इसे कई रोगों से रहित होना भी बताया। जब धान की फसल बड़ी हुई तो देखा की धीरे-धीरे इसका तना सूख रहा है, निकली बालियों में फफूंदी जैसा रोग लग रहा है। देखते ही देखते लगभग कुछ दिनों में धान पूरी तरह से रोग ग्रस्त होकर सूख गया। मंगलवार को अनेक किसान गांव कानोंदा से बीज भंडार पर पहुंचे और अपनी शिकायत दुकानदार के समक्ष रखी। इसके बाद सभी किसान एकत्र होकर उपमंडल कृषि कार्यालय में पहुंच घटिया बीज के बारे में शिकायत की थी।
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बहादुरगढ़।
कानोंदा में घटिया बीज के कारण खराब हुई किसान की धान की फसल का निरीक्षण करने कृषि अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल खेत में गया और नुकसान का जायजा लिया। यह प्रतिनिधिमंडल वीरवार को इसकी रिपोर्ट उपमंडल कृषि अधिकारी को सौंपेगा। जिसके बाद ही किसान राहत के लिए उपभोक्ता अदालत में कंपनी के विरुद्ध केस कर सकेगा। बुधवार को खंड कृषि अधिकारी प्रदीप राठी, एसएमएस महाबीर मलिक, अजीत सिंह रुहिल व कृषि विकास अधिकारी रोहित वत्स गांव कानोंदा में घटिया बीज के कारण खराब हुई फसल का निरीक्षण करने पहुंचे। एसडीओ सुनील कौशिक ने बताया कि निरीक्षण करने वाला प्रतिनिधिमंडल वीरवार को रिपोर्ट सौंपेगा। जिसके बाद पीड़ित किसान उपभोक्ता अदालत की शरण ले सकता है।
बता दें कि गांव कानोंदा के किसान भूप सिंह ने बताया कि उसने 10 जून को झज्जर रोड पर स्थित एक खाद बीज भंडार से 40 किलोग्राम पी-1121 प्रजाति धान का बीज 100 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीदा था। उसने बताया कि धान की इस प्रजाति के बीज की नर्सरी जून के दूसरे हफ्ते में की थी। धान की रोपाई जुलाई के पहले सप्ताह में की थी। कंपनी के अधिकारियों ने हमें एक हेक्टेयर में लगभग 100 क्विंटल पैदावार होने की बात कही थी। साथ ही साथ इसे कई रोगों से रहित होना भी बताया। जब धान की फसल बड़ी हुई तो देखा की धीरे-धीरे इसका तना सूख रहा है, निकली बालियों में फफूंदी जैसा रोग लग रहा है। देखते ही देखते लगभग कुछ दिनों में धान पूरी तरह से रोग ग्रस्त होकर सूख गया। मंगलवार को अनेक किसान गांव कानोंदा से बीज भंडार पर पहुंचे और अपनी शिकायत दुकानदार के समक्ष रखी। इसके बाद सभी किसान एकत्र होकर उपमंडल कृषि कार्यालय में पहुंच घटिया बीज के बारे में शिकायत की थी।
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