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Hisar News: एचएयू के गेट पर रही कड़ी सुरक्षा, जांच के लिए कमेटी गठित
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हिसार लघु सचिवालय के बाहर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करते पगड़ी संभाल जट्टा और अन्य संगठन क
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के गेट नंबर 4 पर शुक्रवार को पुलिस का कड़ा पहरा रहा। वहीं, मंडल आयुक्त अशोक गर्ग की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की है, जो पूरे प्रकरण की जांच करेगी। कमेटी की पहली बैठक 26 अगस्त को होगी। कमेटी में विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। वहीं, छात्रों की ओर से विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. समुद्र और डॉ. भीम सिंह दहिया को शामिल करने पर विचार किया है। इससे पहले वीरवार रात 1.30 बजे पुलिस ने 46 छात्रों और समर्थन में आए 8 किसान नेताओं को जबरन हिरासत में लेकर धरनास्थल खाली करवा दिया। हालांकि इन्हें सुबह छोड़ दिया गया। विद्यार्थी फिर से धरना न शुरू कर दें, इसके मद्देनजर एचएयू के बाहर दिनभर पुलिसबल मुस्तैद रहा।
आंदोलनरत विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर में जिला उपायुक्त अनीश यादव और एसपी शशांक कुमार से मुलाकात कर अपनी बात रखी। पीएचडी छात्र विक्रांत ने बताया कि डीसी-एसपी ने उन्हें कमेटी गठन की जानकारी देते हुए इसका औपचारिक पत्र सौंपा है। कमेटी की पहली बैठक में हर विषय पर विस्तृत चर्चा होगी। डीसी और एसपी ने भरोसा दिया कि एक जुलाई को किए गए समझौते के मुताबिक जिन छात्रों पर मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसके अलावा जो भी मांगें थीं, उन्हें कुलपति के समक्ष रखा गया है। विशेष रूप से एमबीए छात्रों की स्कॉलरशिप 10 से बढ़ाकर 25 फीसदी करने की मांग पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया है कि इसके लिए वित्तीय समिति गठित की जाएगी, जो अंतिम फैसला लेगी।
विद्यार्थी बोले- मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा
मीडिया के समक्ष आए छात्र-छात्राओं ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के छात्रों, विशेषकर छात्राओं और उनके परिवारों को निशाना बनाकर अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इस तरह से उनका मानसिक उत्पीड़न कर विश्वविद्यालय के वातावरण को खराब करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए।
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देर रात हंगामे के बाद 46 छात्रों और 8 किसान नेताओं को थाने ले गए
वीरवार रात छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद करीब डेढ़ बजे भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने 46 छात्रों और वहां बैठे 8 किसान नेताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठाया और सिविल लाइन थाने ले गए। टेंट व गद्दे हटाकर धरनास्थल को पूरी तरह खाली करवा दिया गया। इस दौरान शांति बनी रही। शुक्रवार सुबह सभी को छोड़ दिया गया।
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फोटो के साथ.......केस वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है, कमेटी गठन में छात्रों की ओर से देरी की गई: पनिहार
आंदोलनरत विद्यार्थियों से एक जुलाई को समझौता करने वाली कमेटी में शामिल नलवा विधायक रणधीर पनिहार से छात्रों पर दर्ज एफआईआर अब तक वापस नहीं लेने और कमेटी गठित नहीं करने पर बात की तो उन्होंने कहा कि दोनों ही प्रक्रिया चल रही है। छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने से पहले दोनों पक्षों से बातचीत होनी होती है। इसके बाद अदालत में इसका निपटान होता है। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से कमेटी बनाने में कोई देरी नहीं की गई। समझौते के पांच दिन बाद ही विद्यार्थियों से नाम पूछना शुरू कर दिया था, लेकिन उनकी ओर से देरी की गई। अन्य समझौतों को पूरा करने के लिए सीएम से वीरवार को ही अनुरोध किया। अब मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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एहतियात के तौर पर तैनात की पुलिस
एचएयू के कई छात्रों ने शिकायत दी थी कि उन पर धरने में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शामिल न होने पर सोशल मीडिया पर टारगेट किया जा रहा था। गेट बंद होने से रास्ता भी अवरुद्ध हो रहा था। छात्रों की शिकायत पर 20 अगस्त को रास्ता अवरुद्ध करने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की थी। वहीं, 21 अगस्त को जिन लोगों ने सरकारी काम में बाधा डाली उन पर भी एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने धरने पर बैठे छात्रों को समझाया था। नहीं मानने पर हिरासत में लेना पड़ा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर एचएयू के गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
- शशांक कुमार सावन, एसपी , हिसार
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फोटो के साथ........ छात्रों के समर्थन में डीसी ऑफिस के बाहर दिया धरना
हिसार। छात्रों के समर्थन में अखिल भारतीय किसान सभा की हिसार तहसील कमेटी ने शुक्रवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। कमेटी के तहसील प्रधान रमेश मिरकां, जिला प्रधान शमशेर नंबरदार, राज्य उपाध्यक्ष दिनेश सिवाच, सतबीर धायल ने कहा कि एचएयू में विद्यार्थियों का भविष्य खराब किया जा रहा है। छात्रों की आवाज को बर्बरतापूर्ण तरीके से दबाया जा रहा है।
चोटिल छात्रों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता
कांग्रेस जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया, पूर्व मंत्री संपत सिंह, पूर्व विधायक रामनिवास घोडेला, धर्मवीर गोयत, पूर्व चेयरमैन अजीत भगाना शुक्रवार को घायल विद्यार्थियों से मिलने नागरिक अस्पताल पहुंचे। बहबलपुरिया ने कहा कि छात्रों से मारपीट करना भाजपा सरकार का छात्र विरोधी चेहरा उजागर करता है। सरकार ने पहले छात्रों से वादा कर धरना उठवाया और अब उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा। ब्यूरो
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आंदोलनरत विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर में जिला उपायुक्त अनीश यादव और एसपी शशांक कुमार से मुलाकात कर अपनी बात रखी। पीएचडी छात्र विक्रांत ने बताया कि डीसी-एसपी ने उन्हें कमेटी गठन की जानकारी देते हुए इसका औपचारिक पत्र सौंपा है। कमेटी की पहली बैठक में हर विषय पर विस्तृत चर्चा होगी। डीसी और एसपी ने भरोसा दिया कि एक जुलाई को किए गए समझौते के मुताबिक जिन छात्रों पर मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसके अलावा जो भी मांगें थीं, उन्हें कुलपति के समक्ष रखा गया है। विशेष रूप से एमबीए छात्रों की स्कॉलरशिप 10 से बढ़ाकर 25 फीसदी करने की मांग पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया है कि इसके लिए वित्तीय समिति गठित की जाएगी, जो अंतिम फैसला लेगी।
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विद्यार्थी बोले- मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा
मीडिया के समक्ष आए छात्र-छात्राओं ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के छात्रों, विशेषकर छात्राओं और उनके परिवारों को निशाना बनाकर अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इस तरह से उनका मानसिक उत्पीड़न कर विश्वविद्यालय के वातावरण को खराब करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए।
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देर रात हंगामे के बाद 46 छात्रों और 8 किसान नेताओं को थाने ले गए
वीरवार रात छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद करीब डेढ़ बजे भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने 46 छात्रों और वहां बैठे 8 किसान नेताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठाया और सिविल लाइन थाने ले गए। टेंट व गद्दे हटाकर धरनास्थल को पूरी तरह खाली करवा दिया गया। इस दौरान शांति बनी रही। शुक्रवार सुबह सभी को छोड़ दिया गया।
फोटो के साथ.......केस वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है, कमेटी गठन में छात्रों की ओर से देरी की गई: पनिहार
आंदोलनरत विद्यार्थियों से एक जुलाई को समझौता करने वाली कमेटी में शामिल नलवा विधायक रणधीर पनिहार से छात्रों पर दर्ज एफआईआर अब तक वापस नहीं लेने और कमेटी गठित नहीं करने पर बात की तो उन्होंने कहा कि दोनों ही प्रक्रिया चल रही है। छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने से पहले दोनों पक्षों से बातचीत होनी होती है। इसके बाद अदालत में इसका निपटान होता है। उन्होंने कहा कि हमारी ओर से कमेटी बनाने में कोई देरी नहीं की गई। समझौते के पांच दिन बाद ही विद्यार्थियों से नाम पूछना शुरू कर दिया था, लेकिन उनकी ओर से देरी की गई। अन्य समझौतों को पूरा करने के लिए सीएम से वीरवार को ही अनुरोध किया। अब मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
एहतियात के तौर पर तैनात की पुलिस
एचएयू के कई छात्रों ने शिकायत दी थी कि उन पर धरने में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शामिल न होने पर सोशल मीडिया पर टारगेट किया जा रहा था। गेट बंद होने से रास्ता भी अवरुद्ध हो रहा था। छात्रों की शिकायत पर 20 अगस्त को रास्ता अवरुद्ध करने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की थी। वहीं, 21 अगस्त को जिन लोगों ने सरकारी काम में बाधा डाली उन पर भी एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने धरने पर बैठे छात्रों को समझाया था। नहीं मानने पर हिरासत में लेना पड़ा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर एचएयू के गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
- शशांक कुमार सावन, एसपी , हिसार
फोटो के साथ........ छात्रों के समर्थन में डीसी ऑफिस के बाहर दिया धरना
हिसार। छात्रों के समर्थन में अखिल भारतीय किसान सभा की हिसार तहसील कमेटी ने शुक्रवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। कमेटी के तहसील प्रधान रमेश मिरकां, जिला प्रधान शमशेर नंबरदार, राज्य उपाध्यक्ष दिनेश सिवाच, सतबीर धायल ने कहा कि एचएयू में विद्यार्थियों का भविष्य खराब किया जा रहा है। छात्रों की आवाज को बर्बरतापूर्ण तरीके से दबाया जा रहा है।
चोटिल छात्रों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता
कांग्रेस जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया, पूर्व मंत्री संपत सिंह, पूर्व विधायक रामनिवास घोडेला, धर्मवीर गोयत, पूर्व चेयरमैन अजीत भगाना शुक्रवार को घायल विद्यार्थियों से मिलने नागरिक अस्पताल पहुंचे। बहबलपुरिया ने कहा कि छात्रों से मारपीट करना भाजपा सरकार का छात्र विरोधी चेहरा उजागर करता है। सरकार ने पहले छात्रों से वादा कर धरना उठवाया और अब उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा। ब्यूरो