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मजदूर के नाम से खरीदी तीन गाड़ियां, 21 लाख का बना दिया कर्जदार
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हिसार। सातरोड़ कलां निवासी कृष्ण कुमार दिहाड़ी मजदूर है, लेकिन अज्ञात लोगों ने उसके नाम से तीन गाड़ियां खरीद ली। वहीं, तीन फाइनेंस कंपनी के करीब 21 लाख रुपये का कर्ज उसके सिर हो गया है। इस बारे में उसे अदालत से समन भी जारी हुआ है। वहीं, कृष्ण का कहना है उसकी आर्थिक स्थिति बाइक खरीदने की नहीं है, वह तीन गाड़ियां कहां से खरीदेगा।
कृष्ण ने बताया कि कागजों में उसके नाम दो कैंटर हैं और एक कैंटर के ऋण में वह गारंटर बताया गया है। इस मामले का खुलासा, तब हुआ जब फाइनेंस कंपनी द्वारा आर्बिट्रेटर से अवॉर्ड पास करवा लिया और फिर हिसार कोर्ट में याचिका दायर कर दी और कोर्ट ने कृष्ण को इस बारे में समन तक जारी कर दिया। मामले में उसने 10 मार्च को पुलिस अधीक्षक को शिकायत की थी। लेकिन मामला कोर्ट का बताकर फाइल कर दिया। अब 30 जुलाई, 2021 को पुलिस महानिरीक्षक को शिकायत की तो भी यह मामला कोर्ट का बताते हुए फाइल कर दिया गया।
पहले बेचता था चाय, लॉकडाउन के बाद कर रहा मजदूरी
कृष्ण कुमार ने बताया कि यह सैनिक छावनी बस स्टैंड के पास चाय की दुकान चलाकर अपना गुजारा करता था, लेकिन लाकडाउन के कारण वह दुकान बंद करनी पड़ गई। अब मजदूर करता हूं। लॉकडाउन-1 से पहले मार्च, 2020 को उसको रजिस्टर्ड पोस्ट से हिसार कोर्ट का समन मिला। समन की तारीख पर कोर्ट में पेश हो गया, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया और फिर लॉकडाउन लग गया। इसी दौरान दो और कंपनियों के आर्बिट्रेशन अवॉर्ड रजिस्टर्ड पोस्ट से मिले को किसी अधिवक्ता से मुलाकात की। कृष्ण का आरोप है कि यह कोई गिरोह है, जिन्होंने उसके नाम से गाड़ियां खरीद रखी हैं।
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फर्जी फाइनेंस, फर्जी रजिस्ट्रेशन के यह है तीन मामले
केस 1: जयपुर के एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के अमित सिहाग की तरफ से दायर एक केस में दावा किया गया है कि वाहन टाटा एलपीटी 1109, एचआर 62 4992 की खरीद की एवज में लिए गए ऋण में कृष्ण गारंटर है और आर्बिट्रेटर कोर्ट ने उसके खिलाफ चार लाख, 40 हजार, 325 रुपये की वसूली का अवॉर्ड जारी कर दिया।
केस 2: मुंबई के एचडीबी फाइनेंस सर्विस लिमिटेड की तरफ से दायर केस में दावा किया गया है कि कृष्ण ने आईशर कैंटर नंबर एचआर 30डी 1665 खरीदने के लिए ऋण लिया है और मां लक्ष्मी देवी इसमें गारंटर है। असलियत में उसकी मां का नाम कमला देवी है और लक्ष्मी देवी उसकी दस साल की बेटी है। इस ऋण में आर्बिट्रेटर कोर्ट ने कृष्ण के खिलाफ पांच लाख, 72 हजार, 409 रुपये का अवॉर्ड जारी किया हुआ है।
मामला नंबर 3: चोलामंडलम इनवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी के सुनील की तरफ से दावा किया गया है कि कृष्ण कुमार ने 24 अप्रैल, 2017 को ऋण लेकर वीएफ प्राइम इकोमेट एचआर 39डी 6048 कैंटर वाहन खरीदा। इस ऋण की एवज में आर्बिट्रेटर कोर्ट ने कृष्ण के खिलाफ 11 लाख, 83 हजार, 628 रुपये का अवॉर्ड जारी कर दिया है।
मेरे पास आईजी कार्यालय से यह शिकायत आई थी। जिस पर कृष्ण को शामिल तफ्तीश किया गया था। कृष्ण ने बताया कि उसका मामला कोर्ट में चल रहा है। जिस पर हमने आईजी कार्यालय को जवाब लिख दिया था। - विक्रांत, हेड कांस्टेबल, सदर थाना हिसार
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कृष्ण ने बताया कि कागजों में उसके नाम दो कैंटर हैं और एक कैंटर के ऋण में वह गारंटर बताया गया है। इस मामले का खुलासा, तब हुआ जब फाइनेंस कंपनी द्वारा आर्बिट्रेटर से अवॉर्ड पास करवा लिया और फिर हिसार कोर्ट में याचिका दायर कर दी और कोर्ट ने कृष्ण को इस बारे में समन तक जारी कर दिया। मामले में उसने 10 मार्च को पुलिस अधीक्षक को शिकायत की थी। लेकिन मामला कोर्ट का बताकर फाइल कर दिया। अब 30 जुलाई, 2021 को पुलिस महानिरीक्षक को शिकायत की तो भी यह मामला कोर्ट का बताते हुए फाइल कर दिया गया।
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पहले बेचता था चाय, लॉकडाउन के बाद कर रहा मजदूरी
कृष्ण कुमार ने बताया कि यह सैनिक छावनी बस स्टैंड के पास चाय की दुकान चलाकर अपना गुजारा करता था, लेकिन लाकडाउन के कारण वह दुकान बंद करनी पड़ गई। अब मजदूर करता हूं। लॉकडाउन-1 से पहले मार्च, 2020 को उसको रजिस्टर्ड पोस्ट से हिसार कोर्ट का समन मिला। समन की तारीख पर कोर्ट में पेश हो गया, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया और फिर लॉकडाउन लग गया। इसी दौरान दो और कंपनियों के आर्बिट्रेशन अवॉर्ड रजिस्टर्ड पोस्ट से मिले को किसी अधिवक्ता से मुलाकात की। कृष्ण का आरोप है कि यह कोई गिरोह है, जिन्होंने उसके नाम से गाड़ियां खरीद रखी हैं।
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फर्जी फाइनेंस, फर्जी रजिस्ट्रेशन के यह है तीन मामले
केस 1: जयपुर के एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के अमित सिहाग की तरफ से दायर एक केस में दावा किया गया है कि वाहन टाटा एलपीटी 1109, एचआर 62 4992 की खरीद की एवज में लिए गए ऋण में कृष्ण गारंटर है और आर्बिट्रेटर कोर्ट ने उसके खिलाफ चार लाख, 40 हजार, 325 रुपये की वसूली का अवॉर्ड जारी कर दिया।
केस 2: मुंबई के एचडीबी फाइनेंस सर्विस लिमिटेड की तरफ से दायर केस में दावा किया गया है कि कृष्ण ने आईशर कैंटर नंबर एचआर 30डी 1665 खरीदने के लिए ऋण लिया है और मां लक्ष्मी देवी इसमें गारंटर है। असलियत में उसकी मां का नाम कमला देवी है और लक्ष्मी देवी उसकी दस साल की बेटी है। इस ऋण में आर्बिट्रेटर कोर्ट ने कृष्ण के खिलाफ पांच लाख, 72 हजार, 409 रुपये का अवॉर्ड जारी किया हुआ है।
मामला नंबर 3: चोलामंडलम इनवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी के सुनील की तरफ से दावा किया गया है कि कृष्ण कुमार ने 24 अप्रैल, 2017 को ऋण लेकर वीएफ प्राइम इकोमेट एचआर 39डी 6048 कैंटर वाहन खरीदा। इस ऋण की एवज में आर्बिट्रेटर कोर्ट ने कृष्ण के खिलाफ 11 लाख, 83 हजार, 628 रुपये का अवॉर्ड जारी कर दिया है।
मेरे पास आईजी कार्यालय से यह शिकायत आई थी। जिस पर कृष्ण को शामिल तफ्तीश किया गया था। कृष्ण ने बताया कि उसका मामला कोर्ट में चल रहा है। जिस पर हमने आईजी कार्यालय को जवाब लिख दिया था। - विक्रांत, हेड कांस्टेबल, सदर थाना हिसार