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Hisar News: कोटे के इंतजार में थमे पहिए, वर्कशॉप में कैद होती बसें
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वर्कशॉप में कंडम हाल खड़ी बसें।
हिसार। टायरों के कोटे का चार माह से इंतजार कर रहे हिसार रोडवेज डिपो में बस संचालन प्रभावित होने लगा है। नए टायर नहीं मिलने के कारण प्रतिदिन 8 से 10 बसें वर्कशॉप में खड़ी रह जाती हैं। डिपो प्रबंधन ने मुख्यालय को 250 नए टायरों की मांग भेजी है, लेकिन अब तक कोटा जारी नहीं हुआ है। ऐसे में कई बसों में रिसोलिंग किए गए टायरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हिसार डिपो में 181 साधारण बसें और 5 ई-बसें हैं। वहीं हांसी सब डिपो की 78 बसों सहित कुल 264 बसों का संचालन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार टायरों की कमी के कारण कई बसें फिटनेस पूरी होने के बावजूद सड़कों पर नहीं उतर पा रहीं। घिसे हुए टायरों को समय पर बदलना सुरक्षा की दृष्टि से भी आवश्यक है। संवाद
गोगामेड़ी मेले के लिए मिलता है अलग कोटा
हर वर्ष गोगामेड़ी मेले के दौरान अतिरिक्त बसों के संचालन के लिए अलग से टायरों का कोटा जारी किया जाता है। हालांकि नियमित संचालन के लिए मिलने वाला कोटा इस बार अब तक नहीं पहुंचा है, जिससे डिपो को सीमित संसाधनों के सहारे व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
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स्पेयर पार्ट्स की कमी से मरम्मत प्रभावित
वर्कशॉप में कई जरूरी उपकरणों और स्पेयर पार्ट्स की कमी भी बनी हुई है। इसके कारण बसों की मरम्मत में देरी हो रही है और कई वाहन लंबे समय तक वर्कशॉप में खड़े रहते हैं। कई बार जरूरी पार्ट्स बेंगलुरु से मंगवाने पड़ते हैं जिससे मरम्मत कार्य और लंबा खिंच जाता है।
वर्कशॉप में नए टायर नहीं होने से चालकों को परेशानी हो रही है। घिसे हुए टायरों के साथ बसों का संचालन जोखिम बढ़ा सकता है। कर्मचारियों ने कई बार नए टायरों का कोटा जारी करने की मांग की है।
- राजकुमार चौहान, राज्य उपप्रधान एवं डिपो प्रधान, हरियाणा रोडवेज वर्कर्ज यूनियन, हिसार।
मुख्यालय को 250 टायरों की मांग भेजी गई है। कोटा जारी होने की प्रक्रिया लंबी होने के कारण देरी हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही नया कोटा मिल जाएगा।
- राजबीर सिंह, इंचार्ज वर्कशॉप एवं एसपीओ, रोडवेज डिपो हिसार।
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हिसार डिपो में 181 साधारण बसें और 5 ई-बसें हैं। वहीं हांसी सब डिपो की 78 बसों सहित कुल 264 बसों का संचालन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार टायरों की कमी के कारण कई बसें फिटनेस पूरी होने के बावजूद सड़कों पर नहीं उतर पा रहीं। घिसे हुए टायरों को समय पर बदलना सुरक्षा की दृष्टि से भी आवश्यक है। संवाद
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गोगामेड़ी मेले के लिए मिलता है अलग कोटा
हर वर्ष गोगामेड़ी मेले के दौरान अतिरिक्त बसों के संचालन के लिए अलग से टायरों का कोटा जारी किया जाता है। हालांकि नियमित संचालन के लिए मिलने वाला कोटा इस बार अब तक नहीं पहुंचा है, जिससे डिपो को सीमित संसाधनों के सहारे व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
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स्पेयर पार्ट्स की कमी से मरम्मत प्रभावित
वर्कशॉप में कई जरूरी उपकरणों और स्पेयर पार्ट्स की कमी भी बनी हुई है। इसके कारण बसों की मरम्मत में देरी हो रही है और कई वाहन लंबे समय तक वर्कशॉप में खड़े रहते हैं। कई बार जरूरी पार्ट्स बेंगलुरु से मंगवाने पड़ते हैं जिससे मरम्मत कार्य और लंबा खिंच जाता है।
वर्कशॉप में नए टायर नहीं होने से चालकों को परेशानी हो रही है। घिसे हुए टायरों के साथ बसों का संचालन जोखिम बढ़ा सकता है। कर्मचारियों ने कई बार नए टायरों का कोटा जारी करने की मांग की है।
- राजकुमार चौहान, राज्य उपप्रधान एवं डिपो प्रधान, हरियाणा रोडवेज वर्कर्ज यूनियन, हिसार।
मुख्यालय को 250 टायरों की मांग भेजी गई है। कोटा जारी होने की प्रक्रिया लंबी होने के कारण देरी हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही नया कोटा मिल जाएगा।
- राजबीर सिंह, इंचार्ज वर्कशॉप एवं एसपीओ, रोडवेज डिपो हिसार।