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Jhajjar-Bahadurgarh News: बेड़ियां तोड़ औजारों से गढ़ रहीं अपना भविष्य
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19jjrp01- राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुढ़ा में गाड़ी के इंजन को ठीक करती किरण व नैना। स
झज्जर।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुढ़ा में तीन लड़कियां इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक का काम सीखकर पुरुष प्रधान क्षेत्र में पहचान बना रही हैं। किसी ने बहन से प्रेरणा ली तो किसी ने मां से प्रेरित होकर इस क्षेत्र में आगे आने का फैसला लिया। तीनों की अलग-अलग कहानियों में कुछ करने का सपना साफ झलक रहा है।
तीनों के परिवारों ने उनका साथ निभाया है। धौड़ गांव निवासी किरण और नैना राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुढ़ा में डीजल मैकेनिक का कोर्स कर रही हैं। यह कोर्स एक साल का है। सुरहेती गांव हाल विकास नगर निवासी रीनू इलेक्ट्रीशियन का कोर्स कर रही हैं। वह अपनी कक्षा में इकलौती छात्रा हैं।
बॉक्स
उन्हें बड़ी बहन ने प्रेरित किया। बहन ने आईटीआई से कंप्यूटर का कोर्स किया था जिसके बाद मारुति में नौकरी लग गई। बहन को आगे बढ़ता देखकर उनके मन में भी परिवार के लिए कुछ करने की तमन्ना जगी। बहन के कहने पर डीजल मैकेनिक कोर्स में दाखिला ले लिया। परिवार में सबसे छाेटी होने पर भी सभी सदस्यों ने प्रेरित किया। अब वह गाड़ियों के इंजन ठीक करना सीख रही हैं। माता योगेश देवी गृहिणी हैं और पिता भारत भूषण लेबर का काम करते हैं।
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किरण।
वह डीजल मैकेनिक का कोर्स कर रही हैं। वह भी लड़कों की तरह गाड़ी मैकेनिक बनना चाहती हैं। यदि सरकारी नौकरी नहीं मिलती तो वह इसे व्यवसाय के रूप में भी अपनाएंगी। बड़ी बहन नेहा ने भी कोपा कोर्स किया था। अपनी बहन से प्रेरणा पाकर ही डीजल मैकेनिक के कोर्स में दाखिला लिया। माता नीलम गृहिणी हैं और पिता संजीव लेबर का काम करते हैं।
नैना।
वह अपनी माता लक्ष्मी से प्रेरित हैं। उनको लेबर के रूप में काम कर परिवार को पालते देखा है। माता-पिता ने स्पष्ट कहा है कि जो मुझे बनना है, वह कर सकती है। उन्होंने कभी कोई पाबंदियां नहीं लगाई। उनकी प्रेरणा से ही आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन का कोर्स चुना। वह अपनी कक्षा में इकलौती छात्रा हैं। वह तार बदलने सहित बिजली के काम खुद कर लेती हूं। इसमें आगे बढ़ने के लिए कई रास्ते हैं और नौकरी भी आसानी से मिल जाती है।
रीनू।
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राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुढ़ा में तीन लड़कियां इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक का काम सीखकर पुरुष प्रधान क्षेत्र में पहचान बना रही हैं। किसी ने बहन से प्रेरणा ली तो किसी ने मां से प्रेरित होकर इस क्षेत्र में आगे आने का फैसला लिया। तीनों की अलग-अलग कहानियों में कुछ करने का सपना साफ झलक रहा है।
तीनों के परिवारों ने उनका साथ निभाया है। धौड़ गांव निवासी किरण और नैना राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गुढ़ा में डीजल मैकेनिक का कोर्स कर रही हैं। यह कोर्स एक साल का है। सुरहेती गांव हाल विकास नगर निवासी रीनू इलेक्ट्रीशियन का कोर्स कर रही हैं। वह अपनी कक्षा में इकलौती छात्रा हैं।
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उन्हें बड़ी बहन ने प्रेरित किया। बहन ने आईटीआई से कंप्यूटर का कोर्स किया था जिसके बाद मारुति में नौकरी लग गई। बहन को आगे बढ़ता देखकर उनके मन में भी परिवार के लिए कुछ करने की तमन्ना जगी। बहन के कहने पर डीजल मैकेनिक कोर्स में दाखिला ले लिया। परिवार में सबसे छाेटी होने पर भी सभी सदस्यों ने प्रेरित किया। अब वह गाड़ियों के इंजन ठीक करना सीख रही हैं। माता योगेश देवी गृहिणी हैं और पिता भारत भूषण लेबर का काम करते हैं।
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किरण।
वह डीजल मैकेनिक का कोर्स कर रही हैं। वह भी लड़कों की तरह गाड़ी मैकेनिक बनना चाहती हैं। यदि सरकारी नौकरी नहीं मिलती तो वह इसे व्यवसाय के रूप में भी अपनाएंगी। बड़ी बहन नेहा ने भी कोपा कोर्स किया था। अपनी बहन से प्रेरणा पाकर ही डीजल मैकेनिक के कोर्स में दाखिला लिया। माता नीलम गृहिणी हैं और पिता संजीव लेबर का काम करते हैं।
नैना।
वह अपनी माता लक्ष्मी से प्रेरित हैं। उनको लेबर के रूप में काम कर परिवार को पालते देखा है। माता-पिता ने स्पष्ट कहा है कि जो मुझे बनना है, वह कर सकती है। उन्होंने कभी कोई पाबंदियां नहीं लगाई। उनकी प्रेरणा से ही आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन का कोर्स चुना। वह अपनी कक्षा में इकलौती छात्रा हैं। वह तार बदलने सहित बिजली के काम खुद कर लेती हूं। इसमें आगे बढ़ने के लिए कई रास्ते हैं और नौकरी भी आसानी से मिल जाती है।
रीनू।