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Hisar News: सत्यापन के फेर में अटका श्रमिकों का हक, श्रम विभाग की जांच में हिसार में करीब 20 हजार पंजीकरण फर्जी पाए गए थे पर सभी श्रमिकों के कार्ड कर दिए गए थे ब्लॉक
Tue, 22 Sep 2026 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:40 AM IST
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अशोक ढिकाव
हिसार। गेहूं के साथ घुन भी पिसता है...यह कहावत जिले के करीब सात लाख श्रमिकों पर सटीक बैठ रही है। श्रम विभाग की जांच में जिले के करीब 20 हजार श्रमिकों की वर्क स्लिप फर्जी पाए जाने के बाद सभी श्रमिक कार्ड ब्लॉक कर दिए गए। करीब एक साल तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहे मजदूरों को अब भी राहत नहीं मिल पाई है। विभाग ने फिर से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है लेकिन सत्यापन की फांस ने अड़ंगा लगा रखा है।
फर्जी वर्क स्लिप के जरिए श्रमिक कार्ड बनवाने की शिकायतों पर श्रम विभाग ने हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी सहित अन्य जिलों में गहन जांच की थी। करीब 2,07,996 वर्क स्लिप की जांच में पता चला कि इनमें से केवल 14,240 श्रमिक ही पात्र हैं। शेष 1,93,756 पंजीकरण पूरी तरह फर्जी पाए गए। श्रम विभाग ने इनके सहित प्रदेश भर में सभी श्रमिकों के कार्ड ब्लॉक कर दिए और जुलाई-अगस्त 2025 में विभागीय पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इसे जून 2026 में नए नियमों और सख्त सत्यापन प्रक्रिया के साथ दोबारा खोल दिया गया है।
सत्यापित वर्क स्लिप के माध्यम से कराएं पंजीकरण
हिसार जिले में करीब सात लाख श्रमिकों का पंजीकरण था। जांच में करीब 20 हजार भवन निर्माण मजदूरों को अपात्र घोषित किया गया, लेकिन श्रमिक कार्ड सभी के ब्लॉक कर दिए। अब फैमिली आईडी के साथ अधिकारियों द्वारा सत्यापित वर्क स्लिप के माध्यम से ही पंजीकरण हो रहा है जिन श्रमिकों के कार्ड ब्लॉक हुए हैं वे नई गाइडलाइन के अनुसार दोबारा आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के साथ 90 दिनों की वर्क स्लिप दे रहे हैं जिसका सत्यापन विभाग अपने स्तर पर करवा रहा है।
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इन योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
-श्रमिक कार्ड रद्द होने से उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि और वार्षिक वजीफा (स्कॉलरशिप) मिलना बंद हो गया है।
- बेटियों की शादी के लिए मिलने वाली 1.01 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का लाभ अब नहीं मिल रहा है
- काम के लिए आवश्यक औजार या साइकिल खरीदने के लिए मिलने वाली वित्तीय सब्सिडी बंद हो गई है।
- पंजीकृत श्रमिक की सामान्य या दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता और अंत्येष्टि राशि की पात्रता समाप्त हो गई है।
- महिला श्रमिकों या श्रमिकों की पत्नियों को प्रसव के दौरान मिलने वाली वित्तीय सहायता और चिकित्सा खर्च का लाभ अब देय नहीं है।
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मजदूर अपने जॉब कार्ड में भवन मालिक का नाम दर्ज करवाते हैं। श्रमिक कल्याण बोर्ड की ओर से संबंधित भवन मालिकों को फोन कर कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। कई मामलों में एक साल बाद भवन मालिक मजदूरों के नाम तक भूल जाते हैं। सत्यापन न होने पर पंजीकरण रद्द किया जा रहा है। - मनोज कुमार, नेता, भवन निर्माण यूनियन एवं सीटू हिसार
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हिसार और हांसी के मजदूरों की एक लाख वर्क स्लिप का सत्यापन किया था, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद सभी मजदूरों के कार्ड ब्लॉक कर दिए थे। अब मजदूरों के नाम ई-पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे हैं। उनकी ओर से दी गई वर्क स्लिप का पटवारी, जेई और ग्राम सचिव से सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। - रविंद्र मलिक, डिप्टी डायरेक्टर, श्रम विभाग, हिसार
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हिसार। गेहूं के साथ घुन भी पिसता है...यह कहावत जिले के करीब सात लाख श्रमिकों पर सटीक बैठ रही है। श्रम विभाग की जांच में जिले के करीब 20 हजार श्रमिकों की वर्क स्लिप फर्जी पाए जाने के बाद सभी श्रमिक कार्ड ब्लॉक कर दिए गए। करीब एक साल तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहे मजदूरों को अब भी राहत नहीं मिल पाई है। विभाग ने फिर से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है लेकिन सत्यापन की फांस ने अड़ंगा लगा रखा है।
फर्जी वर्क स्लिप के जरिए श्रमिक कार्ड बनवाने की शिकायतों पर श्रम विभाग ने हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी सहित अन्य जिलों में गहन जांच की थी। करीब 2,07,996 वर्क स्लिप की जांच में पता चला कि इनमें से केवल 14,240 श्रमिक ही पात्र हैं। शेष 1,93,756 पंजीकरण पूरी तरह फर्जी पाए गए। श्रम विभाग ने इनके सहित प्रदेश भर में सभी श्रमिकों के कार्ड ब्लॉक कर दिए और जुलाई-अगस्त 2025 में विभागीय पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इसे जून 2026 में नए नियमों और सख्त सत्यापन प्रक्रिया के साथ दोबारा खोल दिया गया है।
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सत्यापित वर्क स्लिप के माध्यम से कराएं पंजीकरण
हिसार जिले में करीब सात लाख श्रमिकों का पंजीकरण था। जांच में करीब 20 हजार भवन निर्माण मजदूरों को अपात्र घोषित किया गया, लेकिन श्रमिक कार्ड सभी के ब्लॉक कर दिए। अब फैमिली आईडी के साथ अधिकारियों द्वारा सत्यापित वर्क स्लिप के माध्यम से ही पंजीकरण हो रहा है जिन श्रमिकों के कार्ड ब्लॉक हुए हैं वे नई गाइडलाइन के अनुसार दोबारा आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के साथ 90 दिनों की वर्क स्लिप दे रहे हैं जिसका सत्यापन विभाग अपने स्तर पर करवा रहा है।
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इन योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
-श्रमिक कार्ड रद्द होने से उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि और वार्षिक वजीफा (स्कॉलरशिप) मिलना बंद हो गया है।
- बेटियों की शादी के लिए मिलने वाली 1.01 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का लाभ अब नहीं मिल रहा है
- काम के लिए आवश्यक औजार या साइकिल खरीदने के लिए मिलने वाली वित्तीय सब्सिडी बंद हो गई है।
- पंजीकृत श्रमिक की सामान्य या दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता और अंत्येष्टि राशि की पात्रता समाप्त हो गई है।
- महिला श्रमिकों या श्रमिकों की पत्नियों को प्रसव के दौरान मिलने वाली वित्तीय सहायता और चिकित्सा खर्च का लाभ अब देय नहीं है।
मजदूर अपने जॉब कार्ड में भवन मालिक का नाम दर्ज करवाते हैं। श्रमिक कल्याण बोर्ड की ओर से संबंधित भवन मालिकों को फोन कर कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। कई मामलों में एक साल बाद भवन मालिक मजदूरों के नाम तक भूल जाते हैं। सत्यापन न होने पर पंजीकरण रद्द किया जा रहा है। - मनोज कुमार, नेता, भवन निर्माण यूनियन एवं सीटू हिसार
हिसार और हांसी के मजदूरों की एक लाख वर्क स्लिप का सत्यापन किया था, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद सभी मजदूरों के कार्ड ब्लॉक कर दिए थे। अब मजदूरों के नाम ई-पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे हैं। उनकी ओर से दी गई वर्क स्लिप का पटवारी, जेई और ग्राम सचिव से सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। - रविंद्र मलिक, डिप्टी डायरेक्टर, श्रम विभाग, हिसार