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छेड़छाड़ पीड़िता के आत्महत्या मामले में एसआईटी गठित
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 27 May 2014 12:03 AM IST
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छेड़छाड़ और पुलिस से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली जींद जिले के गांव धनौरी की युवती से जुड़े केस में विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।
यह जानकारी सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस के डीएसपी ने दी। पीड़िता ने छेड़छाड़ मामले में दोषियों को गिरफ्तारी न करने और उलटे पीड़िता पर ही झूठी शिकायत देने का केस दर्ज किए जाने पर परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।
हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस के जवाब को रिकार्ड में लेते हुए पीड़िता के भाईयों और भाभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के राज्य सरकार को निर्देश जारी किए हैं।
पीड़िता के परिवार द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अनीता चौधरी की एकल बेंच ने हरियाणा सरकार समेत पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
याचिका में दोषियों को गिरफ्तार करने और साथ ही प्रभावशाली दोषियों से अपने जान माल की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश करने की मांग की गई है।
मृतका के भाईयों भरत सिंह और शमशेर सिंह के अलावा भरत सिंह की पत्नी नीलम ने याचिका दायर करके आरोप लगाया है कि पीड़िता की शिकायत पर गढ़ी गांव के ही रमेश और उसके भाई काला के खिलाफ 21 अप्रैल 2013 को छेड़छाड़ करने, रास्ता रोकने और घर में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले में दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया क्योंकि रमेश कुमार का ससुर संबंधित थाना गढ़ी का पूर्व एसएचओ रह चुका है। आरोप लगाया है कि दोषी प्रभावशाली हैं और इस मामले में पुलिस अफसर भी मिले हुए हैं।
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मामले में पुलिस महानिदेशक से लेकर एसपी तक को कार्रवाई के लिए मांग पत्र दिया जा चुका है, लेकिन दोषियों को गिरफ्तार करने की बजाय पीड़िता के खिलाफ झूठी शिकायत देने की कार्रवाई शुरू कर दी ताकि वह दोषियों के खिलाफ मामला वापस ले ले।
पीड़िता ने अपने सुसाइड नोट में इन सब बातों का उल्लेख करते हुए पुलिस द्वारा दबाव बनाए जाने से मजबूर होकर आत्महत्या करने की बात लिखी थी।
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यह जानकारी सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस के डीएसपी ने दी। पीड़िता ने छेड़छाड़ मामले में दोषियों को गिरफ्तारी न करने और उलटे पीड़िता पर ही झूठी शिकायत देने का केस दर्ज किए जाने पर परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।
हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस के जवाब को रिकार्ड में लेते हुए पीड़िता के भाईयों और भाभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के राज्य सरकार को निर्देश जारी किए हैं।
पीड़िता के परिवार द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अनीता चौधरी की एकल बेंच ने हरियाणा सरकार समेत पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
याचिका में दोषियों को गिरफ्तार करने और साथ ही प्रभावशाली दोषियों से अपने जान माल की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश करने की मांग की गई है।
मृतका के भाईयों भरत सिंह और शमशेर सिंह के अलावा भरत सिंह की पत्नी नीलम ने याचिका दायर करके आरोप लगाया है कि पीड़िता की शिकायत पर गढ़ी गांव के ही रमेश और उसके भाई काला के खिलाफ 21 अप्रैल 2013 को छेड़छाड़ करने, रास्ता रोकने और घर में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया था।
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इस मामले में दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया क्योंकि रमेश कुमार का ससुर संबंधित थाना गढ़ी का पूर्व एसएचओ रह चुका है। आरोप लगाया है कि दोषी प्रभावशाली हैं और इस मामले में पुलिस अफसर भी मिले हुए हैं।
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मामले में पुलिस महानिदेशक से लेकर एसपी तक को कार्रवाई के लिए मांग पत्र दिया जा चुका है, लेकिन दोषियों को गिरफ्तार करने की बजाय पीड़िता के खिलाफ झूठी शिकायत देने की कार्रवाई शुरू कर दी ताकि वह दोषियों के खिलाफ मामला वापस ले ले।
पीड़िता ने अपने सुसाइड नोट में इन सब बातों का उल्लेख करते हुए पुलिस द्वारा दबाव बनाए जाने से मजबूर होकर आत्महत्या करने की बात लिखी थी।