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आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले चारों आरोपियों की तलाश जारी
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बहादुरगढ़। विभाग के अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर आत्महत्या करने वाले फूड इंस्पेक्टर राकेश का शव मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में पुलिस चारों आरोपियों की तलाश कर रही है। मंगलवार देर शाम तक इस संबंध में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
दरअसल, शहर की कुबेर एन्क्लेव कॉलोनी निवासी राकेश शर्मा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में इंस्पेक्टर थे। सोमवार को सुबह करीब 11 बजे इन्होंने कार्यालय परिसर में ही जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या करने से पूर्व इंस्पेक्टर ने एक सुसाइड नोट लिखा और अपने परिचितों को व्हाट्सएप कर दिया। इस सुसाइड नोट में डीएफएससी अशोक शर्मा, उप निरीक्षक रण सिंह, उप निरीक्षक शरद कुमार व सेवानिवृत्त निरीक्षक महावीर सिंह को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। सुसाइड नोट और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। वहीं मंगलवार की सुबह पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल परिसर में काफी लोग और विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारी मौजूद थे। इनका कहना था कि राकेश ईमानदारी से अपना काम करते थे। यही ईमानदारी कुछ अधिकारियों को रास नहीं आई। उक्त लोगों ने मानसिक रूप से राकेश को प्रताड़ित कर दिया था, जिससे तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। उधर, खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यालय में कुछेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे लेकिन इन्होंने उक्त प्रकरण में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी।
पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। सुसाइड नोट में जो चार नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गंभीरता से मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही इस मामले को सुलझाया जाएगा।
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दिनकर यादव, एसएचओ, लाइनपार थाना।
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दरअसल, शहर की कुबेर एन्क्लेव कॉलोनी निवासी राकेश शर्मा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में इंस्पेक्टर थे। सोमवार को सुबह करीब 11 बजे इन्होंने कार्यालय परिसर में ही जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या करने से पूर्व इंस्पेक्टर ने एक सुसाइड नोट लिखा और अपने परिचितों को व्हाट्सएप कर दिया। इस सुसाइड नोट में डीएफएससी अशोक शर्मा, उप निरीक्षक रण सिंह, उप निरीक्षक शरद कुमार व सेवानिवृत्त निरीक्षक महावीर सिंह को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। सुसाइड नोट और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। वहीं मंगलवार की सुबह पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल परिसर में काफी लोग और विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारी मौजूद थे। इनका कहना था कि राकेश ईमानदारी से अपना काम करते थे। यही ईमानदारी कुछ अधिकारियों को रास नहीं आई। उक्त लोगों ने मानसिक रूप से राकेश को प्रताड़ित कर दिया था, जिससे तंग आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। उधर, खाद्य आपूर्ति विभाग के कार्यालय में कुछेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे लेकिन इन्होंने उक्त प्रकरण में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी।
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पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। सुसाइड नोट में जो चार नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गंभीरता से मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही इस मामले को सुलझाया जाएगा।
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दिनकर यादव, एसएचओ, लाइनपार थाना।