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नागरिक अस्पताल में पहली बार कैंसर पीड़ित बुजुर्ग का सफल ऑपरेशन

Sat, 17 Jul 2021 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jul 2021 12:03 AM IST
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Successful operation of cancer patient for the first time in civil hospital
हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में पहली बार 84 साल के बुजुर्ग के फेफड़ों की कैंसर निकालने का सफल ऑपरेशन हुआ है। अस्पताल के सर्जन डॉ. राजीव डाबला और सर्जन डॉ. विनोद तरड़ की टीम ने शुक्रवार को इस बुजुर्ग का ऑपरेशन किया है। अभी चिकित्सकों ने बुजुर्ग को अस्पताल के वार्ड में ही दाखिल किया है, जिसका कुछ दिन इलाज चलेगा। खाने-पीने से लेकर बुजुर्ग की तबीयत में सुधार होने पर ही उसे अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेजा जाएगा। खास बात यह है कि डॉ. राजीव डाबल और उनकी टीम ने सप्ताहभर में कैंसर संबंधित करीब 15 ऑपरेशन कर चुके हैं। इसमें सर्जन डॉ. कर्मवीर, एनेस्थीसिया डॉ. राजीव तंवर, डॉ. पल्लवी, डॉ. नीलिमा, डॉ. मोहित, ओटी से रंजीत, सुरेश, संदीप और योगेश शामिल है, जो सहयोग दे रहे।
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चिकित्सकों के मुताबिक बुजुर्ग मरीज शहर की एक कॉलोनी का रहने वाला है। मरीज को एक से डेढ़ माह से यूरिन में ब्लीडिंग हो रही थी, जिस कारण वह काफी समय से परेशान था। इससे पहले भी बुजुर्ग का गदूद (प्रोस्टेट) बीमारी का ऑपरेेशन हो चुका है। यह ऑपरेशन उसने निजी अस्पताल में करवाया था। करीब 8 सालों से बुजुर्ग कोई दवा नहीं ले रहा था और अब अचानक उसे ब्लीडिंग शुरू हुई। इसके बाद बुजुर्ग जिला अस्पताल में पहुंचा।
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ब्लीडिंग अधिक होने से खून की कमी हुई तो चढ़ाना पड़ा खून
डॉ. राजीव डाबला ने बताया कि मरीज को कैंसर होने की आशंका नहीं थी। जब मरीज का ब्लड एवं यूरिन टेस्ट करवाया तो शक हुआ। इसलिए उसका सीटी स्कैन करवाया तो कैंसर की गांठ बनी हुई मिली। जोकि 9 गुना 7 सेंटिमीटर की थी। ऐसी स्थिति में ब्लीडिंग ही होती है। इसका ऑपरेशन ही एकमात्र उपाय था, जो सफल हुआ। ब्लीडिंग अधिक होने के कारण मरीज में खून की कमी हो गई थी। इसलिए पहले मरीज को खून भी चढ़ाना पड़ा। इसके बाद ऑपरेशन के लिए फिजिकल फिटनेस में फिट हुआ है।
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कैंसर की दूसरी स्टेज थी
विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर की चार स्टेज होती है और इस समय बुजुर्ग में कैंसर दूसरी स्टेज में थी। इसका ऑपरेशन ही इकमात्र इलाज है। पहली स्टेज में कैंसर की शुरूआत होती है और दूसरी स्टेज में कैंसर की गांठें बननी शुरू हो जाती है। उसी स्थिति में ऑपरेशन ठीक होता है। तीसरी स्टेज में कैंसर आसपास के हिस्से में भी फैलना शुरू हो जाती है। चौथी स्टेज में यह ब्रेन से लेकर दिमाग तक फैल जाती है। ऐसी स्थिति में मरीज की हालत गंभीर हो जाती है और ऑपरेशन भी नहीं हो पाता। इसलिए शुरू में ही दिक्कत होने पर ऑपरेशन कराएं।
निजी अस्पताल में आता है डेढ़ से दो लाख का खर्च
विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर किसी भी हिस्से में बन सकती है। इस तरह से फेफड़ों में बनी कैंसर का ऑपरेशन निजी अस्पताल में डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्चा आता है। मगर जिला अस्पताल में यह ऑपरेशन निशुल्क हुआ है। इसके लिए कैंसर से संबंधित ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल में हार्मोनिक और लिगस्योर एनर्जी मशीन आई हुई है।

शुक्रवार को हमने 84 वर्षीय मरीज का कैंसर ऑपरेशन किया है। उसके फेफड़ों में कैंसर की गांठ थी। मरीज को एक माह से यूरीन में ब्लीडिंग थी, जिस कारण हालत गंभीर थी और हमारे लिए बड़ी चुनौती। फिर भी हमारी टीम ने ऑपरेशन सफल किया। - डॉ. राजीव डाबला, सर्जन एवं कैंसर संबंधित, नागरिक अस्पताल, हिसार।
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