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फील्ड का नियमित दौरा न करने वालों के लिए ये फरमान
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Jan 2014 03:46 PM IST
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आयुक्तों और जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से फील्ड का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का हल करें। मुख्यमंत्री ने बुधवार को यहां बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक में ये निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि जब वे फील्ड में जाएं तो जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान दें। उनकी मांगों को गौर से सुनें। अपने क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान दें। सरकार के जो विकास कार्य चल रहे हैं, उन्हें जल्द पूरा करवाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शहरों और गांवों में विकास कार्यों के लिए पैसा जारी किया है। अफसर उस पैसे का अधिक से अधिक प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि गोहाना रैली में उन्होंने जो घोषणाएं की थी, उनका संबंधित व्यक्ति तक लाभ पहुंचना सुनिश्चित करें।
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उधर, बैठक में इस साल बाढ़ नियंत्रण पर 110 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी। इस राशि से 226 प्रोजेक्ट पूरे होंगे। सीएम ने कहा कि बाढ़ से नुकसान न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर किसी अफसर की लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने हर महीने प्रगति रिपोर्ट भी मांगी।
सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव डॉ. केके खंडेलवाल ने बैठक में बताया कि पानीपत जिले में चंडीगढ़-दिल्ली रेल लाइन के साथ 9 किमी लंबी ड्रेन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पानीपत नगर निगम के भीतर 3.92 किलोमीटर और हुडा की जमीन के भीतर 5 किमी लंबी इस ड्रेन पर करीब 44 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ड्रेन के बनने से पानीपत की लंबी मांग पूरी होगी।
सीएम को जानकारी दी गई कि भिवानी-घग्गर ड्रेन का काम 90 फीसदी पूरा हो चुका है। समैण-धनाना ड्रेन का 30 किलोमीटर लंबाई में काम पूरा हो गया है।
इसका हिसार-रोहतक में पड़ने वाले 10 किलोमीटर का काम जल्द पूरा हो जाएगा। खंडेलवाल ने बताया कि पिहोवा में दो हाई पावर इलेक्ट्रिक पंप लगेंगे।
फतेहाबाद जिले में रंगोई नाले को गहरा करने के लिए 16 करोड़ 68 लाख रुपये के टेंडर हो चुके हैं। बैठक में वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चटठा, कृषि मंत्री परमवीर सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुल्तान सिंह जाडौला, मुख्य सचिव एससी चौधरी, वित्तायुक्त राजस्व शकुंतला जाखू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढ़िल्लों और डॉ. केके खंडेलवाल समेत अन्य अफसर मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि जब वे फील्ड में जाएं तो जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान दें। उनकी मांगों को गौर से सुनें। अपने क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान दें। सरकार के जो विकास कार्य चल रहे हैं, उन्हें जल्द पूरा करवाएं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शहरों और गांवों में विकास कार्यों के लिए पैसा जारी किया है। अफसर उस पैसे का अधिक से अधिक प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि गोहाना रैली में उन्होंने जो घोषणाएं की थी, उनका संबंधित व्यक्ति तक लाभ पहुंचना सुनिश्चित करें।
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उधर, बैठक में इस साल बाढ़ नियंत्रण पर 110 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी। इस राशि से 226 प्रोजेक्ट पूरे होंगे। सीएम ने कहा कि बाढ़ से नुकसान न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर किसी अफसर की लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने हर महीने प्रगति रिपोर्ट भी मांगी।
सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव डॉ. केके खंडेलवाल ने बैठक में बताया कि पानीपत जिले में चंडीगढ़-दिल्ली रेल लाइन के साथ 9 किमी लंबी ड्रेन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पानीपत नगर निगम के भीतर 3.92 किलोमीटर और हुडा की जमीन के भीतर 5 किमी लंबी इस ड्रेन पर करीब 44 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ड्रेन के बनने से पानीपत की लंबी मांग पूरी होगी।
सीएम को जानकारी दी गई कि भिवानी-घग्गर ड्रेन का काम 90 फीसदी पूरा हो चुका है। समैण-धनाना ड्रेन का 30 किलोमीटर लंबाई में काम पूरा हो गया है।
इसका हिसार-रोहतक में पड़ने वाले 10 किलोमीटर का काम जल्द पूरा हो जाएगा। खंडेलवाल ने बताया कि पिहोवा में दो हाई पावर इलेक्ट्रिक पंप लगेंगे।
फतेहाबाद जिले में रंगोई नाले को गहरा करने के लिए 16 करोड़ 68 लाख रुपये के टेंडर हो चुके हैं। बैठक में वित्तमंत्री हरमोहिंदर सिंह चटठा, कृषि मंत्री परमवीर सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुल्तान सिंह जाडौला, मुख्य सचिव एससी चौधरी, वित्तायुक्त राजस्व शकुंतला जाखू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढ़िल्लों और डॉ. केके खंडेलवाल समेत अन्य अफसर मौजूद थे।