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अजय की हत्या के शक की सूईं अनिल छिप्पी गिरोह पर
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। गैंगवार में बुधवार की रात बदमाशों द्वारा मौत के घाट उतारे गए बदमाश अजय उर्फ डंका के शव का वीरवार को पोस्टमार्टम हो गया। उसके हत्यारे कौन हैं इसका तो अभी खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस की शक की सुई अनिल छिप्पी गिरोह पर है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा।
अजय उर्फ डंका अपराध की दुनिया में लगभग दो दशक से सक्रिय था। लगभग 9 मर्डर किए और कई अन्य आपराधिक वारदात की लेकिन कभी किसी गिरोह से नहीं जुड़ा और न ही खुद का कोई गिरोह बनाया। डंका की अपने ही गांव के एक बड़े गैंग, रोहतक के अनिल छिप्पी गैंग सहित गैंग कुख्यात गिरोह के साथ रंजिश थी। इन गिरोहों को जांच के दायरे में शामिल कर पुलिस तफ्तीश कर रही है। लेकिन पुलिस की शक की सुई तो अनिल छिप्पी गिरोह के इर्द-गिर्द घूम रही है। दरअसल, करीब 12 वर्ष पहले हुई कुख्यात अनिल छिप्पी के पिता रामनिवास की हत्या में अजय का नाम सामने आया था। तब से अजय उक्त गिरोह के निशाने पर था। बता दें कि अनिल उर्फ छिप्पी जेल में बंद है। जेल से ही वह गिरोह को ऑपरेट करता है। इसका गिरोह दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कई गिरोहों के साथ जुड़कर काम करता है।
डेढ़ महीने पहले आया था जेल से
अजय पर कई आपराधिक केस दर्ज थे। आखिरी बार वह आर्म्स एक्ट के मामले में झज्जर जेल गया था। यह केस उस पर सिटी थाने में दर्ज हुुआ था। करीब डेढ़ माह पहले ही वह जेल से आया था। बताते हैं कि जेल से आने के बाद से वह अपराध की दुनिया से दूरी बनाए हुए था। मूलत: मांडोठी गांव निवासी अजय उर्फ डंका पिछले कुछ समय से बहादुरगढ़ के आदर्श नगर में रह रहा था। बुधवार को वह झज्जर रोड स्थित एक वार्ड पार्षद के दफ्तर के ऊपर बने कमरे में कुछ दोस्तों संग पार्टी कर रहा था। पौने आठ बजे जब वह कमरे से उतरकर नीचे अपने एक दोस्त अजय उर्फ अज्जू के साथ आया तो पहले से घात लगाए बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी थी। सीसीटीवी में चार हमलावर नजर आए थे लेकिन अब पुलिस की जांच में सामने आया है कि हमलावरों की संख्या पांच से छह थी।
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आठ गोलियां निकलीं
वीरवार को नागरिक अस्पताल में अजय उर्फ डंका के शव का पोस्टमार्टम हुआ। उसके शरीर से आठ गोलियां निकाली गईं। अजय को मारने के लिए बदमाशों ने 20 से अधिक फायर किए थे। 22 खोल तो मौके पर ही मिले थे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान अस्पताल में अजय के कुछ परिजन एवं परिचित मौजूद थे।
अजय की हत्या किसने की, इस बारे में तो अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। कुछ गिरोह पर शक जरूर है। जल्द ही अजय के हत्यारे गिरफ्त में होंगे।
सुरेंद्र सिंह, एसएचओ, सिटी थाना बहादुरगढ़।
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बहादुरगढ़। गैंगवार में बुधवार की रात बदमाशों द्वारा मौत के घाट उतारे गए बदमाश अजय उर्फ डंका के शव का वीरवार को पोस्टमार्टम हो गया। उसके हत्यारे कौन हैं इसका तो अभी खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस की शक की सुई अनिल छिप्पी गिरोह पर है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा।
अजय उर्फ डंका अपराध की दुनिया में लगभग दो दशक से सक्रिय था। लगभग 9 मर्डर किए और कई अन्य आपराधिक वारदात की लेकिन कभी किसी गिरोह से नहीं जुड़ा और न ही खुद का कोई गिरोह बनाया। डंका की अपने ही गांव के एक बड़े गैंग, रोहतक के अनिल छिप्पी गैंग सहित गैंग कुख्यात गिरोह के साथ रंजिश थी। इन गिरोहों को जांच के दायरे में शामिल कर पुलिस तफ्तीश कर रही है। लेकिन पुलिस की शक की सुई तो अनिल छिप्पी गिरोह के इर्द-गिर्द घूम रही है। दरअसल, करीब 12 वर्ष पहले हुई कुख्यात अनिल छिप्पी के पिता रामनिवास की हत्या में अजय का नाम सामने आया था। तब से अजय उक्त गिरोह के निशाने पर था। बता दें कि अनिल उर्फ छिप्पी जेल में बंद है। जेल से ही वह गिरोह को ऑपरेट करता है। इसका गिरोह दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कई गिरोहों के साथ जुड़कर काम करता है।
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डेढ़ महीने पहले आया था जेल से
अजय पर कई आपराधिक केस दर्ज थे। आखिरी बार वह आर्म्स एक्ट के मामले में झज्जर जेल गया था। यह केस उस पर सिटी थाने में दर्ज हुुआ था। करीब डेढ़ माह पहले ही वह जेल से आया था। बताते हैं कि जेल से आने के बाद से वह अपराध की दुनिया से दूरी बनाए हुए था। मूलत: मांडोठी गांव निवासी अजय उर्फ डंका पिछले कुछ समय से बहादुरगढ़ के आदर्श नगर में रह रहा था। बुधवार को वह झज्जर रोड स्थित एक वार्ड पार्षद के दफ्तर के ऊपर बने कमरे में कुछ दोस्तों संग पार्टी कर रहा था। पौने आठ बजे जब वह कमरे से उतरकर नीचे अपने एक दोस्त अजय उर्फ अज्जू के साथ आया तो पहले से घात लगाए बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी थी। सीसीटीवी में चार हमलावर नजर आए थे लेकिन अब पुलिस की जांच में सामने आया है कि हमलावरों की संख्या पांच से छह थी।
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आठ गोलियां निकलीं
वीरवार को नागरिक अस्पताल में अजय उर्फ डंका के शव का पोस्टमार्टम हुआ। उसके शरीर से आठ गोलियां निकाली गईं। अजय को मारने के लिए बदमाशों ने 20 से अधिक फायर किए थे। 22 खोल तो मौके पर ही मिले थे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान अस्पताल में अजय के कुछ परिजन एवं परिचित मौजूद थे।
अजय की हत्या किसने की, इस बारे में तो अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। कुछ गिरोह पर शक जरूर है। जल्द ही अजय के हत्यारे गिरफ्त में होंगे।
सुरेंद्र सिंह, एसएचओ, सिटी थाना बहादुरगढ़।