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Hisar News: दहलीज में सिसक रहीं दर्द की कहानियां
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जिला नागरिक अस्पताल स्थित सुकून केंद्र।
हिसार। घर की दहलीज के भीतर कई महिलाएं और बच्चे उत्पीड़न का दर्द चुपचाप सहते रहते हैं। डर, संकोच और पारिवारिक दबाव उनकी आवाज को दबा देते हैं और दर्द की कहानियां अपनों के बीच ही सिसकती रह जाती हैं। ऐसे पीड़ितों को सहारा देने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में संचालित सुकून केंद्र में सितंबर 2026 तक 1009 मामलों की काउंसलिंग की गई।
नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसर्च सेंटर की पहल पर चल रहे केंद्र में प्रधान चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. रीना जैन के मार्गदर्शन में जिला सुकून काउंसलर राहुल शर्मा पीड़ितों को उनकी परिस्थितियों के अनुसार परामर्श देते हैं और सहायता सेवाओं तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं।
घरेलू हिंसा के 450 मामले आए
राहुल शर्मा के अनुसार, कुल मामलों में 465 बाल अपराध एवं यौनिक हिंसा से जुड़े थे, जो 46.08 प्रतिशत हैं। घरेलू हिंसा के 450 मामले (44.60 प्रतिशत) और मानसिक उत्पीड़न के 94 मामले (9.32 प्रतिशत) सामने आए।
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हर मामले की परिस्थिति अलग
घरेलू हिंसा के मामलों में नशे की लत, आर्थिक तनाव, आपसी विवाद और परिवार के सदस्यों के बीच संवाद की कमी समस्या को गंभीर बना सकती है। ऐसे में पीड़ित की बात सुनना, उसकी जरूरत समझना, सुरक्षा को प्राथमिकता देना और उसे उपलब्ध सहायता सेवाओं से जोड़ना जरूरी है।
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नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसर्च सेंटर की पहल पर चल रहे केंद्र में प्रधान चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. रीना जैन के मार्गदर्शन में जिला सुकून काउंसलर राहुल शर्मा पीड़ितों को उनकी परिस्थितियों के अनुसार परामर्श देते हैं और सहायता सेवाओं तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं।
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घरेलू हिंसा के 450 मामले आए
राहुल शर्मा के अनुसार, कुल मामलों में 465 बाल अपराध एवं यौनिक हिंसा से जुड़े थे, जो 46.08 प्रतिशत हैं। घरेलू हिंसा के 450 मामले (44.60 प्रतिशत) और मानसिक उत्पीड़न के 94 मामले (9.32 प्रतिशत) सामने आए।
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हर मामले की परिस्थिति अलग
घरेलू हिंसा के मामलों में नशे की लत, आर्थिक तनाव, आपसी विवाद और परिवार के सदस्यों के बीच संवाद की कमी समस्या को गंभीर बना सकती है। ऐसे में पीड़ित की बात सुनना, उसकी जरूरत समझना, सुरक्षा को प्राथमिकता देना और उसे उपलब्ध सहायता सेवाओं से जोड़ना जरूरी है।