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Jhajjar-Bahadurgarh News: बालौर के प्रतीक शर्मा बने सेना में लेफ्टिनेंट
Mon, 12 Jun 2023 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 12 Jun 2023 01:27 AM IST
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बहादुरगढ़। गांव बालौर का बेटा प्रतीक सेना में लेफ्टिनेंट बना है। देहरादून स्थित आइएमए में हुई पासिंग आउट परेड के बाद घर पहुंचे लेफ्टिनेंट प्रतीक का शहर वासियों ने जोरदार स्वागत किया। माता पिता के साथ दादा-दादी और नानी ने भी अपने लाडले को फूल माला पहनाकर आशीर्वाद दिया। प्रतीक भारतीय थल सेना की एविएशन कोर में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं देंगे।
बालौर गांव में भी प्रतीक के लेफ्टिनेंट बनने पर खुशी का माहौल है। प्रतीक के दादा भी भारतीय सेना से हवलदार के पद पर रिटायर हुए थे और पिता ओमप्रकाश मिनिस्ट्री आफ डिफेंस में कार्यरत हैं। प्रतीक की माता पूजा शिक्षा विभाग में लेक्चरर हैं। दादा और पिता से प्रेरणा लेकर ही प्रतीक ने थल सेना की राह चुनी है। प्रतीक की बुआ की बेटी भाविका भी 2019 में फ्लाइंग आफिसर के पद पर नियुक्त हुई थी। प्रतीक का कहना है कि अगर युवा मन लगाकर मेहनत करें तो उन्हें अवश्य ही सफलता मिलेगी। प्रतीक ने अपनी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई शहर के एचआर सेंचुरी पब्लिक स्कूल से पूरी की। प्रतीक ने 10वीं में 10 सीजीपीए और 12वीं में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। प्रतीक ने जेइइइ के एग्जाम में भी 99 परसेंटाइल हासिल किए थे, लेकिन इसी बीच उसका चयन एनडीए में हो गया। प्रतीक ने अपने पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा में सफलता हासिल की थी। कड़ी मेहनत के बल पर उसने आइएमए देहरादून से ट्रेनिंग पूरी की है। अब प्रतीक भारतीय थल सेना की एवियेशन कोर में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं देगा। प्रतीक ने युवाओं को सफलता का मंत्र भी दिया है। उसका कहना है कि युवा अगर मन लगाकर मेहनत करेंगे तो उन्हें अवश्य को सफलता मिलेगी।
प्रतीक के माता पिता को भी अपने बेटे पर गर्व है। पिता ओमप्रकाश बेटे प्रतीक की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं, तो उनकी माता पूजा भी अपने बेटे की उपलब्धि पर भावुक हो उठी। माता का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे प्रतीक को देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उन्हें अपने बेटे पर नाज है। लेफ्टिनेंट प्रतीक शर्मा बहादुरगढ़ के बालौर गांव से सेना में पहले डायरेक्ट लेफ्टिनेंट कमीशंड आफिसर हैं। प्रतीक युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उम्मीद है कि प्रतीक से प्रेरणा लेकर क्षेत्र के अन्य युवा भी देश सेवा के लिए आगे आएंगे।
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बालौर गांव में भी प्रतीक के लेफ्टिनेंट बनने पर खुशी का माहौल है। प्रतीक के दादा भी भारतीय सेना से हवलदार के पद पर रिटायर हुए थे और पिता ओमप्रकाश मिनिस्ट्री आफ डिफेंस में कार्यरत हैं। प्रतीक की माता पूजा शिक्षा विभाग में लेक्चरर हैं। दादा और पिता से प्रेरणा लेकर ही प्रतीक ने थल सेना की राह चुनी है। प्रतीक की बुआ की बेटी भाविका भी 2019 में फ्लाइंग आफिसर के पद पर नियुक्त हुई थी। प्रतीक का कहना है कि अगर युवा मन लगाकर मेहनत करें तो उन्हें अवश्य ही सफलता मिलेगी। प्रतीक ने अपनी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई शहर के एचआर सेंचुरी पब्लिक स्कूल से पूरी की। प्रतीक ने 10वीं में 10 सीजीपीए और 12वीं में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। प्रतीक ने जेइइइ के एग्जाम में भी 99 परसेंटाइल हासिल किए थे, लेकिन इसी बीच उसका चयन एनडीए में हो गया। प्रतीक ने अपने पहले ही प्रयास में एनडीए की परीक्षा में सफलता हासिल की थी। कड़ी मेहनत के बल पर उसने आइएमए देहरादून से ट्रेनिंग पूरी की है। अब प्रतीक भारतीय थल सेना की एवियेशन कोर में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी सेवाएं देगा। प्रतीक ने युवाओं को सफलता का मंत्र भी दिया है। उसका कहना है कि युवा अगर मन लगाकर मेहनत करेंगे तो उन्हें अवश्य को सफलता मिलेगी।
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प्रतीक के माता पिता को भी अपने बेटे पर गर्व है। पिता ओमप्रकाश बेटे प्रतीक की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं, तो उनकी माता पूजा भी अपने बेटे की उपलब्धि पर भावुक हो उठी। माता का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे प्रतीक को देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उन्हें अपने बेटे पर नाज है। लेफ्टिनेंट प्रतीक शर्मा बहादुरगढ़ के बालौर गांव से सेना में पहले डायरेक्ट लेफ्टिनेंट कमीशंड आफिसर हैं। प्रतीक युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उम्मीद है कि प्रतीक से प्रेरणा लेकर क्षेत्र के अन्य युवा भी देश सेवा के लिए आगे आएंगे।
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