फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   The injured denied firing the gun, and in the absence of evidence, Vinod Panu and 12 others were acquitted.

Hisar News: घायल ने गोली चलने से किया इन्कार, सबूतों के अभाव में विनोद पानू सहित 12 को किया बरी

Sun, 23 Aug 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 23 Aug 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
The injured denied firing the gun, and in the absence of evidence, Vinod Panu and 12 others were acquitted.
हिसार। अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश सौरव खत्री की अदालत ने वर्ष 2021 के हत्या के प्रयास के मामले में गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा समेत 12 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। 20 अगस्त को सुनाए 33 पेज के फैसले में अदालत ने अभियोजन के साक्ष्यों और पुलिस की जांच पर सवाल उठाए।
विज्ञापन

ट्रायल के दौरान घायल एवं शिकायतकर्ता रामअवतार ने आरोपियों की पहचान करने से इन्कार कर दिया। उसने कहा कि 5 नवंबर 2021 की रात खेत से ट्रैक्टर लेकर घर लौटते समय एक बाइक सवार उसके सामने आया था। टक्कर के बाद दोनों में कहासुनी हुई और बाइक सवार ने उसे थप्पड़ मारे। रामअवतार ने अदालत में कहा कि मोटरसाइकिल सवार का चेहरा ढका हुआ था। इसलिए वह उसे पहचान नहीं सका। उसने यह भी स्पष्ट किया कि मौके पर कोई आरोपी मौजूद नहीं था और किसी ने उस पर गोली नहीं चलाई। अभियोजन की जिरह में भी उसने आरोपियों की भूमिका से इनकार किया। अदालत ने माना कि अभियोजन का मामला मुख्य रूप से इसी व्यक्ति की गवाही पर टिका था। उसकी गवाही से अभियोजन के तथ्य व तर्क कमजोर हो गए। बरी होने वालों में विनोद पानू उर्फ काणा, कुलदीप उर्फ बुदिया, कुलदीप, सागर, बलजीत, संदीप, सुरेंद्र, प्रदीप, रोहित, नरेंद्र, सज्जन और मुकेश शामिल हैं। सुनील उर्फ काला उर्फ बलवंत के खिलाफ कार्रवाई 20 सितंबर 2024 को ही ड्रॉप हो चुकी थी।
विज्ञापन

मेडिकल रिपोर्ट में भी गोली की पुष्टि नहीं
रामअवतार की एमएलआर में माथे पर खरोंच और कमर के निचले हिस्से में दर्द की रिपोर्ट है। डॉक्टर ने चोटों को साधारण बताया। अदालत में डॉक्टर ने कहा कि चोट के आसपास कालिख या टैटूइंग जैसे फायर इंजरी के निशान नहीं थे। पुलिस ने चोट किस हथियार से लगी, इस संबंध में डॉक्टर की राय भी नहीं ली थी। अदालत ने माना कि मेडिकल साक्ष्य से चोट गोली लगने से हुई, यह साबित नहीं हो सका। पुलिस ने वारदात के अगले दिन घटनास्थल की जांच की। वहां कोई खाली कारतूस नहीं मिला। इसके बावजूद 6 दिसंबर 2021 को कुलदीप उर्फ बुदिया की निशानदेही पर .32 बोर का खाली कारतूस बरामद करने का दावा किया गया। अदालत ने इस बरामदगी पर सवाल उठाए। कथित .32 बोर पिस्टल और कारतूस को एफएसएल नहीं भेजा गया। इसलिए यह साबित नहीं हो सका कि कारतूस उसी पिस्टल से चला था या घटना में इस्तेमाल हुआ था। अदालत ने पुलिस हिरासत में दिए गए कथित डिस्कलोजर स्टेटमेंट को साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 और 26 के तहत स्वीकार्य नहीं माना। घटनास्थल की निशानदेही भी प्रभावी साक्ष्य नहीं बनी क्योंकि पुलिस पहले ही साइट प्लान तैयार कर चुकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed