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प्रदेश में झमाझम बारिश: मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, लोगों की बढ़ी परेशानी, अभी नहीं मिलने वाली राहत
Mon, 01 Sep 2025 11:40 AM IST
शाहिल शर्मा
माई सिटी रिपोर्टर हिसार
माई सिटी रिपोर्टर हिसार
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 01 Sep 2025 11:40 AM IST
सार
हरियाणा के लोगों को अभी बारिश से राहत मिलने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने ऑरेंट अलर्ट जारी किया है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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हरियाणा में बारिश को लेकर अलर्ट
- फोटो : संवाद
विस्तार
पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में रविवार को कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक प्रदेश में बारिश का यह सिलसिला 5 सितंबर तक जारी रहेगा। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि शनिवार रात एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके असर से दक्षिणी पंजाब व पाकिस्तान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके अलावा मानसून रेखा पूर्वी राजस्थान पर बनी हुई है। साथ ही राजस्थान पर दो और बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवातीय क्षेत्र बना हुआ है। इनके कारण पूर्वी व पश्चिमी हवाओं का टकराव हो रहा है, जिससे प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। रविवार को प्रदेश में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि शनिवार रात एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके असर से दक्षिणी पंजाब व पाकिस्तान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके अलावा मानसून रेखा पूर्वी राजस्थान पर बनी हुई है। साथ ही राजस्थान पर दो और बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवातीय क्षेत्र बना हुआ है। इनके कारण पूर्वी व पश्चिमी हवाओं का टकराव हो रहा है, जिससे प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। रविवार को प्रदेश में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई।
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आगे ऐसा रहेगा मौसम
सितंबर में पहले सप्ताह में 1 से 4 सितंबर के दौरान हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर लगातार मानसून मेहरबान बना रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गिरने के भी आसार हैं। इसके अलावा कहीं-कहीं पर तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अगस्त में प्रदेश में हुई सामान्य से 32 प्रतिशत ज्यादा बारिश
अगस्त माह में प्रदेश में सामान्य से 32 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। इस माह में 194.5 एमएम बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 147.7 एमएम होती है। अंबाला, चरखी दादरी, पलवल, पंचकूला को छोड़कर सभी जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा है। सबसे ज्यादा फतेहाबाद में सामान्य से 252 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। वहीं, चरखी दादरी में सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जो कि प्रदेश में सबसे कम है। इससे पहले वर्ष 2004 में सामान्य से 49 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।
यहां-यहां हुई बारिश
अंबाला-11.0 एमएम
हिसार-15.4 एममए
नारनौल-17.5 एमएम
रोहतक-3.0 एमएम
जींद-4.2 एमएम
पलवल-8.0 एमएम
पंचकूला-19.0 एमएम
पानीपत-5.5 एमएम
रेवाड़ी-1.5 एमएम
सिरसा-67.0 एमएम
सोनीपत-0.5 एमएम
यमुनानगर-7.5 एमएम
ये भी पढ़ें: पहाड़ों पर भारी बारिश: उफान पर यमुना, दिल्ली को अब बाढ़ का खतरा, हथिनीकुंड बैराज के खोले गए सभी गेट
सितंबर में पहले सप्ताह में 1 से 4 सितंबर के दौरान हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर लगातार मानसून मेहरबान बना रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गिरने के भी आसार हैं। इसके अलावा कहीं-कहीं पर तेज हवाएं चलने की संभावना है।
अगस्त में प्रदेश में हुई सामान्य से 32 प्रतिशत ज्यादा बारिश
अगस्त माह में प्रदेश में सामान्य से 32 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। इस माह में 194.5 एमएम बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 147.7 एमएम होती है। अंबाला, चरखी दादरी, पलवल, पंचकूला को छोड़कर सभी जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा है। सबसे ज्यादा फतेहाबाद में सामान्य से 252 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। वहीं, चरखी दादरी में सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जो कि प्रदेश में सबसे कम है। इससे पहले वर्ष 2004 में सामान्य से 49 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।
यहां-यहां हुई बारिश
अंबाला-11.0 एमएम
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सिरसा-67.0 एमएम
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