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कोरोना काल के दौरान पढ़ाई का बदला तरीका, शिक्षक और छात्र हुए हाईटेक

Thu, 31 Dec 2020 12:17 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 31 Dec 2020 12:17 AM IST
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Changes in the way of education during the Corona period, teachers and students became hi-tech
अनिल कुमार। संवाद - फोटो : Jhjhar
झज्जर। कोरोना काल में शिक्षक हो या विद्यार्थी सबके लिए पढ़ाने और पढ़ने का तरीका बदल गया है। जिन शिक्षकों को अपने मोबाइल से फोन करने या सुनने के अलावा अन्य कोई जानकारियां नहीं थी उनको भी हर प्रकार से अपडेट होना पड़ा है। जिसके लिए शुरुआत में ऑनलाइन पढ़ाई का नया तरीका मुसीबत के समान था, लेकिन अब उनमें पूरी तरह बदलाव से आ गया है। वहीं ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों का शिक्षा स्तर भी बढ़ा है।
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शुरुआत से ही किताबों से पढ़ाने की आदत है, लेकिन वैश्विक में महामारी कोरोना के चलत इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग करना काफी मेहनत कर वह जटिल काम लग रहा था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होते देख ऑनलाइन पढ़ाई के लिए विभिन्न माध्यम को बेहद ही आवश्यक था। बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ इन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के बारे में जानकारी प्राप्त करना भी एक जटिल विषय बन गया था। मार्च में ही बच्चों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन पढ़ाई करवाना शुरू कर दिया था। जिन बच्चों के पास ऑनलाइन माध्यम पढ़ाई के लिए गैजेट्स थे, उनके लिए हाथ से लिखे नोट भी तैयार करने पड़ते थे। लॉकडाउन के दौरान जब इस प्रक्रिया से जुड़े तो उस समय पूरा दिन ऑनलाइन पढ़ाई के मध्य सुधार लाने के लिए नए तौर-तरीके अपनाते थे, ताकि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समझ आ सके। कोरोना कॉल में ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों को पहले समस्या आती थी, लेकिन अब ऑनलाइन के माध्यम से ही क्लास जैसा माहौल बनने लगा है। विद्यार्थियों के फीडबैक भी आने लगे हैं।
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- रेखा रानी, प्रवक्ता कॉमर्स, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बहू।
कोरोना कॉल में विद्यार्थी की पढ़ाई को क्लास रूम की तरह प्रभावशाली बनाने के लिए कई तरह से शोध कार्य करने पड़े। जिस माध्यम से बच्चों की पढ़ाई करवा रहे थे उसमें अनेक खामियां निकालकर उनको कैसे ठीक किया जाए और दूसरा माध्यम एक ऑप्शन के तौर पर उपयोग में करना पढ़ता था। विद्यार्थियों के सामने कई बार इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की समस्या आई तो विद्यार्थियों को इसके बारे में समझाना और पढ़ाना भी एक रुचिकर कार्य था। इसके चलते सभी विद्यार्थियों से प्रतिदिन संचार बनाए रखने की आवश्यकता थी। गणित एक जटिल विषय है, जिसे क्लास रूम में आमने सामने समझाया जा सकता है। इस विषय के लिए भी सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ी है, ताकि विद्यार्थियों की इस विषय में रुचि बनी रहे। लॉकडाउन के समय में विद्यार्थियों के ऑनलाइन पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए कई कई घंटे तक अलग से मेहनत करनी पड़ी थी, ताकि इस आपदा को अवसर में बदला जा सके।
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- अनिल अहलावत, प्रवक्ता गणित, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ग्वालिसन।

रेखा। संवाद

रेखा। संवाद- फोटो : Jhjhar

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