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Jhajjar-Bahadurgarh News: 2500 से ज्यादा के कपड़ों पर 12 फीसदी जीएसटी सही नहीं, दोबारा हो विचार
Sun, 07 Sep 2025 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 07 Sep 2025 02:36 AM IST
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बहादुरगढ़। जीएसटी परिषद के फैसले से जहां कारें और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की दरें 28 से 18 प्रतिशत हो गई हैं। वहीं कुछ कमोडिटी पर करो की असामान्य दरों ने व्यापारियों के माथे पर चिंता ला दी है। 2500 रुपये से ज्यादा के कपड़ों पर 12 फीसदी जीएसटी लगाया गया है। इससे कपड़ा व्यापारी काफी निराश हैं।
गारमेंट्स व्यापारियों का कहना है कि इस पर दोबारा से विचार किया जाना चाहिए। आने वाला सीजन शादियों और त्योहारों का होगा। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी होगी। शादियों के सीजन में आम आदमी लहंगे, शेरवानी, कुर्ता, पाजामा समेत अन्य कपड़ों की खरीदारी करता है और इनकी कीमत 2500 रुपये से कहीं अधिक होती है। ऐसे में इन पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा तो लोगों के साथ दुकानदारों को भी आर्थिक परेशानी होगी। बेहतर होगा कि सरकार इस पर दोबारा विचार करे और गारमेंट्स व्यापारियों को भी राहत प्रदान करे।
बहादुरगढ़ के कपड़ा व्यापारी बृजमोहन, बिरजू शर्मा, विनोद शर्मा, पप्पू का कहना है कि जीएसटी का फैसला उत्साहजनक लगता तो है लेकिन कई जगह स्थिति स्पष्ट नहीं है। व्यापारियों ने वन ट्रेड वन टैक्स न हो पाने, ई-कॉमर्स और ई-पॉलिसी न लाए जाने पर मायूसी जताई है।
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व्यापारियों का कहना है कि एक्रेलिक, नाइलोन पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अगर 18 फीसदी दर है तो निर्यातकों को कोई फायदा नहीं पहुंचेगा। रेडीमेड कपड़े पर 5 प्रतिशत टैक्स होता तो निर्यातकों को लाभ मिलता।
कपड़ा व्यापारी विशाल कुमार बताते हैं कि सरकार के निर्णय का स्वागत है लेकिन 2500 रुपये से ऊपर 12 फीसदी की दर पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। शादी विवाह में आम आदमी को लहंगे, शेरवानी, कुर्ता, पाजामा आदि की जरूरत होती है। 2500 से ऊपर 12 प्रतिशत जीएसटी उचित नहीं है।
जीएसटी दरों में राहत पर व्यापारियों ने बांटे लड्डू
केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में राहत देकर सराहनीय कदम उठाया है। इससे देश के किसान, दुकानदार, व्यापारी वर्ग और आमजन में भी खुशी देखने को मिली है। समाजसेवी धर्मवीर सैनी ने लोगों को लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। सैनी ने कहा कि जीएसटी दरें कम होंगी तो भारतीय उद्योग जगत में विकास की गति तीव्र होगी। एक आम आदमी भी अपना उद्योग स्थापित करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स, आटोमोबाइल, फसल और खाने पीने के सामान के दामो में कमी आएगी। दीपक सिंह राजपूत ने कहा कि पहले 28 प्रतिशत जीएसटी से सभी ऑटो पार्ट्स महंगे थे। अब जीएसटी में कमी से सामान सस्ता होगा। यह एक ऐतिहासिक कार्य किया गया है। इनके अलावा विजयपाल जून, राकेश मल्होत्रा, पूजा, रागनी, शिवानी, रत्न, अजीत भारद्वाज, नीरज, विशाल, हेमंत पांडेय, सोमबीर दांगी ने भी जीएसटी में कटौती करने पर सरकार का आभार जताया।
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गारमेंट्स व्यापारियों का कहना है कि इस पर दोबारा से विचार किया जाना चाहिए। आने वाला सीजन शादियों और त्योहारों का होगा। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी होगी। शादियों के सीजन में आम आदमी लहंगे, शेरवानी, कुर्ता, पाजामा समेत अन्य कपड़ों की खरीदारी करता है और इनकी कीमत 2500 रुपये से कहीं अधिक होती है। ऐसे में इन पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा तो लोगों के साथ दुकानदारों को भी आर्थिक परेशानी होगी। बेहतर होगा कि सरकार इस पर दोबारा विचार करे और गारमेंट्स व्यापारियों को भी राहत प्रदान करे।
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बहादुरगढ़ के कपड़ा व्यापारी बृजमोहन, बिरजू शर्मा, विनोद शर्मा, पप्पू का कहना है कि जीएसटी का फैसला उत्साहजनक लगता तो है लेकिन कई जगह स्थिति स्पष्ट नहीं है। व्यापारियों ने वन ट्रेड वन टैक्स न हो पाने, ई-कॉमर्स और ई-पॉलिसी न लाए जाने पर मायूसी जताई है।
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व्यापारियों का कहना है कि एक्रेलिक, नाइलोन पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अगर 18 फीसदी दर है तो निर्यातकों को कोई फायदा नहीं पहुंचेगा। रेडीमेड कपड़े पर 5 प्रतिशत टैक्स होता तो निर्यातकों को लाभ मिलता।
कपड़ा व्यापारी विशाल कुमार बताते हैं कि सरकार के निर्णय का स्वागत है लेकिन 2500 रुपये से ऊपर 12 फीसदी की दर पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। शादी विवाह में आम आदमी को लहंगे, शेरवानी, कुर्ता, पाजामा आदि की जरूरत होती है। 2500 से ऊपर 12 प्रतिशत जीएसटी उचित नहीं है।
जीएसटी दरों में राहत पर व्यापारियों ने बांटे लड्डू
केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में राहत देकर सराहनीय कदम उठाया है। इससे देश के किसान, दुकानदार, व्यापारी वर्ग और आमजन में भी खुशी देखने को मिली है। समाजसेवी धर्मवीर सैनी ने लोगों को लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। सैनी ने कहा कि जीएसटी दरें कम होंगी तो भारतीय उद्योग जगत में विकास की गति तीव्र होगी। एक आम आदमी भी अपना उद्योग स्थापित करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स, आटोमोबाइल, फसल और खाने पीने के सामान के दामो में कमी आएगी। दीपक सिंह राजपूत ने कहा कि पहले 28 प्रतिशत जीएसटी से सभी ऑटो पार्ट्स महंगे थे। अब जीएसटी में कमी से सामान सस्ता होगा। यह एक ऐतिहासिक कार्य किया गया है। इनके अलावा विजयपाल जून, राकेश मल्होत्रा, पूजा, रागनी, शिवानी, रत्न, अजीत भारद्वाज, नीरज, विशाल, हेमंत पांडेय, सोमबीर दांगी ने भी जीएसटी में कटौती करने पर सरकार का आभार जताया।